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The DESY® variety was bred by CIV, an Italian nursery consortium and breeding program based in Italy. Rather than keeping it strictly exclusive under a "club" system, CIV has managed DESY® with flexible collaborative and licensing arrangements, expanding its reach globally. For instance, trial plantings and exclusive growing rights have been established in other major agricultural markets, such as India, through partnerships with companies like IG International.

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती पर जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश

हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त (विनियमन) विभाग ने 11 जून, 2026 को आउटसोर्स सेवाओं (Outsourcing of Services) के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 13 अक्टूबर, 2022 के उस आदेश को निरस्त कर दिया गया है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अगले आदेश तक जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

मुख्य बिंदु

1. 2022 का आदेश रद्द

13 अक्टूबर, 2022 का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

अब आउटसोर्स सेवाओं के लिए नए दिशा-निर्देश लागू होंगे।

2. आउटसोर्सिंग स्थायी व्यवस्था नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग केवल अस्थायी (Temporary), आवश्यकता आधारित (Need-based) और अंतरिम (Stop-gap) व्यवस्था है।

इसे सरकारी रोजगार का स्थायी या प्राथमिक माध्यम नहीं माना जाएगा।
L
3. नियमित भर्ती को प्राथमिकता

जिन पदों के लिए नियमित भर्ती एवं पदोन्नति नियम (R&P Rules) लागू हैं, उन रिक्तियों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाएगा।

विभागों को नियमित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।

4. स्वीकृत पदों से अधिक आउटसोर्स नियुक्तियों पर रोक

कई विभागों में स्वीकृत पदों से अधिक अथवा पहले से नियमित कर्मचारियों द्वारा भरे गए पदों पर आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति पर सरकार ने चिंता व्यक्त की है।

ऐसी व्यवस्थाओं को विभागीय आवश्यकता के अनुसार तर्कसंगत (Rationalise) किया जाएगा।

5. नई आउटसोर्स भर्ती पर वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य

किसी भी नई आउटसोर्स सेवा को नियुक्त करने, तैनात करने या जारी रखने के लिए वित्त विभाग की पूर्व लिखित अनुमति आवश्यक होगी।

बिना अनुमति की गई नियुक्तियों को अनधिकृत (Unauthorized) माना जाएगा और उन पर कार्रवाई की जा सकती है।

6. वर्तमान आउटसोर्स कर्मचारी

वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी अस्थायी और आवश्यकता आधारित व्यवस्था के तहत कार्य करते रह सकते हैं।

यह व्यवस्था नियमित भर्ती पूरी होने तक और समय-समय पर विभागीय समीक्षा के अधीन होगी।

7. केवल विशेष परिस्थितियों में आउटसोर्सिंग

आउटसोर्सिंग का उपयोग केवल अस्थायी, गैर-मुख्य (Non-core), मौसमी (Seasonal) अथवा विशेष तकनीकी सेवाओं के लिए किया जाएगा।

8. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अनुपालन

उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह पत्र सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों एवं संस्कृत महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

निष्कर्ष

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आउटसोर्सिंग सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं है। भविष्य में नियमित पदों पर नियमित भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी तथा आउटसोर्सिंग केवल सीमित एवं आवश्यक परिस्थितियों में ही की जा सकेगी। नई आउटसोर्स नियुक्तियों के लिए वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी और वर्तमान आउटसोर्स सेवाओं की भी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती पर जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त (विनियमन) विभाग ने 11 जून, 2026 को आउटसोर्स सेवाओं (Outsourcing of Services) के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 13 अक्टूबर, 2022 के उस आदेश को निरस्त कर दिया गया है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अगले आदेश तक जारी रखने की अनुमति दी गई थी। मुख्य बिंदु 1. 2022 का आदेश रद्द 13 अक्टूबर, 2022 का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। अब आउटसोर्स सेवाओं के लिए नए दिशा-निर्देश लागू होंगे। 2. आउटसोर्सिंग स्थायी व्यवस्था नहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग केवल अस्थायी (Temporary), आवश्यकता आधारित (Need-based) और अंतरिम (Stop-gap) व्यवस्था है। इसे सरकारी रोजगार का स्थायी या प्राथमिक माध्यम नहीं माना जाएगा। L 3. नियमित भर्ती को प्राथमिकता जिन पदों के लिए नियमित भर्ती एवं पदोन्नति नियम (R&P Rules) लागू हैं, उन रिक्तियों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाएगा। विभागों को नियमित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। 4. स्वीकृत पदों से अधिक आउटसोर्स नियुक्तियों पर रोक कई विभागों में स्वीकृत पदों से अधिक अथवा पहले से नियमित कर्मचारियों द्वारा भरे गए पदों पर आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति पर सरकार ने चिंता व्यक्त की है। ऐसी व्यवस्थाओं को विभागीय आवश्यकता के अनुसार तर्कसंगत (Rationalise) किया जाएगा। 5. नई आउटसोर्स भर्ती पर वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य किसी भी नई आउटसोर्स सेवा को नियुक्त करने, तैनात करने या जारी रखने के लिए वित्त विभाग की पूर्व लिखित अनुमति आवश्यक होगी। बिना अनुमति की गई नियुक्तियों को अनधिकृत (Unauthorized) माना जाएगा और उन पर कार्रवाई की जा सकती है। 6. वर्तमान आउटसोर्स कर्मचारी वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी अस्थायी और आवश्यकता आधारित व्यवस्था के तहत कार्य करते रह सकते हैं। यह व्यवस्था नियमित भर्ती पूरी होने तक और समय-समय पर विभागीय समीक्षा के अधीन होगी। 7. केवल विशेष परिस्थितियों में आउटसोर्सिंग आउटसोर्सिंग का उपयोग केवल अस्थायी, गैर-मुख्य (Non-core), मौसमी (Seasonal) अथवा विशेष तकनीकी सेवाओं के लिए किया जाएगा। 8. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अनुपालन उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह पत्र सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों एवं संस्कृत महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निष्कर्ष सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आउटसोर्सिंग सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं है। भविष्य में नियमित पदों पर नियमित भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी तथा आउटसोर्सिंग केवल सीमित एवं आवश्यक परिस्थितियों में ही की जा सकेगी। नई आउटसोर्स नियुक्तियों के लिए वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी और वर्तमान आउटसोर्स सेवाओं की भी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026