रणथंभौर से खबर राकेश अग्रवाल जिला संवाददाता
रणथंभौर नेशनल पार्क और उसके आसपास प्लास्टिक फेंका गया कचरा और प्लास्टिक वन्यजीवों के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। जब चीतल, सांभर, बंदर या अन्य जंगली जानवर प्लास्टिक और खाद्य अपशिष्ट खाते हैं, तो यह उनके स्वास्थ्य और जीवन के लिए बेहद घातक साबित होता है।
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर सख्त प्रतिबंध: पार्क क्षेत्र और आसपास के मुख्य मार्गों पर प्लास्टिक की बोतलों, पॉलिथीन और रैपर्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगानी चाहिए।
सख्त निगरानी व चालान: जिप्सी, कैंटर और पर्यटकों द्वारा कचरा फैलाने पर कड़े नियम और भारी जुर्माना लागू किया जाना चाहिए।
नियमित स्वच्छता अभियान: पार्क के प्रवेश द्वारों और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय स्वयंसेवकों और वन विभाग द्वारा लगातार साफ-सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए।हम वही बताना चाहते हैं जो सच क्या है और सच है लेकिन कम लोग ही दिखाना चाहते हैं आखिरकार क्या जिम्मेदारी है रणथंभौर नेशनल पार्क त्रिनेत्र गणेश मंदिर से निकला हुआ कचरा जंगल के जानवर खा रहे हैं वन विभाग के अधिकारियों से निवेदन किया जाता है कि जिन्होंने कचरा फैलाया उनके खिलाफ कानून कार्रवाई करें कचरा उठाने की जिम्मेदारी किसकी है गणेश मंदिर से निकाल कचरा रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर के कर्मचारियों की जिम्मेदारी है तो फिर लापरवाही क्यों गणेश मंदिर के भक्तों के लिए आने वाली यात्रियों के लिए सुविधाओं जीरो आखिरी ऐसा क्यों कब तक चलता रहेगा गणेश मंदिर ट्रस्ट कमेटी जिम्मेदारी क्या है