कस्तूरबा गांधी छात्रावास में सहायक रसोइया को दोबारा काम पर रखने की मांग, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की गुहार
छतरपुर/चंदला। कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास चंदला में सहायक रसोइया के पद पर कार्य कर चुकीं श्रीमती संतोष वर्मा, पति उमेश वर्मा, निवासी वार्ड क्रमांक 04, पंचायत चंदला ने संबंधित अधिकारियों पर मनमानी और अनियमितता के आरोप लगाते हुए छतरपुर कलेक्टर को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और उन्हें दोबारा कार्य पर रखे जाने की मांग की है।
आवेदन के मुताबिक संतोष वर्मा लंबे समय से कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास चंदला में सहायक रसोइया के रूप में कार्य करती थीं। 4 जून 2023 को छात्रावास में टीन/सीमेंट की सामग्री गिरने से उनके हाथ में चोट आई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
आरोप है कि इलाज के बाद जब वह दोबारा छात्रावास में काम करने पहुंचीं तो उन्हें बिना किसी स्पष्ट लिखित आदेश के रसोइया के कार्य से रोक दिया गया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनसे कथित तौर पर 20 हजार रुपये की राशि की मांग की गई थी। राशि देने से इनकार करने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और धमकी दिए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है।
संतोष वर्मा का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दिए, लेकिन अभी तक उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। आवेदन में 27 अगस्त 2023 को कार्य करने से रोके जाने का भी उल्लेख किया गया है।
अब 25 अगस्त 2026 को कलेक्टर को दिए गए आवेदन में उन्होंने सहायक रसोइया के पद पर पुनः कार्य करने का अवसर देने, संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने तथा कथित रूप से 20 हजार रुपये मांगने और दुर्व्यवहार किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
महिला ने कलेक्टर से की ये प्रमुख मांगें
सहायक रसोइया के पद पर दोबारा कार्य पर रखा जाए।
बिना लिखित आदेश कार्य से हटाए जाने की जांच हो।
20 हजार रुपये मांगने के आरोप की जांच कराई जाए।
दुर्व्यवहार और धमकी के आरोपों की जांच हो।
संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित विभाग/अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।