शक्ति माता मंदिर सरोल में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का श्रद्धा एवं उल्लास के साथ समापन
सात दिनों तक गूंजा हरिनाम संकीर्तन, भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
Pangi Live News
चम्बा, 19 सितम्बर। शक्ति माता मंदिर सरोल में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का सप्तम एवं अंतिम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ विधिवत संपन्न हुआ। कथा का वाचन पूज्य आचार्य महेश चैतन्य जी महाराज ने अपनी मधुर एवं प्रभावशाली वाणी से किया। सात दिनों तक उन्होंने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न दिव्य प्रसंगों का रसपान करवाया।
कथा के अंतिम दिवस मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव से कथा का श्रवण किया और हरिनाम संकीर्तन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सामूहिक संकीर्तन से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
मनमोहक झांकियां बनीं विशेष आकर्षण
सात दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन विभिन्न देवी-देवताओं एवं भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूपों की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं। झांकियों के माध्यम से कथा के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे श्रद्धालुओं का आध्यात्मिक जुड़ाव और अधिक गहरा हुआ।
भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं तथा अन्य धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। मंदिर परिसर में पूरे सप्ताह भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
भक्ति, धर्म और सदाचार का दिया संदेश
कथा के दौरान आचार्य महेश चैतन्य जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से भक्ति, धर्म, सदाचार, संस्कार और सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन में सकारात्मक संस्कार, भक्ति और सेवा भावना को मजबूत करने की प्रेरणा भी देता है।
कथा के विधिवत समापन पर आयोजकों एवं श्रद्धालुओं ने मां शक्ति और भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में कृतज्ञता अर्पित की। साथ ही आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी लोगों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
कल होगा हवन, पूर्णाहुति और भंडारा
आयोजकों के अनुसार कथा सप्ताह के उपरांत कल प्रातः 10:30 बजे से 11:30 बजे तक हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था रहेगी।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से हवन एवं पूर्णाहुति में सहभागी बनने तथा प्रसाद ग्रहण कर इस पावन आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।
“श्रीमद्भागवत कथा केवल कथा-श्रवण नहीं, बल्कि जीवन में भक्ति, संस्कार, सदाचार, सेवा और ईश्वर के प्रति समर्पण का प्रकाश जगाने वाली दिव्य साधना है।”
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Chamba, Chamba | Sep 19, 2026