शासन की योजना से कॅरियर मार्गदर्शन योजना अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर गोशिया शेख ने खोला स्वयं का ब्यूटी पार्लर
बड़वानी 06 अक्टूबर 2026/शासकीय कन्या महाविद्यालय, बड़वानी में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग, भोपाल की अल्पावधि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण योजना के तहत छात्राओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से दिनांक 01 सितम्बर 2025 से 27 अक्टूबर 2025 तक स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के माध्यम से ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षण का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कविता भदौरिया के मार्गदर्शन में किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय की अनेक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा ब्यूटीशियन क्षेत्र से संबंधित आवश्यक व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुखी कौशल प्राप्त किए। प्रशिक्षण से लाभान्वित छात्राओं में से कु. गोशिया पिता शफिक शेख ने शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाते हुए प्रशिक्षण में प्राप्त कौशल का उपयोग कर स्वयं का ब्यूटी पार्लर प्रारंभ किया।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कौशल का उपयोग करते हुए स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया और आज सफलतापूर्वक अपना कार्य कर रही हैं। कु. गोशिया पिता शफिक शेख ने अपनी सफलता की कहानी बताते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त कौशल ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए आत्मविश्वास प्रदान किया।
वर्तमान में उनके ब्यूटी पार्लर से ₹25,000 से अधिक मासिक आय प्राप्त हो रही है। उनकी इस उपलब्धि को देखते हुए लायंस क्लब द्वारा उनका सम्मान भी किया गया, जो महाविद्यालय द्वारा संचालित रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण की सार्थकता को दर्शाता है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कविता भदौरिया ने छात्रा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. प्रियंका देवड़ा ने कहा कि गोशिया शेख की सफलता अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणादायक है।
कौशल आधारित प्रशिक्षण का सही उपयोग कर छात्राएं अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुसार स्वरोजगार प्रारंभ कर सकती हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। गोशिया शेख की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का लाभ उठाकर युवा अपने कौशल को स्वरोजगार में परिवर्तित कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकते हैं।
कु. गोशिया पिता शफिक शेख की सफलता “सेवा से सफलता की कहानी” का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने शासन की रोजगारोन्मुखी पहल एवं महाविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए कौशल प्रशिक्षण का लाभ लेकर अपने हुनर को स्वरोजगार में परिवर्तित किया। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर युवा अपने कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।