सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को श्रीनगर के रामलीला मैदान में सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना। कार्यक्रम के बाद श्रीनगर शहर में सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई, जिसमें सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प का संदेश दिया गया।
श्रीनगर के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना गया। इसके बाद शहर में सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। यात्रा में स्थानीय नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया और सेवा, सुशासन तथा विकसित भारत के संकल्प का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
कार्यक्रम स्थल पर गढ़ भोज का भी आयोजन किया गया। इसमें गढ़वाल के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए, जिसमें भड्डू की दाल प्रमुख रही। गढ़ भोज के माध्यम से स्थानीय अनाज, पारंपरिक खाद्य पदार्थों और उत्तराखंड की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में गढ़ भोज आयोजित कराने का उद्देश्य नई पीढ़ी को उत्तराखंड के पारंपरिक खान-पान, स्थानीय उत्पादों और लोक संस्कृति से जोड़ना है।
पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को विकसित भारत के निर्माण की प्रतिज्ञा दिलाई। उन्होंने कहा कि देश को विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। उन्होंने युवाओं और समाज के सभी वर्गों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया। जीजीआईसी श्रीनगर, चिल्ड्रन्स एकेडमी और शैलजा सामाजिक समिति की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया।
सेवा ज्योति यात्रा के माध्यम से जहां से वा, सुशासन और विकसित भारत का संदेश दिया गया, वहीं गढ़ भोज ने उत्तराखंड के पारंपरिक खान-पान और लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने का संदेश दिया। @dr dhan singh