Public App Logo
Jansamasya
News
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Coronavirus
कांग्रेस
मौत
बीजेपी
Congress
Modi
Delhi
Viral
Rajasthan
मध्यप्रदेश
Bollywood
Breakingnews
Madhya_pradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Uttarpradesh
Haryana
Uttarakhand
Crimenews
Karnataka
Education
Rss
image
image
image

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर जोर -जिला सार्वजनिक वितरण समिति और जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला सार्वजनिक वितरण समिति और जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के प्रभावी संचालन, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी फूड इंस्पेक्टर को निर्देश जारी किए है कि अपने अपने क्षेत्र से उचित मूल्य की दुकानों में क्या क्या खाद्य वस्तुएं मिलनी चाहिए। इसके बारे में रिपोर्ट लोगों से फीडबैक लेकर तैयार करेंगे। इसके लिए सभी फूड इस्पेक्टर अगले दस दिनों मंे अपने अपने अधिकार क्षेत्र में इसको लेकर जानकारी जुटाएंगे। इसके बाद सारी जानकारी एकत्रित करके खाद्य नागरिक आपूर्ति एंव उपभोक्ता मामले विभाग को भेजी जाएगी। उपायुक्त अनपुम कश्यप ने कहा कि जिला भर में कुछ क्षेत्र ऐसे है जहां पर कुछ दालों की खरीद काफी कम होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं की फीडबैक के आधार पर रिपोर्ट तैयार सरकार को भेजेंगे ताकि जिन दाले की मांग अधिक है। उचित मूल्यों की दुकानों में वही दाले या अन्य वस्तुएं मिले। उपायुक्त ने बताया कि जिला में दो उचित मूल्य की दुकानों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। एक चिड़गांव के छआरा क्षेत्र में व एक चौपाल तहसील के गांव शिलावणी में चल रही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्वयं सहायता समूहों के सफल प्रयासों को देखकर अन्य समूहों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन के उपरांत आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण न करने से संबंधित मामलों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर पात्र उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत दिसंबर, 2025 से फरवरी, 2026 तक विभिन्न योजनाओं के तहत खाद्यान्न की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की गई। जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियिम 2013 के लाभार्थियों को मिलने वाली योजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। बैठक में एडीएम लाॅ एंड आर्डर पंकज शर्मा, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एव उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नई उचित मूल्य दुकाने खुलने पर विचार बैठक में जिला के विभिन्न विकास खंडों एवं शहरी क्षेत्रों में नई उचित मूल्य की दुकानों के संचालन संबंधी प्रस्तावों पर भी विस्तार से विचार किया गया। इनमें जुब्बल खंड के गांव कुडडु, भोलाड़, झगटान और नंदपुर, चैपाल खंड के सरैन , नारकंडा खंड के खनेटी, चिड़गांव खंड के गांव सराहन, बसंतपुर खंड के गांव देवीधार और सुन्नी वार्ड न 2, ननखड़ी खंड के गांव खलटुधार, रामपुर के शाह वार्ड 4 और व्यूथल, ठियोग, मशोबरा, कोटखाई खंड के गांव गरावग, गुम्मा और झड़ग, कुपवी खंड के गांव बाघी वार्ड, टुटू खंड के गांव ढेण्डा सहित विभिन्न क्षेत्रों से के नामों पर चर्चा की गई समिति ने नए प्राप्त मामलों तथा पूर्व में लंबित मामलों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। ...000...

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026

MORE NEWS

Civ RD 11 RMS bakhol Kotkhai 2026

Civ RD 11 RMS bakhol Kotkhai 2026

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती पर जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश

हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त (विनियमन) विभाग ने 11 जून, 2026 को आउटसोर्स सेवाओं (Outsourcing of Services) के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 13 अक्टूबर, 2022 के उस आदेश को निरस्त कर दिया गया है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अगले आदेश तक जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

मुख्य बिंदु

1. 2022 का आदेश रद्द

13 अक्टूबर, 2022 का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

अब आउटसोर्स सेवाओं के लिए नए दिशा-निर्देश लागू होंगे।

2. आउटसोर्सिंग स्थायी व्यवस्था नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग केवल अस्थायी (Temporary), आवश्यकता आधारित (Need-based) और अंतरिम (Stop-gap) व्यवस्था है।

इसे सरकारी रोजगार का स्थायी या प्राथमिक माध्यम नहीं माना जाएगा।
L
3. नियमित भर्ती को प्राथमिकता

जिन पदों के लिए नियमित भर्ती एवं पदोन्नति नियम (R&P Rules) लागू हैं, उन रिक्तियों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाएगा।

विभागों को नियमित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।

4. स्वीकृत पदों से अधिक आउटसोर्स नियुक्तियों पर रोक

कई विभागों में स्वीकृत पदों से अधिक अथवा पहले से नियमित कर्मचारियों द्वारा भरे गए पदों पर आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति पर सरकार ने चिंता व्यक्त की है।

ऐसी व्यवस्थाओं को विभागीय आवश्यकता के अनुसार तर्कसंगत (Rationalise) किया जाएगा।

5. नई आउटसोर्स भर्ती पर वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य

किसी भी नई आउटसोर्स सेवा को नियुक्त करने, तैनात करने या जारी रखने के लिए वित्त विभाग की पूर्व लिखित अनुमति आवश्यक होगी।

बिना अनुमति की गई नियुक्तियों को अनधिकृत (Unauthorized) माना जाएगा और उन पर कार्रवाई की जा सकती है।

6. वर्तमान आउटसोर्स कर्मचारी

वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी अस्थायी और आवश्यकता आधारित व्यवस्था के तहत कार्य करते रह सकते हैं।

यह व्यवस्था नियमित भर्ती पूरी होने तक और समय-समय पर विभागीय समीक्षा के अधीन होगी।

7. केवल विशेष परिस्थितियों में आउटसोर्सिंग

आउटसोर्सिंग का उपयोग केवल अस्थायी, गैर-मुख्य (Non-core), मौसमी (Seasonal) अथवा विशेष तकनीकी सेवाओं के लिए किया जाएगा।

8. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अनुपालन

उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह पत्र सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों एवं संस्कृत महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

निष्कर्ष

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आउटसोर्सिंग सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं है। भविष्य में नियमित पदों पर नियमित भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी तथा आउटसोर्सिंग केवल सीमित एवं आवश्यक परिस्थितियों में ही की जा सकेगी। नई आउटसोर्स नियुक्तियों के लिए वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी और वर्तमान आउटसोर्स सेवाओं की भी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती पर जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त (विनियमन) विभाग ने 11 जून, 2026 को आउटसोर्स सेवाओं (Outsourcing of Services) के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 13 अक्टूबर, 2022 के उस आदेश को निरस्त कर दिया गया है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अगले आदेश तक जारी रखने की अनुमति दी गई थी। मुख्य बिंदु 1. 2022 का आदेश रद्द 13 अक्टूबर, 2022 का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। अब आउटसोर्स सेवाओं के लिए नए दिशा-निर्देश लागू होंगे। 2. आउटसोर्सिंग स्थायी व्यवस्था नहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग केवल अस्थायी (Temporary), आवश्यकता आधारित (Need-based) और अंतरिम (Stop-gap) व्यवस्था है। इसे सरकारी रोजगार का स्थायी या प्राथमिक माध्यम नहीं माना जाएगा। L 3. नियमित भर्ती को प्राथमिकता जिन पदों के लिए नियमित भर्ती एवं पदोन्नति नियम (R&P Rules) लागू हैं, उन रिक्तियों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाएगा। विभागों को नियमित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। 4. स्वीकृत पदों से अधिक आउटसोर्स नियुक्तियों पर रोक कई विभागों में स्वीकृत पदों से अधिक अथवा पहले से नियमित कर्मचारियों द्वारा भरे गए पदों पर आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति पर सरकार ने चिंता व्यक्त की है। ऐसी व्यवस्थाओं को विभागीय आवश्यकता के अनुसार तर्कसंगत (Rationalise) किया जाएगा। 5. नई आउटसोर्स भर्ती पर वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य किसी भी नई आउटसोर्स सेवा को नियुक्त करने, तैनात करने या जारी रखने के लिए वित्त विभाग की पूर्व लिखित अनुमति आवश्यक होगी। बिना अनुमति की गई नियुक्तियों को अनधिकृत (Unauthorized) माना जाएगा और उन पर कार्रवाई की जा सकती है। 6. वर्तमान आउटसोर्स कर्मचारी वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी अस्थायी और आवश्यकता आधारित व्यवस्था के तहत कार्य करते रह सकते हैं। यह व्यवस्था नियमित भर्ती पूरी होने तक और समय-समय पर विभागीय समीक्षा के अधीन होगी। 7. केवल विशेष परिस्थितियों में आउटसोर्सिंग आउटसोर्सिंग का उपयोग केवल अस्थायी, गैर-मुख्य (Non-core), मौसमी (Seasonal) अथवा विशेष तकनीकी सेवाओं के लिए किया जाएगा। 8. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अनुपालन उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह पत्र सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों एवं संस्कृत महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निष्कर्ष सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आउटसोर्सिंग सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं है। भविष्य में नियमित पदों पर नियमित भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी तथा आउटसोर्सिंग केवल सीमित एवं आवश्यक परिस्थितियों में ही की जा सकेगी। नई आउटसोर्स नियुक्तियों के लिए वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी और वर्तमान आउटसोर्स सेवाओं की भी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026