एसपी पलवल दीप्ति गर्ग के कुशल निर्देशन में साइबर जागरूकता माह निरंतर जारी (छठा दिन): पलवल पुलिस ने शिक्षण संस्थाओं में आयोजित किए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम।
Aonenews अरविन्द बक्शी
विद्यार्थियों को दी गई 'UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट फ्रॉड' से बचाव की विस्तृत जानकारी, 1000 से अधिक छात्र-छात्राएं हुए शामिल।
"पैसे प्राप्त करने के लिए PIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती" – UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट फ्रॉड के प्रति पलवल पुलिस ने जारी की एडवाइजरी।
पलवल पुलिस प्रवक्ता कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी साइबर जागरूकता माह (अक्टूबर 2026) के तहत पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग (IPS) के कुशल मार्गदर्शन व निर्देशों में पलवल पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अभियान के छठे दिन (6 अक्टूबर 2026) साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक विनोद कुमार एवं चौकी धतीर प्रभारी सहायक उप निरीक्षक की टीम ने के.एल. मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ग्राम देहलका (पलवल) में तथा चांदहट थाना प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कुमार की टीम ने जवाहर नवोदय विद्यालय में अलग-अलग विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में होने वाले ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रमों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लगभग 1000 छात्र-छात्राओं, स्कूल के प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य तथा अन्य स्टाफ सदस्यों ने हिस्सा लिया।
*UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट फ्रॉड'और इसके तरीकों पर विशेष ध्यान:*
साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि अभियान के छठे दिन का मुख्य विषय "UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट फ्रॉड'" रहा। पुलिस टीम द्वारा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को लाइव व व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से समझाया गया कि ठग किस प्रकार लोगों को झांसे में लेते हैं।
*मुख्य सुरक्षा संदेश-*
* UPI PIN का उपयोग केवल पैसे भेजने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।
* ठग अक्सर पीड़ितों को यह कहकर गुमराह करते हैं कि UPI PIN डालने से उनके खाते में पैसे आएंगे, जबकि वास्तव में ऐसा करने पर खाते से पैसे कट जाते हैं।
* किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई 'Collect Request' को स्वीकार न करें और न ही अपना UPI PIN दर्ज करें।
वहीं चांदहट थाना प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कुमार ने जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में स्कूली छात्रों और शिक्षकों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया पर सुरक्षा, फर्जी कॉल, ओटीपी शेयर न करने तथा अनजान लिंक पर क्लिक न करने जैसी महत्वपूर्ण बातों के प्रति सावधान किया गया।
इसके साथ ही उन्होंन युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने की सलाह देते हुए नशा मुक्ति का संदेश दिया। नशा मुक्त जीवन ही उज्ज्वल भविष्य का आधार है, नशे से दूर रहें और अपने जीवन को सशक्त बनाएं।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। घटना के तुरंत बाद (Golden Hour) सूचना देने पर ठगी गई राशि को फ्रीज कराने की संभावना काफी अधिक रहती है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधनों ने पलवल पुलिस टीम का धन्यवाद व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा के इस सत्र की सराहना की तथा स्वयं सतर्क रहने व अपने परिजनों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।