रुद्रप्रयाग के खलियान बांगर और पुजारगांव में आपदा का कहर, खेत-खलिहान तबाह, संपर्क मार्ग ध्वस्त
युवा नेता मोहित डिमरी ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, तत्काल राहत और मुआवजे की उठाई मांग
रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के खलियान बांगर और पुजारगांव में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचा दी है। मूसलाधार बारिश और अतिवृष्टि के कारण गांवों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। किसानों के खेत, खलिहान और नगदी फसलें मलबे और तेज बहाव की भेंट चढ़ गई हैं, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
आपदा के चलते पेयजल योजनाएं, सिंचाई नहरें और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली पुलियाएं और संपर्क मार्ग बह जाने से कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है। खलियान बांगर में एक महिला का आवासीय मकान भी आपदा की चपेट में आकर पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिससे परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है।
क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण कृषि एवं सब्जी उत्पादन पर निर्भर हैं। ऐसे में सब्जियों और नगदी फसलों के नष्ट होने से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आर्थिक रीढ़ टूट गई है और अब उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना भी चुनौती बन गया है।
युवा नेता मोहित डिमरी पहुंचे ग्राउंड जीरो पर
आपदा की सूचना मिलते ही रुद्रप्रयाग विधानसभा से पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों, बह चुके खेतों और टूटे संपर्क मार्गों का जायजा लेने के साथ ही पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मोहित डिमरी ने मौके से ही जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से दूरभाष पर वार्ता कर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रशासनिक टीम भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा
मोहित डिमरी की पहल के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी, तहसीलदार सहित लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान और अन्य संबंधित विभागों की टीमें तत्काल प्रभावित गांवों में पहुंचीं। अधिकारियों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में आपदा से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार की तथा राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों की रूपरेखा बनाई।
"पीड़ितों को तत्काल मिले मुआवजा" — मोहित डिमरी
मीडिया से बातचीत में युवा नेता मोहित डिमरी ने कहा कि यह आपदा क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए बेहद दुखद और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा,
"खलियान बांगर और पुजारगांव में किसानों की मेहनत, उनकी फसलें और आजीविका सब कुछ प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है, लेकिन हमारी मांग है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों, पेयजल योजनाओं, सिंचाई नहरों और विद्युत व्यवस्था को युद्धस्तर पर बहाल किया जाए ताकि लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।"
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी प्रभावित ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजी जाएगी तथा नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक राहत और पुनर्वास कार्य धरातल पर नहीं उतरते, तब तक उनकी कठिनाइयां कम नहीं होंगी।
क्षेत्र में हुई इस आपदा ने एक बार फिर पहाड़ों में प्राकृतिक आपदाओं की भयावहता को उजागर कर दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि प्रभावित परिवारों को कितनी जल्दी राहत और पुनर्वास का लाभ मिल पाता है। #facebookreelsviral #facebookreels #kedarnath #BreakingNews #NewsUpdate #report #uttarakhand #instagram#rainyday #womensupportingwomen