✅ सुरक्षित बपचन अभियान के तहत-बोलो, बताओ, बचाओ थीम के आधार पर विद्यालयों में जागरूकता शिविरों का हुआ आयोजन
✅ बच्चों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, अपनी बात खुलकर बताने तथा स्वयं की सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर केनिर्देशानुसार एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा प्रारंभ किए गए ‘‘सुरक्षित बचपन अभियान’’ के अंतर्गत माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय श्री अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा द्वारा नालसा थीम-बोलो, बताओ, बचाओ के आधार पर जिले के विभिन्न स्कूलों में बुधवार को बाल सुरक्षा एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया।
द फाउण्डेषन आफ एजुकेशन स्कूल हरदा में आयोजित कार्यक्रम में श्री निमिष राजा, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरदा द्वारा उपस्थित बच्चों को संबोधित करते हुए बताया गया कि ‘‘सुरक्षित बचपन अभियान’’ के तहत आयोजित होने वाले जागरूकता शिविरों का मुख्य उददेश्य बच्चों को उनकी आयु एवं समझ के अनुरूप शारीरिक सुरक्षा, व्यक्ति सीमाओं, सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श की पहचान तथा किसी भी असहज अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना किसी भय, संकोच या दबाव के अपनी बात विश्वसनीय व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रति जागरूक करना रहा।
इसी अवसर पर श्रीसंजीव रहांगडाले, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हरदा द्वारा विद्यार्थियों को सरल, सहज एवं संवादात्मक तरीके से समझाया गया कि प्रत्येक बच्चे को अपने शरीर की सुरक्षा एवं व्यक्तिगत निजता बनाए रखने का अधिकार है। बच्चों का बताया गया कि सुरक्षित स्पर्श वह होता है, जिसमें उन्हें सहजता एवं सुरक्षा का अनुभव हो, जबकि असुरक्षित अथवा अनुचित स्पर्श ऐसा हो सकता है, जिसमें उन्हें डर, असहजता, परेशानी अथवा असुरक्षा महसूस हो। उन्हें यह भी समझाया गया कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार उन्हे असहज करता है तो उन्हे अपनी असहमति व्यक्त करने तथा वहां से दूर जाने का अधिकार है।
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हरदा में आयोजित कार्यक्रम में श्री लवकेश सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा विद्यार्थियों को शरीर के निजी अंगों की सुरक्षा एवं व्यक्तिगत निजता के महत्व के संबंध मे जागरूक किया गया। उन्होने बताया कि शरीर के निजी अंगों की सुरक्षा करना अत्यंत आवश्यक है तथा किसी भी व्यक्ति को उनकी इच्छा के विरूद्ध छूने अथवा छूने के लिए बाध्य करने का अधिकार नहीं है। बच्चों को किसी भी प्रकार की अनुचित व्यवहार के प्रति सजग रहने तथा ऐसी स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी अवसर पर श्री चंद्रशेखर राठौर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा बच्चों को बताया गया कि माता-पिता, अभिभावक अथवा परिवार के ऐसे जिम्मेदार सदस्य, जिन पर वे भरोसा करते है, किसी भी परेशानी अथवा असुरक्षित स्थिति में उनकी सहायता कर सकते है। उपस्थित शिक्षकों को भी बाल सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्हें बताया गया कि बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, भय, असहजता, चुप्पी अथवा किसी व्यक्ति विशेष से डरने जैसे संकेतों के प्रति सजग रहना आवष्यक है। बच्चों की बातों को गंभीरता एवं धैयपूर्वक सुनना, उन्हें विश्वास दिलाना, उनकी निजता का सम्मान करना तथा किसी शिकायतको संवेदनशीलता के साथ लेते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना आवश्यक है। बच्चों को डांटने, दोषी ठहराने अथवा उनकी बात को नजरअंदाज करने के स्थान पर उन्हें सुरक्षित वातावरण एवं उचित सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
इस अवसर पर श्री सौरभ कुमार दुबे जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा विभिन्न आपातकालीन एवं सहायता हेल्पलाईन नंबरो की जानकारी देते हुए उनके उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। उन्होने बाल शोषण की शिकायत हेतु चाईल्ड हेल्पलाईन नंबर 1098, साइबर अपराध की निशुल्क हेतु हेल्पलाईन नंबर 1930, और निशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाईन नंबर 15100 की जानकारी प्रदान की गई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों, शिक्षकों अभिभावकों को बाल संरक्षण एवं कानूनी जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया।
कार्यक्रमों के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग एवं साईबर विभाग से उपस्थित हुए प्रतिनिधियों द्वारा विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, बच्चों के अधिकारों, आनलाईन सुरक्षा और सायबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र आयोजित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
इसी तरह तहसील विधिक सेवा समिति टिमरनी में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय टिमरनी तथा तहसील विधिक सेवा समिति खिरकिया में सेंट ज्यूडस को-एड स्कूल छीपाबड़ तथा शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल चैकड़ी में भी शिविरों का आयोजन किया गया।
Department of Law & Legislative Affairs, Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh
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Harda, Madhya Pradesh | Nov 4, 2026