बाढ़ की गंभीरता और ग्रामीणों की परेशानी को उभारते हुए फेसबुक पर शेयर करने के लिए यह दमदार कंटेंट बेहतर रहेगा:
🌊 बाढ़ में इंसानों के साथ अब बेजुबानों का भी इम्तिहान!
🐄 खेतों का चारा डूबा तो नाव लेकर नरकुल काटने निकल पड़े पशुपालक
करनपुर घाट में बाढ़ ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ा हरा चारा पानी में डूबकर खराब हो चुका है। अब पशुओं का पेट भरना पशुपालकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण नाव के सहारे कटरी क्षेत्र तक पहुंचकर नरकुल काट रहे हैं और नाव में भरकर गांव ला रहे हैं। मजबूरी में बाढ़ के पानी के बीच ही मवेशियों को चारा खिलाना पड़ रहा है।
एक तरफ ग्रामीण खुद बाढ़ के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनके बेजुबान पशु भी चारे के लिए मोहताज हैं। गीला चारा खाने और पानी में लगातार रहने से पशुओं के बीमार पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में इंसानों के लिए राहत के साथ-साथ पशुओं के लिए हरा चारा, भूसा और पशु आहार की तत्काल व्यवस्था कराई जाए।
🙏 बाढ़ सिर्फ घरों तक नहीं पहुंची है, इसने बेजुबानों के निवाले का संकट भी खड़ा कर दिया है।
📍 करनपुर घाट | अमृतपुर
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