दो दिन का आश्वासन, फिर भी गिरफ्तारी नहीं… प्रदीप के परिवार के आत्महत्या प्रयास किया खबर से मचा हड़कंप, कटघरे में पुलिस की कार्यशैली
Jalaun Police
जालौन। प्रदीप वर्मा की मौत के मामले में एक बार फिर जालौन पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कार्रवाई न होने से मृतक का परिवार बेहद आहत और आक्रोशित है। इसी बीच परिवार द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की बात सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है।
प्रदीप की मौत से पहले सामने आए वीडियो में उसने कथित उत्पीड़न की बात कहते हुए कुछ लोगों के नाम बताए थे। पोस्टमार्टम के बाद शव जालौन पहुंचने पर परिजनों ने जालौन-औरैया मार्ग पर रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने शव रखकर जाम लगा दिया था। उस दौरान पुलिस ने परिवार को दो दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था।
लेकिन दो दिन गुजर गए और गिरफ्तारी नहीं हुई। इसके बाद रात करीब 10 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें मृतक की पत्नी और बच्चे रोते-बिलखते हुए दिखाई दे रहे हैं। परिवार पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की गुहार लगाता नजर आ रहा है।
‘अगर गिरफ्तारी नहीं करनी थी तो आश्वासन क्यों?’
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी करनी ही नहीं थी तो परिजनों को दो दिन का आश्वासन क्यों दिया गया? क्या यह आश्वासन सिर्फ सड़क पर लगा जाम खुलवाने तक सीमित था?
एक तरफ सरकार लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले में गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या आरोपी खुलेआम घूमते रहेंगे और पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकता रहेगा?
जालौन में सामने आए इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस कथित आरोपियों तक कब पहुंचती है और परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।
फिलहाल प्रदीप के परिवार का दर्द, रात में वायरल हुआ वीडियो और गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवाल पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
Jalaun, Jalaun | Aug 19, 2026