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#बालाघाट खुर्सीटोला में खेत पाठशाला का हुआ आयोजन किसानों को फसल प्रबंधन एवं अधिक उत्पादन के बताए गये उपाय आत्मा परियोजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से 10 अगस्त को लांजी विकासखंड के ग्राम खुर्सीटोला में खेत पाठशाला का आयोजन किया गया। खेत पाठशाला में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को खेत में लगी फसल की नियमित देखभाल, फसल प्रबंधन तथा अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए अपनाई जाने वाली उन्नत कृषि तकनीकों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि खेत पाठशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसल के खेत में ही आवश्यक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर फसल की उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि कर सकें। उन्होंने बताया कि किसानों को फसल की वर्तमान स्थिति के अनुसार आवश्यक कृषि कार्यों की जानकारी दी गई। खेत पाठशाला के दौरान किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने, खेत में खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोगों की पहचान तथा उनके प्रभावी प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि फसल में किसी भी प्रकार के कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर उचित उपाय करना चाहिए। अनावश्यक रूप से कीटनाशकों एवं अन्य कृषि रसायनों का प्रयोग करने के बजाय अनुशंसित मात्रा एवं उचित विधि से ही उनका उपयोग किया जाए। किसानों को फसल में संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग, आवश्यकतानुसार उर्वरकों के प्रयोग, खेत में नमी बनाए रखने तथा फसल की अवस्था के अनुरूप सिंचाई प्रबंधन के संबंध में भी जानकारी दी गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि संतुलित पोषण एवं उचित जल प्रबंधन से फसल की वृद्धि बेहतर होती है और उत्पादन लागत को नियंत्रित करते हुए उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। इस दौरान किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने, गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग तथा फसल की समय-समय पर निगरानी करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही किसानों की खेत एवं फसल से संबंधित समस्याओं का मौके पर समाधान भी बताया गया। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने किसानों से अपील की कि वे कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना के माध्यम से आयोजित होने वाले प्रशिक्षण, खेत पाठशाला एवं किसान जागरूकता कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। खुर्सीटोला में आयोजित खेत पाठशाला में किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा कृषि विशेषज्ञों से फसल उत्पादन एवं प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। खेत पाठशाला किसानों के लिए कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी को व्यवहारिक रूप से समझने का उपयोगी माध्यम साबित हुई। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

1 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Aug 10, 2026

MORE NEWS

हर घर तिरंगा अभियान के तहत खैरलांजी में निकली बाइक रैली, विद्यार्थियों ने बनाई मानव श्रृंखला

स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत वीरांगना रानी अवंतीबाई शासकीय महाविद्यालय, खैरलांजी में विभिन्न देशभक्ति एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यालय आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं रेड रिबन के संयुक्त तत्वावधान में 09 से 17 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला में 10 अगस्त को बाइक रैली एवं मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया।

महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ हुई बाइक रैली महाविद्यालय के गोद ग्राम किन्हीं तक पहुंची। रैली में महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर विद्यार्थियों ने देशभक्ति नारों के साथ आमजन को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा हर घर तिरंगा अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। बाइक रैली के दौरान विद्यार्थियों ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” जैसे देशभक्ति नारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। रैली के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति एवं देश के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों का संदेश दिया गया।

गोद ग्राम किन्हीं में विद्यार्थियों एवं महाविद्यालयीन स्टाफ द्वारा मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया। मानव श्रृंखला के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं तिरंगे के सम्मान का संदेश आमजन तक पहुंचाया गया। विद्यार्थियों ने नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने की अपील की।

कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम प्रभारी श्री रोहित कुमार पांडे के मार्गदर्शन में किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री नीरज सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों एवं समस्त महाविद्यालयीन स्टाफ को हर घर तिरंगा अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जागरूकता की भावना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में शैक्षणिक अधिकारी डॉ. एस.के. अब्दुस शमीम, डॉ. प्रतिभा राजपूत, डॉ. अशोक टेंभुरने, डॉ. मनीष कुमार डोंगरे, डॉ. विवेक खरगाल, श्री वीरेंद्र कुमार पटले, श्री अमर सिंह गौड़ एवं शालिनी मेश्राम सहित महाविद्यालय के अशैक्षणिक कर्मचारी कु. आरती, श्री राजेन्द्र कुमार सैयाम, श्री अतुल गोकुलपुर, कु. शिखा डहरवाल, श्री वैभव लांजेवार, श्री विक्रांत रंधावा, कु. पल्लवी, श्री कमल सिंह, श्रीमती वृंदा डहरवाल, श्री सुनील, श्रीमती प्रियंका, श्रीमती ऊषा, श्री दिनेश, श्री आकाश लिल्हारे एवं श्री पंकज लिल्हारे उपस्थित रहे। बाइक रैली एवं मानव श्रृंखला के माध्यम से महाविद्यालय परिवार ने हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

#बालाघाट #cmmadhypradesh #JansamparkMP #HigherEducation #HarGharTiranga

हर घर तिरंगा अभियान के तहत खैरलांजी में निकली बाइक रैली, विद्यार्थियों ने बनाई मानव श्रृंखला स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत वीरांगना रानी अवंतीबाई शासकीय महाविद्यालय, खैरलांजी में विभिन्न देशभक्ति एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यालय आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं रेड रिबन के संयुक्त तत्वावधान में 09 से 17 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला में 10 अगस्त को बाइक रैली एवं मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ हुई बाइक रैली महाविद्यालय के गोद ग्राम किन्हीं तक पहुंची। रैली में महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर विद्यार्थियों ने देशभक्ति नारों के साथ आमजन को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा हर घर तिरंगा अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। बाइक रैली के दौरान विद्यार्थियों ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” जैसे देशभक्ति नारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। रैली के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति एवं देश के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों का संदेश दिया गया। गोद ग्राम किन्हीं में विद्यार्थियों एवं महाविद्यालयीन स्टाफ द्वारा मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया। मानव श्रृंखला के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं तिरंगे के सम्मान का संदेश आमजन तक पहुंचाया गया। विद्यार्थियों ने नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने की अपील की। कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम प्रभारी श्री रोहित कुमार पांडे के मार्गदर्शन में किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री नीरज सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों एवं समस्त महाविद्यालयीन स्टाफ को हर घर तिरंगा अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जागरूकता की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में शैक्षणिक अधिकारी डॉ. एस.के. अब्दुस शमीम, डॉ. प्रतिभा राजपूत, डॉ. अशोक टेंभुरने, डॉ. मनीष कुमार डोंगरे, डॉ. विवेक खरगाल, श्री वीरेंद्र कुमार पटले, श्री अमर सिंह गौड़ एवं शालिनी मेश्राम सहित महाविद्यालय के अशैक्षणिक कर्मचारी कु. आरती, श्री राजेन्द्र कुमार सैयाम, श्री अतुल गोकुलपुर, कु. शिखा डहरवाल, श्री वैभव लांजेवार, श्री विक्रांत रंधावा, कु. पल्लवी, श्री कमल सिंह, श्रीमती वृंदा डहरवाल, श्री सुनील, श्रीमती प्रियंका, श्रीमती ऊषा, श्री दिनेश, श्री आकाश लिल्हारे एवं श्री पंकज लिल्हारे उपस्थित रहे। बाइक रैली एवं मानव श्रृंखला के माध्यम से महाविद्यालय परिवार ने हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। #बालाघाट #cmmadhypradesh #JansamparkMP #HigherEducation #HarGharTiranga

Balaghat, Madhya Pradesh | Aug 10, 2026

#बालाघाट
सोलर पंप ने बदली किसान गणेश की खेती की तस्वीर, बिजली की चिंता से मिली मुक्ति

प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना से खेत में सिंचाई की सुविधा, गर्मी में भी लगाई धान की फसल

कभी खेती के लिए बिजली की उपलब्धता और बढ़ते बिजली बिल की चिंता करने वाले किरनापुर तहसील के ग्राम सालेटेका निवासी किसान गणेश पिता अंतराम अब अपने खेत में सिंचाई को लेकर निश्चिंत हैं। प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के अंतर्गत उनके खेत में 03 हॉर्सपावर क्षमता का सोलर पंप लगने के बाद खेती के लिए सिंचाई की सुविधा आसान हो गई है। किसान गणेश सोलर पंप लगने से बेहद खुश हैं और इसे अपनी खेती के लिए उपयोगी साबित होने वाला महत्वपूर्ण साधन मानते हैं।

मई में लगा सोलर पंप, सिंचाई की बढ़ी सुविधा

किसान गणेश के खेत में मई 2026 में प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के अंतर्गत 03 हॉर्सपावर का सोलर पंप स्थापित किया गया। सौर ऊर्जा से संचालित इस पंप के कारण अब उन्हें खेत की सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। किसान के अनुसार सोलर पंप लगने के बाद बिजली गुल होने की चिंता समाप्त हो गई है। साथ ही बिजली का भारी बिल आने की परेशानी से भी राहत मिली है। सोलर पंप से मिलने वाली सिंचाई सुविधा ने किसान गणेश को मौसम के अनुसार खेती करने का बेहतर अवसर दिया है। वे आवश्यकता के अनुसार अपने खेत में सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे फसल की देखभाल आसान हुई है।

गर्मी में भी लगाई धान की फसल

सोलर पंप का लाभ किसान गणेश ने केवल खरीफ सीजन में ही नहीं, बल्कि गर्मी की फसल में भी उठाया। उन्होंने सोलर पंप की मदद से गर्मी के मौसम में भी अपने खेत में धान की फसल लगाई। सिंचाई के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध होने के कारण उन्हें गर्मी में धान की फसल लेने में मदद मिली। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि खेत में सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा आधारित पंप किसानों को मौसम के अनुसार खेती करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।

कम बारिश के बावजूद खरीफ की खेती में नहीं आई परेशानी

इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव से जिले में कम वर्षा होने के बाद भी किसान गणेश को खरीफ सीजन में धान का रोपा लगाने और खेत में पानी भरने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। सोलर पंप की मदद से वे आवश्यकता के अनुसार खेत में पानी पहुंचा पा रहे हैं। जहां कम वर्षा के कारण किसानों के सामने सिंचाई को लेकर चिंता की स्थिति बन सकती है, वहीं गणेश के खेत में सोलर पंप ने सिंचाई का एक वैकल्पिक और भरोसेमंद साधन उपलब्ध कराया है। धान की खेती में खेत में पर्याप्त पानी बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है और सोलर पंप इस कार्य में किसान के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।

सौर ऊर्जा से खेती में बढ़ा भरोसा

किसान गणेश के लिए सोलर पंप केवल सिंचाई का साधन नहीं, बल्कि खेती को लेकर आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माध्यम बन गया है। बिजली कटौती और बिजली बिल की चिंता से राहत मिलने के साथ वे अपने खेत में सिंचाई की जरूरत के अनुसार खेती के कार्य कर पा रहे हैं। प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के माध्यम से खेत में स्थापित 03 हॉर्सपावर का सोलर पंप किसान गणेश के लिए खेती की लागत और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। गर्मी में धान की फसल लेने से लेकर वर्तमान खरीफ सीजन में धान का रोपा लगाने और खेत में पानी भरने तक सोलर पंप उनके लिए लगातार उपयोगी बना हुआ है।

किसान गणेश की कहानी यह बताती है कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था किसानों को बिजली की उपलब्धता पर निर्भरता कम करने और मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों में भी खेती को निरंतर बनाए रखने में मदद कर सकती है। सालेटेका के किसान गणेश के खेत में लगा सोलर पंप खेती में तकनीक और ऊर्जा के बेहतर उपयोग का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आया है।

#CMMadhyaPradesh #NewenergyMp #minmpkrishi 
 #JansamparkMP

#बालाघाट सोलर पंप ने बदली किसान गणेश की खेती की तस्वीर, बिजली की चिंता से मिली मुक्ति प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना से खेत में सिंचाई की सुविधा, गर्मी में भी लगाई धान की फसल कभी खेती के लिए बिजली की उपलब्धता और बढ़ते बिजली बिल की चिंता करने वाले किरनापुर तहसील के ग्राम सालेटेका निवासी किसान गणेश पिता अंतराम अब अपने खेत में सिंचाई को लेकर निश्चिंत हैं। प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के अंतर्गत उनके खेत में 03 हॉर्सपावर क्षमता का सोलर पंप लगने के बाद खेती के लिए सिंचाई की सुविधा आसान हो गई है। किसान गणेश सोलर पंप लगने से बेहद खुश हैं और इसे अपनी खेती के लिए उपयोगी साबित होने वाला महत्वपूर्ण साधन मानते हैं। मई में लगा सोलर पंप, सिंचाई की बढ़ी सुविधा किसान गणेश के खेत में मई 2026 में प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के अंतर्गत 03 हॉर्सपावर का सोलर पंप स्थापित किया गया। सौर ऊर्जा से संचालित इस पंप के कारण अब उन्हें खेत की सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। किसान के अनुसार सोलर पंप लगने के बाद बिजली गुल होने की चिंता समाप्त हो गई है। साथ ही बिजली का भारी बिल आने की परेशानी से भी राहत मिली है। सोलर पंप से मिलने वाली सिंचाई सुविधा ने किसान गणेश को मौसम के अनुसार खेती करने का बेहतर अवसर दिया है। वे आवश्यकता के अनुसार अपने खेत में सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे फसल की देखभाल आसान हुई है। गर्मी में भी लगाई धान की फसल सोलर पंप का लाभ किसान गणेश ने केवल खरीफ सीजन में ही नहीं, बल्कि गर्मी की फसल में भी उठाया। उन्होंने सोलर पंप की मदद से गर्मी के मौसम में भी अपने खेत में धान की फसल लगाई। सिंचाई के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध होने के कारण उन्हें गर्मी में धान की फसल लेने में मदद मिली। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि खेत में सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा आधारित पंप किसानों को मौसम के अनुसार खेती करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। कम बारिश के बावजूद खरीफ की खेती में नहीं आई परेशानी इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव से जिले में कम वर्षा होने के बाद भी किसान गणेश को खरीफ सीजन में धान का रोपा लगाने और खेत में पानी भरने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। सोलर पंप की मदद से वे आवश्यकता के अनुसार खेत में पानी पहुंचा पा रहे हैं। जहां कम वर्षा के कारण किसानों के सामने सिंचाई को लेकर चिंता की स्थिति बन सकती है, वहीं गणेश के खेत में सोलर पंप ने सिंचाई का एक वैकल्पिक और भरोसेमंद साधन उपलब्ध कराया है। धान की खेती में खेत में पर्याप्त पानी बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है और सोलर पंप इस कार्य में किसान के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। सौर ऊर्जा से खेती में बढ़ा भरोसा किसान गणेश के लिए सोलर पंप केवल सिंचाई का साधन नहीं, बल्कि खेती को लेकर आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माध्यम बन गया है। बिजली कटौती और बिजली बिल की चिंता से राहत मिलने के साथ वे अपने खेत में सिंचाई की जरूरत के अनुसार खेती के कार्य कर पा रहे हैं। प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के माध्यम से खेत में स्थापित 03 हॉर्सपावर का सोलर पंप किसान गणेश के लिए खेती की लागत और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। गर्मी में धान की फसल लेने से लेकर वर्तमान खरीफ सीजन में धान का रोपा लगाने और खेत में पानी भरने तक सोलर पंप उनके लिए लगातार उपयोगी बना हुआ है। किसान गणेश की कहानी यह बताती है कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था किसानों को बिजली की उपलब्धता पर निर्भरता कम करने और मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों में भी खेती को निरंतर बनाए रखने में मदद कर सकती है। सालेटेका के किसान गणेश के खेत में लगा सोलर पंप खेती में तकनीक और ऊर्जा के बेहतर उपयोग का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आया है। #CMMadhyaPradesh #NewenergyMp #minmpkrishi #JansamparkMP

Balaghat, Madhya Pradesh | Aug 10, 2026

#बालाघाट
बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका, अडोरी और मछुरदा में घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम

बीमार बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी, ग्रामीणों को अंधविश्वास से दूर रहने और अस्पताल में उपचार कराने की समझाइश

बिरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत अडोरी के ग्राम बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका, मछुरदा में बच्चों के बीमार होने की घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांवों का भ्रमण कर रही है और घर-घर जाकर सर्वे करते हुए ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 10 अगस्त को बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका एवं मछुरदा सहित प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे किया। इस दौरान ग्रामीणों को बीमार होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराने की समझाइश दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से कहा कि बीमारी की स्थिति में अंधविश्वास के चलते झाड़-फूंक अथवा पंडा-पुजारी के चक्कर में न पड़ें। समय पर चिकित्सकीय उपचार नहीं मिलने से मरीज की जान को जोखिम हो सकता है। चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद दी जाने वाली आवश्यक दवाएं एवं उपचार ही मरीज को स्वस्थ होने में मदद करते हैं।

मेडिकल कॉलेज जबलपुर एवं ICMR की टीम ने ग्रामीणों से किया संवाद

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने 10 अगस्त को ग्राम बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका एवं मछुरदा का भ्रमण कर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वे एवं निगरानी कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इन गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही हैं। इसी दौरान 10 अगस्त को मेडिकल कॉलेज जबलपुर एवं ICMR जबलपुर की टीम भी प्रभावित गांवों में पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से संवाद कर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। ग्रामीणों को साफ-सफाई एवं स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया गया तथा बीमारी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने, बासी भोजन का सेवन नहीं करने तथा घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की समझाइश दी गई। साथ ही घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में गंदगी जमा नहीं होने देने और मच्छरों के पनपने के लिए पानी एकत्रित न होने देने की सलाह दी गई।

96 बच्चों में से 51 स्वस्थ होकर घर लौटे

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि कुंडेकसा में बनाए गए अस्थाई अस्पताल में कुल 18 बच्चे भर्ती कराए गए थे। उपचार के बाद सभी 18 बच्चे स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। इसी प्रकार सिविल अस्पताल बैहर में 22 बच्चों को भर्ती कराया गया था। इनमें से 16 बच्चे उपचार के बाद स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 6 बच्चों का उपचार जारी है।

जिला चिकित्सालय बालाघाट में कुल 56 बच्चे भर्ती कराए गए थे। इनमें से 17 बच्चे उपचार के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं, जबकि 39 बच्चों का उपचार वर्तमान में जारी है। इस प्रकार कुंडेकसा, सिविल अस्पताल बैहर एवं जिला चिकित्सालय बालाघाट में भर्ती कराए गए कुल 96 बच्चों में से 51 बच्चे स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं, जबकि 45 बच्चों का उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उपचाररत सभी बच्चे तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। 10 अगस्त को किसी भी बच्चे को डिस्चार्ज नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगले दिन इनमें से अधिकांश बच्चों के स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किए जाने की संभावना है।

अस्पताल में भर्ती बच्चों एवं परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था

अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती बैगा जनजाति के बच्चों एवं उनके परिजनों की आवश्यक सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। उनके लिए भोजन आदि की व्यवस्था की गई है, ताकि बच्चों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। घर-घर सर्वे के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, खान-पान एवं समय पर चिकित्सकीय उपचार के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

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#बालाघाट बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका, अडोरी और मछुरदा में घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम बीमार बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी, ग्रामीणों को अंधविश्वास से दूर रहने और अस्पताल में उपचार कराने की समझाइश बिरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत अडोरी के ग्राम बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका, मछुरदा में बच्चों के बीमार होने की घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांवों का भ्रमण कर रही है और घर-घर जाकर सर्वे करते हुए ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 10 अगस्त को बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका एवं मछुरदा सहित प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे किया। इस दौरान ग्रामीणों को बीमार होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराने की समझाइश दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से कहा कि बीमारी की स्थिति में अंधविश्वास के चलते झाड़-फूंक अथवा पंडा-पुजारी के चक्कर में न पड़ें। समय पर चिकित्सकीय उपचार नहीं मिलने से मरीज की जान को जोखिम हो सकता है। चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद दी जाने वाली आवश्यक दवाएं एवं उपचार ही मरीज को स्वस्थ होने में मदद करते हैं। मेडिकल कॉलेज जबलपुर एवं ICMR की टीम ने ग्रामीणों से किया संवाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने 10 अगस्त को ग्राम बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका एवं मछुरदा का भ्रमण कर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वे एवं निगरानी कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इन गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही हैं। इसी दौरान 10 अगस्त को मेडिकल कॉलेज जबलपुर एवं ICMR जबलपुर की टीम भी प्रभावित गांवों में पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से संवाद कर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। ग्रामीणों को साफ-सफाई एवं स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया गया तथा बीमारी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई। ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने, बासी भोजन का सेवन नहीं करने तथा घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की समझाइश दी गई। साथ ही घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में गंदगी जमा नहीं होने देने और मच्छरों के पनपने के लिए पानी एकत्रित न होने देने की सलाह दी गई। 96 बच्चों में से 51 स्वस्थ होकर घर लौटे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि कुंडेकसा में बनाए गए अस्थाई अस्पताल में कुल 18 बच्चे भर्ती कराए गए थे। उपचार के बाद सभी 18 बच्चे स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। इसी प्रकार सिविल अस्पताल बैहर में 22 बच्चों को भर्ती कराया गया था। इनमें से 16 बच्चे उपचार के बाद स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 6 बच्चों का उपचार जारी है। जिला चिकित्सालय बालाघाट में कुल 56 बच्चे भर्ती कराए गए थे। इनमें से 17 बच्चे उपचार के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं, जबकि 39 बच्चों का उपचार वर्तमान में जारी है। इस प्रकार कुंडेकसा, सिविल अस्पताल बैहर एवं जिला चिकित्सालय बालाघाट में भर्ती कराए गए कुल 96 बच्चों में से 51 बच्चे स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं, जबकि 45 बच्चों का उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उपचाररत सभी बच्चे तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। 10 अगस्त को किसी भी बच्चे को डिस्चार्ज नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगले दिन इनमें से अधिकांश बच्चों के स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किए जाने की संभावना है। अस्पताल में भर्ती बच्चों एवं परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती बैगा जनजाति के बच्चों एवं उनके परिजनों की आवश्यक सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। उनके लिए भोजन आदि की व्यवस्था की गई है, ताकि बच्चों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। घर-घर सर्वे के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, खान-पान एवं समय पर चिकित्सकीय उपचार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #healthminmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Aug 10, 2026

#बालाघाट
कृषि विभाग के अमले ने मजगांव में कुटकी प्रदर्शन का किया अवलोकन,
कृषक को उन्नत उत्पादन के लिए दिया मार्गदर्शन

कृषि विभाग द्वारा जिले में किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में 09 अगस्त को विकासखंड परसवाड़ा अंतर्गत ग्राम मजगांव में कृषक श्री बुधराम पिता मोहन के खेत में लगाए गए कुटकी फसल प्रदर्शन का कृषि विभाग के अमले द्वारा अवलोकन किया गया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेत में लगी कुटकी फसल की स्थिति का जायजा लिया तथा फसल की वृद्धि, खेत की स्थिति एवं फसल प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कृषक श्री बुधराम को कुटकी फसल की बेहतर देखभाल एवं अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए आवश्यक कृषि तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।अधिकारियों ने कृषक को फसल की नियमित निगरानी करने, खेत में खरपतवार नियंत्रण, उचित पोषक तत्व प्रबंधन तथा फसल को कीट एवं रोगों से सुरक्षित रखने के संबंध में जानकारी दी। साथ ही फसल की अवस्था के अनुसार आवश्यक कृषि कार्य समय पर करने की सलाह दी गई, जिससे फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन बेहतर किया जा सके।

कृषि विभाग के अमले ने बताया कि कुटकी जैसी लघु धान्य फसलें किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन फसलों को बढ़ावा देने से फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन मिलता है और किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ वैकल्पिक फसल उत्पादन का अवसर प्राप्त होता है। कुटकी फसल कम अवधि में तैयार होने वाली फसल होने के साथ पोषण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। कृषक श्री बुधराम को कुटकी की उन्नत खेती के लिए खेत की तैयारी, बीज की गुणवत्ता, समय पर बुवाई, खरपतवार प्रबंधन, संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग तथा फसल की समय-समय पर निगरानी के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन एवं फसल की गुणवत्ता में वृद्धि कर सकते हैं।

#CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

#बालाघाट कृषि विभाग के अमले ने मजगांव में कुटकी प्रदर्शन का किया अवलोकन, कृषक को उन्नत उत्पादन के लिए दिया मार्गदर्शन कृषि विभाग द्वारा जिले में किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में 09 अगस्त को विकासखंड परसवाड़ा अंतर्गत ग्राम मजगांव में कृषक श्री बुधराम पिता मोहन के खेत में लगाए गए कुटकी फसल प्रदर्शन का कृषि विभाग के अमले द्वारा अवलोकन किया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेत में लगी कुटकी फसल की स्थिति का जायजा लिया तथा फसल की वृद्धि, खेत की स्थिति एवं फसल प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कृषक श्री बुधराम को कुटकी फसल की बेहतर देखभाल एवं अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए आवश्यक कृषि तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।अधिकारियों ने कृषक को फसल की नियमित निगरानी करने, खेत में खरपतवार नियंत्रण, उचित पोषक तत्व प्रबंधन तथा फसल को कीट एवं रोगों से सुरक्षित रखने के संबंध में जानकारी दी। साथ ही फसल की अवस्था के अनुसार आवश्यक कृषि कार्य समय पर करने की सलाह दी गई, जिससे फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन बेहतर किया जा सके। कृषि विभाग के अमले ने बताया कि कुटकी जैसी लघु धान्य फसलें किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन फसलों को बढ़ावा देने से फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन मिलता है और किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ वैकल्पिक फसल उत्पादन का अवसर प्राप्त होता है। कुटकी फसल कम अवधि में तैयार होने वाली फसल होने के साथ पोषण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। कृषक श्री बुधराम को कुटकी की उन्नत खेती के लिए खेत की तैयारी, बीज की गुणवत्ता, समय पर बुवाई, खरपतवार प्रबंधन, संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग तथा फसल की समय-समय पर निगरानी के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन एवं फसल की गुणवत्ता में वृद्धि कर सकते हैं। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Aug 10, 2026