प्रेस विज्ञप्ति
नालन्दा।
जिला जनसंपर्क कार्यालय, नालन्दा।
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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना अंतर्गत डीएम श्रीमती उदिता सिंह ने नेशनल हाई स्कूल की छात्राओं के साथ किया सीधा संवाद
कहा—गलत घटना को सहें नहीं, आवाज उठाएं और तत्काल सूचना दें*
डीएम का संदेश—“चुप नहीं रहिए, कहिए
साइबर सुरक्षा को लेकर भी किया जागरूक
बिहारशरीफ (नालन्दा), 26 सितंबर 2026। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत नालन्दा की जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने आज अपने कार्यालय कक्ष में नेशनल हाई स्कूल, शेखाना की छात्राओं के साथ संवाद किया।
इस दौरान उन्होंने छात्राओं से विभिन्न विषयों पर खुलकर बातचीत करते हुए उन्हें निर्भय रहने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी गलत घटना के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली एवं जनहित में संचालित विभिन्न सेवाओं की जानकारी देना तथा उन्हें यह संदेश देना था कि अपने साथ अथवा आसपास होने वाली किसी भी गलत घटना को चुपचाप सहन न करें। ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक अथवा संबंधित प्रशासनिक तंत्र को दें। आवश्यकता पड़ने पर टोल-फ्री हेल्पलाइन 181 अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर भी सूचना दी जा सकती है, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।।
*छात्राओं को कराया गया प्रशासनिक कार्यालयों का एक्सपोजर विजिट*
कार्यक्रम से पूर्व छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए प्रमुख प्रशासनिक कार्यालयों का एक्सपोजर विजिट कराया गया:
1. वन स्टॉप सेंटर (सदर अस्पताल, द्वितीय तल):
छात्राओं को महिलाओं एवं बालिकाओं को संकट के समय मिलने वाली आपातकालीन, चिकित्सीय, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।
2. आई.सी.सी.सी. (ICCC - Integrated Command and Control Centre):
यहाँ छात्राओं को शहर की अत्याधुनिक डिजिटल सुरक्षा प्रणाली से अवगत कराया गया। उन्हें दिखाया गया कि कैसे 491 कैमरों के जरिए शहर पर लाइव नजर रखी जाती है, 15 प्रमुख क्षेत्रों में 'पब्लिक एड्रेसल सिस्टम' से आपातकालीन घोषणाएं होती हैं, और 10 स्थानों पर लगे 'इमरजेंसी कॉल बॉक्स' से एक बटन दबाकर तुरंत सहायता मिलती है।
3. जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय:
छात्राओं को लोक शिकायत निवारण की पारदर्शी व्यवस्था समझाई गई, जहाँ नागरिकों की समस्याओं का समाधान निर्धारित 60 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाता है।
डीएम का प्रेरणादायक संवाद: "चुप नहीं रहिए, कहिए"
भ्रमण के उपरांत जिला पदाधिकारी के साथ उनके कार्यालय कक्ष में विशेष प्रेरणादायक संवाद हुआ, जिसमें छात्राओं के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर चर्चा की गई:
• परिचय एवं अनुभव: कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं के परिचय और महत्वाकांक्षाओं से हुई। छात्राओं ने बताया कि कार्यालयों के इस भ्रमण से उन्हें प्रशासनिक कार्यशैली की ऐसी जानकारियां मिलीं, जिनसे वे पहले अवगत नहीं थीं।
• जमुई की घटना पर खुली चर्चा और स्पष्ट संदेश: डीएम ने छात्राओं से हाल ही में जमुई में हुई एक घटना पर उनकी राय जानी। उन्होंने पूछा कि गलती किसकी थी—शाम के समय दोस्त के साथ घूम रही छात्रा की, घटना को अंजाम देने वाले की, या फिर घटना के बावजूद प्रशासन को सूचना न देने वालों की? उन्होंने स्पष्ट किया कि "लड़कियों का रात में घूमना या कहीं जाना गलत नहीं होता है, उनके साथ हुई घटना गलत होता है, और उससे भी गलत हुई घटना को सहना और उसकी सूचना प्रशासन को न देना होता है।"
• अपराधियों पर शिकंजा और सूचना की अनिवार्यता: डीएम ने समझाया कि छेड़खानी जैसी घटनाएं होती हैं, पर सूचना के अभाव में कई बार त्वरित कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि "जिस प्रकार घर में चोरी होने पर चोर गलत होता है, घर बनाने वाला नहीं; उसी प्रकार घटना करने वाला गलत होता है, न कि जिसके साथ घटना घटित होती है।"
• सुरक्षा व्यवस्था और गोपनीयता: छात्राओं को आश्वस्त किया गया कि महिलाओं और लड़कियों के प्रति प्रशासन बेहद संवेदनशील है। अब पेट्रोलिंग के लिए 'महिला सिपाही दीदी' भी स्कूटी से जगह-जगह सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है।
छात्राओं की समस्या पर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई
संवाद के दौरान नेशनल हाई स्कूल की छात्राओं ने अपने विद्यालय के वाशरूम में साफ-सफाई न होने और सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन की उपलब्धता न रहने से हो रही कठिनाइयों से डीएम को अवगत कराया। इस पर जिला पदाधिकारी ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए:
• नोडल पदाधिकारी, महिला एवं बाल विकास निगम को विद्यालय में अभिलंब सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन स्थापित करने का निर्देश दिया।
• जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से नेशनल हाई स्कूल के प्राचार्य से साफ-सफाई की व्यवस्था न होने पर स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
छात्राओं को साइबर सिक्योरिटी (ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव) के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया और उन्हें अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करने को कहा गया। अंत में, छात्राओं को निर्भय होकर रहने, मन लगाकर पढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते हुए तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस अवसर पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) सह नोडल पदाधिकारी महिला एवं बाल विकास निगम श्रीमती अर्चना कुमारी, जिला परियोजना प्रबंधक, जिला मिशन समन्वयक, मनो-सामाजिक परामर्शी, विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित थीं।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Bihar Education Department
Press Information Bureau - PIB, Government of India
ICDS Directorate Bihar
Nalanda, Bihar | Sep 26, 2026