जयपुर में प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने की घटना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। विचारों का जवाब तर्क से दिया जाता है, हिंसा से नहीं। यदि असहमति का उत्तर थप्पड़ और गुंडागर्दी बन जाए, तो यह लोकतंत्र नहीं बल्कि असहिष्णुता का प्रदर्शन है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।