दारूल उलूम अता-ए-रसूल में अकीदत के साथ मनाया गया हज़रत सैयदना मखदूम अशरफ़ समनानी का उर्स-ए-पाक
कोटा शहर के दारूल उलूम अता-ए-रसूल में सूफी बुजुर्ग हज़रत सैयदना मखदूम अशरफ़ समनानी रज़ियल्लाह अन्हू का उर्स-ए-पाक बड़े अदब और अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर कुरआन ख्वानी, फातिहा और दुआ का एहतिमाम किया गया, जिसमें बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत कर मुल्क में अमन,भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।
पूर्व राज्य मंत्री मौलाना फजले हक ने जानकारी देते हुए बताया कि हज़रत मखदूम अशरफ़ समनानी की तालीमात इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और खिदमत-ए-खल्क का पैगाम देती हैं। उन्होंने कहा कि सूफी बुजुर्गों ने हमेशा समाज को एकता और इंसानियत का रास्ता दिखाया है और उनकी तालीम आज भी लोगों के लिए मशाल-ए-राह है।
उर्स के मौके पर उलमा-ए-किराम और शहर की सामाजिक व धार्मिक हस्तियों ने भी शिरकत की और हज़रत मखदूम अशरफ़ समनानी की जिंदगी और उनकी खिदमात पर रोशनी डाली। कार्यक्
Ladpura, Kota | Jul 15, 2026