ऐतिहासिक मां शिव शक्ति जातर मेला छतराड़ी को मिला राज्य स्तरीय मेले का दर्जा, क्षेत्र में खुशी की लहर
ओपी शर्मा भरमौर/छतराड़ी।
ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले मां शिव शक्ति जातर मेला छतराड़ी को प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य स्तरीय मेले का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। सरकार के इस निर्णय के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस उपलब्धि पर प्रदेश सरकार, विधायक केवल सिंह पठानिया तथा कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी का आभार व्यक्त किया है।
गौरतलब है कि इस मेले को राज्य स्तरीय दर्जा दिलाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इससे पहले मेले को जिला स्तरीय मेले का दर्जा प्राप्त था, लेकिन क्षेत्र के लोगों ने इसकी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसे राज्य स्तरीय दर्जा देने के लिए लगातार प्रयास किए। वर्षों की मांग और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आखिरकार इस मांग को स्वीकार कर लिया।
मां शिव शक्ति जातर मेला अपनी अनूठी धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रदेशभर में प्रसिद्ध है। विशेष रूप से यहां प्रस्तुत किया जाने वाला पारंपरिक ‘आली-माली’ नृत्य हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। इस अनूठी लोक संस्कृति को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक छतराड़ी पहुंचते हैं। इसके अलावा प्राचीन एवं कलात्मक शैली में निर्मित मां शिव शक्ति मंदिर भी अपनी उत्कृष्ट काष्ठकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
पूर्व युवा मंडल अध्यक्ष सुखपाल शर्मा सहित अनेक पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने राज्य स्तरीय दर्जा मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे मेले के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिलेगी। साथ ही सरकार की ओर से अधिक वित्तीय सहायता और सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे मेले का आयोजन और अधिक भव्य रूप में किया जा सकेगा।
चार दिनों तक चलने वाले इस मेले में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों, लोक नृत्यों, सांस्कृतिक संध्याओं और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। राज्य स्तरीय दर्जा मिलने से अब इस ऐतिहासिक मेले की पहचान प्रदेश स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।
Dharwala, Chamba | Jun 6, 2026