मंदिर में यह चल क्या रहा है?
फरीदाबाद के एक मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर विवाद सामने आया है। स्वयं को शिव भक्त बताने वाली मोनिका भाटिया ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मंदिर के मुख्य द्वार पर सुबह और शाम गौ माता तथा एक बैल पहुंच गए, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों ने उन्हें हटाने की कोई कोशिश नहीं की।
मोनिका भाटिया का दावा है कि जब उन्होंने मंदिर के बाहर इस स्थिति का वीडियो बनाना शुरू किया, तो ड्यूटी पर तैनात एक महिला सिक्योरिटी गार्ड ने उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया और उन्हें रिकॉर्डिंग करने से रोकने का प्रयास किया।
"मुझे और मेरी माताजी को ही निशाना बनाया जाता है"
मोनिका भाटिया का आरोप है कि मंदिर में कई श्रद्धालु फोटो और वीडियो बनाते हैं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ उन्हें और उनकी माताजी को रोकने के लिए की जाती है। उनका कहना है कि यह व्यवहार भेदभावपूर्ण है।
सिक्योरिटी गार्ड की कार्यशैली पर भी सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित सिक्योरिटी गार्ड ड्यूटी के दौरान अक्सर मोबाइल फोन पर व्यस्त रहती हैं, अन्य लोगों के साथ बातचीत करती हैं और अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करतीं। उनका यह भी आरोप है कि मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था लापरवाही का शिकार है।
ARCS के नाम पर लगाए गए बोर्ड पर भी उठाया सवाल
मोनिका भाटिया ने दावा किया कि मंदिर परिसर में लगाए गए एक बोर्ड को लेकर उन्हें बताया गया था कि यह ARCS के निर्देश पर लगाया गया है। हालांकि, उनके अनुसार संबंधित अधिकारी ने इस तरह का कोई निर्देश जारी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके पास वीडियो भी मौजूद हैं।
प्रबंधन से कार्रवाई की मांग
मोनिका भाटिया ने मंदिर प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने और श्रद्धालुओं के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल मंदिर प्रबंधन या संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।