पुल के अभाव में ग्रामीणों की परेशानी, शव को कंधे पर लेकर नदी पार करने की मजबूरी
अंतागढ़ मुख्यालय से चंद दूरी पर स्थित एक गांव जिसका नाम कड़ाहीखोदरा के नदीपारा का बताया जा रहा है वहां की तस्वीर ग्रामीण जीवन की उस हकीकत को सामने लाती है, जिसे देखकर भी शायद शब्द कम पड़ जाएं। गांव तक पहुंचने के लिए नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आए दिन आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हालांकि नदी का बहाव इस समय तेज नहीं था, लेकिन जब ग्रामीण एक शव को कंधे पर उठाकर अंतिम संस्कार के लिए नदी पार करते नजर आए, तो उन्होंने बिना कुछ कहे ही अपनी मजबूरी की वह लकीर खींच दी, जो बहुत कुछ कह गई।
कंधे पर शव और सामने नदी का रास्ता… यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव की वह कहानी है, जो अंतागढ़ मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर आज भी दिखाई देती है।
ग्रामीणों के लिए पुल सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनके जीवन, इलाज, शिक्षा और जरूरत के समय सुरक्षित आवाजाही की उम्मीद है। सवाल यही है कि आखिर कब इस मजबूरी का अंत होगा और नदी पर पुल बनकर ग्रामीणों के लिए रास्ता आसान होगा? #chhattisgarh #india #news #kanker
Kanker, Kanker | Aug 17, 2026