*बस्ती में कैंडल मार्च निकालकर बिहार के स्व० भरत भूषण तिवारी व लखनऊ अग्निकांड के 15 युवाओं को दी गई श्रद्धांजलि*
*जनपद बस्ती उत्तर प्रदेश 24 जून 2026*
बिहार में पुलिसकर्मियों द्वारा स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी की हुई नृशंस हत्या तथा लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना में 15 युवाओं के असामयिक निधन से व्यथित होकर मंगलवार, 24 जून 2026 को बस्ती में श्रद्धांजलि एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया गया।
*नेशनल एसोसिएशन ऑफ यूथ (एनएवाई) के अध्यक्ष भावेष पाण्डेय* के नेतृत्व में आयोजित यह कैंडल मार्च राजकीय इंटर कॉलेज, बस्ती से प्रारम्भ होकर शहीद भगत सिंह प्रतिमा, रोडवेज तक निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियाँ लिए बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने मार्च में सहभागिता करते हुए दिवंगत आत्माओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर *भावेष पाण्डेय* ने कहा कि बिहार में भरत भूषण तिवारी की हत्या कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है, वहीं लखनऊ की दुखद अग्निकांड की घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसी घटनाओं के प्रति संवेदनशील होने के साथ-साथ शासन-प्रशासन को भी जवाबदेह बनाना होगा, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी असहनीय पीड़ा का सामना न करना पड़े। राम प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बिहार में हुई घटना लोकतांत्रिक मूल्यों को आहत करने वाली है, जबकि लखनऊ की दुर्घटना ने सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर खामियों को उजागर किया है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
अभयदेव शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं का असमय इस प्रकार काल-कवलित होना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन-प्रशासन ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोक सकता है तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना सरकारों का नैतिक दायित्व है।
रामजी पाण्डेय ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अन्याय और लापरवाही के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह कैंडल मार्च केवल शोक व्यक्त करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय, जवाबदेही और सुरक्षित सामाजिक व्यवस्था की सामूहिक मांग का प्रतीक है।
कैंडल मार्च में विनय सिंह, यशवंत सिंह रोलु, प्रमोद सिंह, राम प्रताप सिंह, रामनुजेंद्र पाण्डेय, काज़ी फरजान, रितिकेश सहाय, रामजी पाण्डेय, अभयदेव शुक्ल, राजेश चित्रगुप्त, सत्यम पाण्डेय, उमंग शुक्ल, आशुतोष त्रिपाठी, ऋतुराज सिंह, हेमंत पाण्डेय, रहमान अली, प्रशांत भारद्वाज, हेमंत, प्रिंस मिश्र, राजेश धर, अपूर्व शुक्ल, अंकुर उपाध्याय, देवेंद्र चौधरी, प्रवीण राणा सहित अनेक गणमान्य नागरिक, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग की।
*संवाददाता हरी ओम प्रकाश*
*राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत*
Basti, Basti | Jun 24, 2026