विद्यालयों की स्थायी मान्यता को लेकर शिक्षकों ने उठाई आवाज, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संतकबीरनगर में अखिल भारतीय असहायिक शिक्षक संघ ने विद्यालयों की स्थायी एवं अस्थायी मान्यता से जुड़े नियमों में स्पष्टता की मांग को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा है।
संघ के जिलाध्यक्ष परवेज अख्तर ने बताया कि प्रदेश के सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों को स्थायी मान्यता संबंधी स्पष्ट नियम और प्रमाण पत्र उपलब्ध न होने के कारण कई प्रकार की व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा भवन निर्माण, वाहन या अन्य ऋण स्वीकृत करने के लिए विद्यालय की स्थायी मान्यता का प्रमाण मांगा जाता है, लेकिन विभाग की ओर से ऐसा कोई अलग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता। इसके चलते विद्यालय प्रबंधकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
संघ ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्तमान नियमों के अनुसार यदि किसी विद्यालय की तीन वर्ष की मान्यता अवधि पूरी हो जाती है, तो उसे स्वतः स्थायी मान्यता प्राप्त मानी जानी चाहिए। इसके बावजूद स्पष्ट शासनादेश और प्रमाणन व्यवस्था के अभाव में बैंक एवं अन्य संस्थाएं इसे स्वीकार करने में संकोच करती हैं।
अखिल भारतीय असहायिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस विषय में स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाए तथा स्थायी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए प्रमाणित अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं, जिससे प्रदेश के हजारों विद्यालयों और उनके प्रबंधकों को राहत मिल सके।