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पलटू चाचा होस में आओ बिहार मत डुबाओ

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*टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 150 मरीजों के बीच पोषण आहार किट का हुआ वितरण*
- निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण सम्बंधित सहयोग के लिए  आगे आए युवा - डीएम 

मोतिहारी, 8 अगस्त 26

टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, मोतिहारी परिसर में आज शनिवार को सुबह जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में 150 टीबी मरीजों के बीच पोषण आहार किट का वितरण किया गया। इस दौरान सौरभ सुमन यादव, प्रेसिडेंट रेड क्रॉस सोसाइटी सह जिलाधिकारी ने कहा की 
टीबी मरीज को पोषण सम्बन्धित सहयोग की आवश्यकता होती है, वहीं कई ऐसे गरीब कमजोर वर्ग के लोग है जिन्हे संतुलित आहार नहीं मिलने से वे टीबी की बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाते हैं। इसलिए वैसे मरीजों के सहयोग के लिए समाजसेवी संगठन खासकर युवाओ से अपील की गईं है की सभी लोग अधिक से अधिक टीबी के रोगियों को गोद लेकर "निक्षय मित्र" बनक पोषण सम्बन्धित सहायता प्रदान करें। इस अवसर पर जिलाधिकारी के द्वारा जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के  इस पहल की प्रशंसा की गई एवं आशा की गई आगे भी इस तरह से टीबी मरीजों को समिति के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जाएगा।
             कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार भारती तथा कार्यकारी सदस्य सह सिविल सर्जन, पूर्वी चंपारण डॉ. दिलीप कुमार, जिला यक्षमा पदाधिकारी डॉ संजीव, 
आईएमए के अध्यक्ष डॉ आशुतोष शरण के हाथो से भी टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित किया गया।
मंच का संचालन शिक्षाविद कौशल किशोर सिंह ने किया।
इस दौरान कौशल कुमार दुबे अस्पताल प्रबंधन के द्वारा 05 टीबी मरीज को गोद लिया गया तथा पोषण पोटली वितरण किया गया, वहीं सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर एसएन सत्यार्थी के द्वारा 05 टीबी मरीजों को गोद लिया गया तथा पोषण पोटली दिया गया। वहीं जिले के युवा उद्योगपति विशाल जायसवाल ने 25 टीबी रोगियों को गोद लेने,टाटा मोटर्स के अमित जायसवाल एवं अभिषेक लोहिया ने भी टीबी रोगियों को गोद लेकर पोषण सम्बन्धित सहयोग हेतु सहमति दी।
 इस अवसर पर डॉ आसुतोष शरण ने कहा की टीबी मुक्त अभियान के तहत टीबी से ग्रसित 150 मरीजों को पोषण आहार किट यानी फूड बास्केट का वितरण किया गया है आगे भी रेडक्रॉस व अन्य समाजसेवी संस्था सैकड़ों टीबी मरीजों को  बेहतर पोषण उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग करेगा।
उन्होंने कहा की टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता जरूरी है। पोषण सहायता जैसे प्रयास मरीजों के स्वास्थ्य और उपचार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकते हैं।

इस अवसर पर जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष सह वरीय उप समाहर्ता श्री अमरेश कुमार, जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री ज्ञानेश्वर प्रकाश,डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन, डॉ राकेश कुमार,डीसीएम नंदन झा, डीपीसी भारत भूषण, रेडक्रॉस के रूपक कुमार रंजीत श्रीवास्तव, आमोद कुमार भी उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Health Department

*टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 150 मरीजों के बीच पोषण आहार किट का हुआ वितरण* - निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण सम्बंधित सहयोग के लिए आगे आए युवा - डीएम मोतिहारी, 8 अगस्त 26 टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, मोतिहारी परिसर में आज शनिवार को सुबह जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में 150 टीबी मरीजों के बीच पोषण आहार किट का वितरण किया गया। इस दौरान सौरभ सुमन यादव, प्रेसिडेंट रेड क्रॉस सोसाइटी सह जिलाधिकारी ने कहा की टीबी मरीज को पोषण सम्बन्धित सहयोग की आवश्यकता होती है, वहीं कई ऐसे गरीब कमजोर वर्ग के लोग है जिन्हे संतुलित आहार नहीं मिलने से वे टीबी की बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाते हैं। इसलिए वैसे मरीजों के सहयोग के लिए समाजसेवी संगठन खासकर युवाओ से अपील की गईं है की सभी लोग अधिक से अधिक टीबी के रोगियों को गोद लेकर "निक्षय मित्र" बनक पोषण सम्बन्धित सहायता प्रदान करें। इस अवसर पर जिलाधिकारी के द्वारा जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के इस पहल की प्रशंसा की गई एवं आशा की गई आगे भी इस तरह से टीबी मरीजों को समिति के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार भारती तथा कार्यकारी सदस्य सह सिविल सर्जन, पूर्वी चंपारण डॉ. दिलीप कुमार, जिला यक्षमा पदाधिकारी डॉ संजीव, आईएमए के अध्यक्ष डॉ आशुतोष शरण के हाथो से भी टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित किया गया। मंच का संचालन शिक्षाविद कौशल किशोर सिंह ने किया। इस दौरान कौशल कुमार दुबे अस्पताल प्रबंधन के द्वारा 05 टीबी मरीज को गोद लिया गया तथा पोषण पोटली वितरण किया गया, वहीं सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर एसएन सत्यार्थी के द्वारा 05 टीबी मरीजों को गोद लिया गया तथा पोषण पोटली दिया गया। वहीं जिले के युवा उद्योगपति विशाल जायसवाल ने 25 टीबी रोगियों को गोद लेने,टाटा मोटर्स के अमित जायसवाल एवं अभिषेक लोहिया ने भी टीबी रोगियों को गोद लेकर पोषण सम्बन्धित सहयोग हेतु सहमति दी। इस अवसर पर डॉ आसुतोष शरण ने कहा की टीबी मुक्त अभियान के तहत टीबी से ग्रसित 150 मरीजों को पोषण आहार किट यानी फूड बास्केट का वितरण किया गया है आगे भी रेडक्रॉस व अन्य समाजसेवी संस्था सैकड़ों टीबी मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा की टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता जरूरी है। पोषण सहायता जैसे प्रयास मरीजों के स्वास्थ्य और उपचार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकते हैं। इस अवसर पर जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष सह वरीय उप समाहर्ता श्री अमरेश कुमार, जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री ज्ञानेश्वर प्रकाश,डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन, डॉ राकेश कुमार,डीसीएम नंदन झा, डीपीसी भारत भूषण, रेडक्रॉस के रूपक कुमार रंजीत श्रीवास्तव, आमोद कुमार भी उपस्थित थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Health Department

East Champaran, Bihar | Aug 8, 2026

प्रेस विज्ञप्ति

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के तत्वावधान में दिनांक 08.08.2026 को घोरासहन प्रखंड के अथमुहान में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संचालित “सिटारा योजना” के संबंध में एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं विधिक संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को सिटारा योजना के अंतर्गत उपलब्ध लाभों, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में पारा विधिक स्वयंसेवक (PLV) श्री नवीन कुमार एवं पैनल अधिवक्ता द्वारा ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों, समानता के संवैधानिक प्रावधानों तथा विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, समाजसेवी श्री मनीष कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज में समानता एवं सम्मान के साथ जीवन जीने के महत्व पर प्रकाश डाला।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यह भी बताया गया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की विधिक समस्या होने पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसके लिए वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को समाज में समावेशिता एवं समान अधिकारों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया तथा जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के तत्वावधान में दिनांक 08.08.2026 को घोरासहन प्रखंड के अथमुहान में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संचालित “सिटारा योजना” के संबंध में एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं विधिक संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को सिटारा योजना के अंतर्गत उपलब्ध लाभों, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में पारा विधिक स्वयंसेवक (PLV) श्री नवीन कुमार एवं पैनल अधिवक्ता द्वारा ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों, समानता के संवैधानिक प्रावधानों तथा विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, समाजसेवी श्री मनीष कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज में समानता एवं सम्मान के साथ जीवन जीने के महत्व पर प्रकाश डाला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यह भी बताया गया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की विधिक समस्या होने पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसके लिए वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को समाज में समावेशिता एवं समान अधिकारों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया तथा जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

East Champaran, Bihar | Aug 8, 2026

सीएचओ एवं रोगी हितधारक मंच के सदस्यों ने किया "स्तनपान" के बारे में महिलाओं को जागरूक 
- 08 अगस्त तक जिले में मनाया जा रहा है विश्व स्तनपान सप्ताह 

मोतिहारी, 07 अगस्त 26

पूर्वी चम्पारण जिले में इन दिनों सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सीएचओ एवं रोगी हितधारक मंच के सदस्यों के द्वारा समुदाय, आंगनवाड़ी केंद्र,में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान धात्री एवं गर्भवती महिलाओं को सीएचओ, आशा, एएनएम महिलाओं को स्वच्छता के साथ- साथ स्तनपान करने का महत्व सीखा रहीं है। इस सम्बन्ध में जिले के डीसीएम नंदन झा ने कहा की शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी एवं बच्चों के उचित पोषण के लिए कम से कम दो वर्ष तक बच्चे का स्तनपान कराया जाना बेहद जरूरी है, इससे कई प्रकार की बीमारियों से माता एवं बच्चा सुरक्षित रहता है।उन्होंने बताया की जिले में 
सीएचओ के साथ ही रोगी हितधारक मंच के सदस्यों ने अनोखी पहल किया है वे अब कई फाइलेरिया, कालाजार, डेंगू, डायरिया के साथ ही "स्तनपान" के बारे में समाज की महिलाओं को जागरूक रहें है। लालबेगिया के सीएचओ रोहित राज, बंजरिया सीएचओ अमित कुमार, जितौरा सीएचओ जीतेन्द्र कुमार, वाटगंज सीएचओ अमर चौधरी ने बताया की हमलोग सभी मिलकर अपने अपने सेंटर पर 
(01 से 08 अगस्त तक 
 स्तनपान सप्ताह मना रहें है वहीं इससे जुड़े मिथक, उत्तम आदतों और पोषण के अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर रहें है।ताकि समाज में स्तनपान को लेकर फैले भ्रम दूर हों और छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही मिले। 
- माताओं के लिए भी पोषण है जरूरी :

 सीएचओ रानी कुमारी चौरसिया ने बताया की मैं खुद एक औरत हुँ इसलिये उन्हें बताना चाहती हुँ की स्तनपान कराने वाली माताओं के दैनिक आहार में दाल और हरी सब्जियों का भरपूर सेवन आवश्यक है, जिससे उन्हें और उनके शिशु को पर्याप्त पोषक तत्व और लौह तत्व मिलेंगे।

इस अवसर पर रोगी हितधारक मंच के सीएचओ,आशा  आंगनबाड़ी, सेविका,
सहायिका सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar  Bihar Health Department

सीएचओ एवं रोगी हितधारक मंच के सदस्यों ने किया "स्तनपान" के बारे में महिलाओं को जागरूक - 08 अगस्त तक जिले में मनाया जा रहा है विश्व स्तनपान सप्ताह मोतिहारी, 07 अगस्त 26 पूर्वी चम्पारण जिले में इन दिनों सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सीएचओ एवं रोगी हितधारक मंच के सदस्यों के द्वारा समुदाय, आंगनवाड़ी केंद्र,में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान धात्री एवं गर्भवती महिलाओं को सीएचओ, आशा, एएनएम महिलाओं को स्वच्छता के साथ- साथ स्तनपान करने का महत्व सीखा रहीं है। इस सम्बन्ध में जिले के डीसीएम नंदन झा ने कहा की शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी एवं बच्चों के उचित पोषण के लिए कम से कम दो वर्ष तक बच्चे का स्तनपान कराया जाना बेहद जरूरी है, इससे कई प्रकार की बीमारियों से माता एवं बच्चा सुरक्षित रहता है।उन्होंने बताया की जिले में सीएचओ के साथ ही रोगी हितधारक मंच के सदस्यों ने अनोखी पहल किया है वे अब कई फाइलेरिया, कालाजार, डेंगू, डायरिया के साथ ही "स्तनपान" के बारे में समाज की महिलाओं को जागरूक रहें है। लालबेगिया के सीएचओ रोहित राज, बंजरिया सीएचओ अमित कुमार, जितौरा सीएचओ जीतेन्द्र कुमार, वाटगंज सीएचओ अमर चौधरी ने बताया की हमलोग सभी मिलकर अपने अपने सेंटर पर (01 से 08 अगस्त तक स्तनपान सप्ताह मना रहें है वहीं इससे जुड़े मिथक, उत्तम आदतों और पोषण के अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर रहें है।ताकि समाज में स्तनपान को लेकर फैले भ्रम दूर हों और छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही मिले। - माताओं के लिए भी पोषण है जरूरी : सीएचओ रानी कुमारी चौरसिया ने बताया की मैं खुद एक औरत हुँ इसलिये उन्हें बताना चाहती हुँ की स्तनपान कराने वाली माताओं के दैनिक आहार में दाल और हरी सब्जियों का भरपूर सेवन आवश्यक है, जिससे उन्हें और उनके शिशु को पर्याप्त पोषक तत्व और लौह तत्व मिलेंगे। इस अवसर पर रोगी हितधारक मंच के सीएचओ,आशा आंगनबाड़ी, सेविका, सहायिका सहित अन्य लोग उपस्थित थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Health Department

East Champaran, Bihar | Aug 7, 2026

आज श्रावण मास के द्वितीय शुक्रवार  के पावन अवसर पर अरेराज स्थित प्रसिद्ध बाबा सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विभिन्न स्थानों से आए हजारों श्रद्धालुओं और कांवरियों ने सुव्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक एवं दर्शन किए। इस वार भी भीड़  को नियंत्रित करने एवं  श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व की भाती सभी संवेदनशील स्थानों पर तीन पालियों में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। अनुमंडल पदाधिकारी अरेराज के द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर लगातार संपूर्ण परिसर का निरीक्षण किया गया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar #श्रावणीमेला

आज श्रावण मास के द्वितीय शुक्रवार के पावन अवसर पर अरेराज स्थित प्रसिद्ध बाबा सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विभिन्न स्थानों से आए हजारों श्रद्धालुओं और कांवरियों ने सुव्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक एवं दर्शन किए। इस वार भी भीड़ को नियंत्रित करने एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व की भाती सभी संवेदनशील स्थानों पर तीन पालियों में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। अनुमंडल पदाधिकारी अरेराज के द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर लगातार संपूर्ण परिसर का निरीक्षण किया गया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar #श्रावणीमेला

East Champaran, Bihar | Aug 7, 2026

प्रेस विज्ञाप्ति

गैर वन क्षेत्रों में जंगली जानवरों द्वारा जान-माल की क्षति किए जाने पर पीड़ितों को सरकार द्वारा प्रावधानित आर्थिक सहायता के संबंध में:-

अब जंगलों से बाहर आबादी वाले इलाको में भी यदि बाघ, तेंन्दुआ, हाथी या अन्य वन्यप्राणियों के हमले से किसी व्यक्ति की मौत होती है, वह घायल होता है या पशुधन और सम्पत्ति को नुकसान पहुँचता है तो घबरायें नहीं बल्कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत तत्काल सूचना दें, बिहार सरकार द्वारा पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता देने का प्रावधान किया गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने गैर-वन क्षेत्रों में वन्यजीवों से होने वाली क्षति पर सहायता राशि देने के लिए विस्तृत गाईड लाईन जारी की गई है।

गैर-वन क्षेत्रों में होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्ष को व्यवस्थित रूप से

राहत योजना के दायरे में लाया गया है। पिछलें कुछ वर्षों में बाघ, तेन्दुआ, हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों के जंगल से निकलकर गांवों और आबादी वाले क्षत्रों में पहुँचने की घटनाओं में बढोतरी हुई है, तथा इससे कई बार लोगों की जान गई है, कई गंभीर रूप से घायल हुये है तथा पशुधन तथा मकानों को भी नुकसान पहुंचा है, ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को राहत देने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। जारी गाईड लाईन के तहत वन्य प्राणी के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर आश्रितों को 10 लाख रूपये की सहायता राशि दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति गंभीर रूप से घायत होता है तो उसे 1.44 लाख रूपये, जबकि सामान्य रूप से घायल होने पर 24 हजार रूपये की सहायता मिलेगी। इसके अलावा हाथी या अन्य वन्य जीवों के हमले से दुधारू पशु, बैल, बकरी, भेड़ अथवा अन्य पालतू पशुओं की मौत होने पर भी निर्धारित श्रेणी के अनुसार मुआवजा दिया जायेगा। मकान, फसल तथा अन्य सम्पत्ति को नुकसान होने की स्थिति में भी विभागीय आकलन के आधार पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जायेगी।

किसी मनुष्य के मृत्यु हो जाने तथा घायल होने की स्थिति में 24 घण्टे के अन्दर यह सूचना निकटतम वन प्रक्षेत्र, वन प्रमण्डल कार्यालय एवं संबंधित थाना को देना होगा। पालतु पशुओं के शिकार की स्थिति में संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कराना अनिवार्य है, पालतु पशुओं के मारे जाने की सूचना भी 24 घण्टों के अन्दर निकटतम वन प्रक्षेत्र, वन प्रमण्डल कार्यालय को पशु के स्वामी द्वारा दिया जायेगा, मृत पशु की लाश घटना स्थल से वन अधिकारी की जाँच के उपरान्त ही हटाई जायेगी। जंगली जानवरों के द्वारा फसल एवं मकान की क्षति किये जाने पर 02 दिनों के अन्दर इसकी सूचना वन प्रक्षेत्र कार्यालय या अंचल अधिकारी कार्यालय को दिया जाना अनिवार्य होगा, साथ हीं संबंधित जमीन का दस्तावेज एवं जमीन का लगान रसीद की प्रति लगाना अनिवार्य होगा।

वन प्रमण्डल पदाधिकारी, मोतिहारी, श्री अमीत कुमार द्वारा बताया गया कि इसका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना और आर्थिक संकट से उबारना है। उनके द्वारा लोगों से अपील की है कि यदि किसी गांव या आबादी वाले क्षेत्र में हाथी या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो लोग स्वयं उन्हें भगाने या पकड़ने का प्रयास नहीं करें। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टिम मौके पर पहुँचकर सुरक्षित तरीके से कार्रवाई कर सकें।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar #forest

प्रेस विज्ञाप्ति गैर वन क्षेत्रों में जंगली जानवरों द्वारा जान-माल की क्षति किए जाने पर पीड़ितों को सरकार द्वारा प्रावधानित आर्थिक सहायता के संबंध में:- अब जंगलों से बाहर आबादी वाले इलाको में भी यदि बाघ, तेंन्दुआ, हाथी या अन्य वन्यप्राणियों के हमले से किसी व्यक्ति की मौत होती है, वह घायल होता है या पशुधन और सम्पत्ति को नुकसान पहुँचता है तो घबरायें नहीं बल्कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत तत्काल सूचना दें, बिहार सरकार द्वारा पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता देने का प्रावधान किया गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने गैर-वन क्षेत्रों में वन्यजीवों से होने वाली क्षति पर सहायता राशि देने के लिए विस्तृत गाईड लाईन जारी की गई है। गैर-वन क्षेत्रों में होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्ष को व्यवस्थित रूप से राहत योजना के दायरे में लाया गया है। पिछलें कुछ वर्षों में बाघ, तेन्दुआ, हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों के जंगल से निकलकर गांवों और आबादी वाले क्षत्रों में पहुँचने की घटनाओं में बढोतरी हुई है, तथा इससे कई बार लोगों की जान गई है, कई गंभीर रूप से घायल हुये है तथा पशुधन तथा मकानों को भी नुकसान पहुंचा है, ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को राहत देने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। जारी गाईड लाईन के तहत वन्य प्राणी के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर आश्रितों को 10 लाख रूपये की सहायता राशि दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति गंभीर रूप से घायत होता है तो उसे 1.44 लाख रूपये, जबकि सामान्य रूप से घायल होने पर 24 हजार रूपये की सहायता मिलेगी। इसके अलावा हाथी या अन्य वन्य जीवों के हमले से दुधारू पशु, बैल, बकरी, भेड़ अथवा अन्य पालतू पशुओं की मौत होने पर भी निर्धारित श्रेणी के अनुसार मुआवजा दिया जायेगा। मकान, फसल तथा अन्य सम्पत्ति को नुकसान होने की स्थिति में भी विभागीय आकलन के आधार पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। किसी मनुष्य के मृत्यु हो जाने तथा घायल होने की स्थिति में 24 घण्टे के अन्दर यह सूचना निकटतम वन प्रक्षेत्र, वन प्रमण्डल कार्यालय एवं संबंधित थाना को देना होगा। पालतु पशुओं के शिकार की स्थिति में संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कराना अनिवार्य है, पालतु पशुओं के मारे जाने की सूचना भी 24 घण्टों के अन्दर निकटतम वन प्रक्षेत्र, वन प्रमण्डल कार्यालय को पशु के स्वामी द्वारा दिया जायेगा, मृत पशु की लाश घटना स्थल से वन अधिकारी की जाँच के उपरान्त ही हटाई जायेगी। जंगली जानवरों के द्वारा फसल एवं मकान की क्षति किये जाने पर 02 दिनों के अन्दर इसकी सूचना वन प्रक्षेत्र कार्यालय या अंचल अधिकारी कार्यालय को दिया जाना अनिवार्य होगा, साथ हीं संबंधित जमीन का दस्तावेज एवं जमीन का लगान रसीद की प्रति लगाना अनिवार्य होगा। वन प्रमण्डल पदाधिकारी, मोतिहारी, श्री अमीत कुमार द्वारा बताया गया कि इसका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना और आर्थिक संकट से उबारना है। उनके द्वारा लोगों से अपील की है कि यदि किसी गांव या आबादी वाले क्षेत्र में हाथी या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो लोग स्वयं उन्हें भगाने या पकड़ने का प्रयास नहीं करें। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टिम मौके पर पहुँचकर सुरक्षित तरीके से कार्रवाई कर सकें। Information & Public Relations Department, Government of Bihar #forest

East Champaran, Bihar | Aug 7, 2026