बलिया में फर्जी मास्टर रोल बनाकर सरकारी धन हड़पने वाला फरार कोटेदार गिरफ्तार, 19 साल बाद चढ़ा हत्थे
बांसडीह (बलिया)। जनपद के बहुचर्चित खाद्यान्न घोटाले में 19 साल से फरार चल रहे वांछित कोटेदार को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की टीम ने गुरुवार को बांसडीह से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान दोकटी क्षेत्र के श्रीपतिपुर निवासी जलेश्वर राम के रूप में हुई है। वह वर्ष 2006 में दोकटी थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहा था।
मामला वर्ष 2002 से 2005 के बीच का है। उस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मुरलीछपरा विकास खंड के विभिन्न गांवों में क्षेत्र पंचायत अंश से विकास कार्य कराए जाने थे। इनमें नाली, खड़ंजा, सीसी रोड, पुलिया और संपर्क मार्गों पर मिट्टी भराई जैसे कार्य शामिल थे। योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न (चावल) के साथ नकद राशि देने का प्रविधान था।
आरोप है कि तत्कालीन कार्य प्रभारियों और कोटेदारों ने आपसी मिलीभगत से योजना में अनियमितता की। इसके लिए फर्जी मास्टर रोल तैयार किए गए और कागजों पर काल्पनिक श्रमिकों के नाम दर्ज कर खाद्यान्न वितरण दर्शा दिया गया। जबकि वास्तविक मजदूरों को योजना का लाभ नहीं मिला। इस तरह सरकारी धन और खाद्यान्न में हेराफेरी कर करीब 53,50,075 रुपये की सरकारी क्षति पहुंचाने का आरोप है।
इस पूरे प्रकरण में कुल 43 मुकदमे दर्ज किए गए थे। ईओडब्ल्यू की जांच के दौरान जलेश्वर राम के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद से उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। लंबे समय से फरार रहने के कारण वह वांछित अभियुक्तों की सूची में शामिल था। वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ईओडब्ल्यू की टीम ने गुरुवार को उसे बांसडीह से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपित को विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय, आजमगढ़ के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बांसडीह के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि ईओडब्ल्यू की टीम बांसडीह आई थी और अपने वांछित आरोपित को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है।
इससे पहले इनकी हो चुकी गिरफ्तारी
इससे पहले पंदह ब्लाक के तत्कालीन ब्लाक प्रमुख मुन्ना सिंह उर्फ सुग्रीव सिंह को गिरफ्तार किया गया था, जिन पर अधिकारियों के साथ मिलकर 61 लाख रुपये से अधिक के गबन का आरोप है। वहीं भीखमपुर के तत्कालीन कोटेदार सुनील कुमार को 61 लाख रुपये के घोटाले में पकड़ा गया।
तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) राजेन्द्र प्रसाद वर्मा को फर्जी 92 मास्टर रोल तैयार कर 67 लाख रुपये के विकास व खाद्यान्न घोटाले के आरोप में उनके आवास से गिरफ्तार किया जा चुका है।
Hardoi, Hardoi | Oct 31, 2026