कूड़े के कनस्तर में फंसा जंगली भालू, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
डलहौजी में मचा हड़कंप, खाने की तलाश में आबादी में पहुंचा था भालू; मक्की का सीजन शुरू होने से बढ़ी मानव-वन्यजीव संघर्ष की चिंता
डलहौजी, चंबा। उपमंडल डलहौजी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जंगल से निकलकर एक जंगली भालू आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। खाने की तलाश में भालू ने कूड़े के कनस्तर में अपना मुंह डाल दिया, लेकिन कनस्तर उसके सिर में ही फंस गया।
सिर में कनस्तर फंसने के बाद भालू काफी देर तक परेशान होकर इधर-उधर भटकता रहा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू को सुरक्षित रेस्क्यू करने का अभियान शुरू किया।
वन विभाग की टीम ने भालू को नियंत्रित करने के लिए उसके गले में रस्सी डालने का प्रयास किया। हालांकि भालू की ताकत के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन आसान नहीं था। रस्सी के सहारे उसे नियंत्रित करने की कोशिश के बावजूद भालू पहाड़ी की ओर बढ़ता रहा।
काफी मशक्कत और स्थानीय लोगों की मदद के बाद भालू सड़क तक पहुंचा, जहां वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर अपने साथ ले गई।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती
यह घटना केवल एक वन्यजीव के रेस्क्यू तक सीमित नहीं है, बल्कि चंबा के पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है।
मक्की की फसल का सीजन नजदीक आने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खेतों की ओर जंगली भालुओं की आवाजाही बढ़ने की आशंका रहती है। भोजन की तलाश में भालू जंगल से निकलकर खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं।
ऐसे में किसानों के सामने एक ओर अपनी फसल को बचाने की चुनौती रहती है, तो दूसरी ओर जंगली भालुओं के अचानक सामने आने से सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है। पूर्व में ऐसे मामलों में लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
वन विभाग के लिए भी चंबा जैसे पहाड़ी और विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखना बड़ी चुनौती है।
PANGI LIVE NEWS लोगों से अपील करता है कि जंगली भालू या किसी अन्य वन्यजीव के आबादी में आने पर उसके करीब जाने, उसे घेरने या उकसाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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Chamba, Chamba | Sep 19, 2026