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सोलर पंप ने बदली किसान गणेश की खेती की तस्वीर, बिजली की चिंता से मिली मुक्ति
प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना से खेत में सिंचाई की सुविधा, गर्मी में भी लगाई धान की फसल
कभी खेती के लिए बिजली की उपलब्धता और बढ़ते बिजली बिल की चिंता करने वाले किरनापुर तहसील के ग्राम सालेटेका निवासी किसान गणेश पिता अंतराम अब अपने खेत में सिंचाई को लेकर निश्चिंत हैं। प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के अंतर्गत उनके खेत में 03 हॉर्सपावर क्षमता का सोलर पंप लगने के बाद खेती के लिए सिंचाई की सुविधा आसान हो गई है। किसान गणेश सोलर पंप लगने से बेहद खुश हैं और इसे अपनी खेती के लिए उपयोगी साबित होने वाला महत्वपूर्ण साधन मानते हैं।
मई में लगा सोलर पंप, सिंचाई की बढ़ी सुविधा
किसान गणेश के खेत में मई 2026 में प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के अंतर्गत 03 हॉर्सपावर का सोलर पंप स्थापित किया गया। सौर ऊर्जा से संचालित इस पंप के कारण अब उन्हें खेत की सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। किसान के अनुसार सोलर पंप लगने के बाद बिजली गुल होने की चिंता समाप्त हो गई है। साथ ही बिजली का भारी बिल आने की परेशानी से भी राहत मिली है। सोलर पंप से मिलने वाली सिंचाई सुविधा ने किसान गणेश को मौसम के अनुसार खेती करने का बेहतर अवसर दिया है। वे आवश्यकता के अनुसार अपने खेत में सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे फसल की देखभाल आसान हुई है।
गर्मी में भी लगाई धान की फसल
सोलर पंप का लाभ किसान गणेश ने केवल खरीफ सीजन में ही नहीं, बल्कि गर्मी की फसल में भी उठाया। उन्होंने सोलर पंप की मदद से गर्मी के मौसम में भी अपने खेत में धान की फसल लगाई। सिंचाई के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध होने के कारण उन्हें गर्मी में धान की फसल लेने में मदद मिली। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि खेत में सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा आधारित पंप किसानों को मौसम के अनुसार खेती करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।
कम बारिश के बावजूद खरीफ की खेती में नहीं आई परेशानी
इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव से जिले में कम वर्षा होने के बाद भी किसान गणेश को खरीफ सीजन में धान का रोपा लगाने और खेत में पानी भरने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। सोलर पंप की मदद से वे आवश्यकता के अनुसार खेत में पानी पहुंचा पा रहे हैं। जहां कम वर्षा के कारण किसानों के सामने सिंचाई को लेकर चिंता की स्थिति बन सकती है, वहीं गणेश के खेत में सोलर पंप ने सिंचाई का एक वैकल्पिक और भरोसेमंद साधन उपलब्ध कराया है। धान की खेती में खेत में पर्याप्त पानी बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है और सोलर पंप इस कार्य में किसान के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
सौर ऊर्जा से खेती में बढ़ा भरोसा
किसान गणेश के लिए सोलर पंप केवल सिंचाई का साधन नहीं, बल्कि खेती को लेकर आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माध्यम बन गया है। बिजली कटौती और बिजली बिल की चिंता से राहत मिलने के साथ वे अपने खेत में सिंचाई की जरूरत के अनुसार खेती के कार्य कर पा रहे हैं। प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के माध्यम से खेत में स्थापित 03 हॉर्सपावर का सोलर पंप किसान गणेश के लिए खेती की लागत और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। गर्मी में धान की फसल लेने से लेकर वर्तमान खरीफ सीजन में धान का रोपा लगाने और खेत में पानी भरने तक सोलर पंप उनके लिए लगातार उपयोगी बना हुआ है।
किसान गणेश की कहानी यह बताती है कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था किसानों को बिजली की उपलब्धता पर निर्भरता कम करने और मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों में भी खेती को निरंतर बनाए रखने में मदद कर सकती है। सालेटेका के किसान गणेश के खेत में लगा सोलर पंप खेती में तकनीक और ऊर्जा के बेहतर उपयोग का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आया है।
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3 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Aug 10, 2026