पिथौरागढ़ : सदर रामलीला में राम-लक्ष्मण ने किया ताड़का वध, अहिल्या का हुआ उद्धार
पिथौरागढ़:- श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के द्वितीय दिवस राम-लक्ष्मण द्वारा यज्ञ रक्षा, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की लीला का प्रभावशाली मंचन किया गया।
लीला में दर्शाया गया कि महामुनि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से श्रीराम और लक्ष्मण को साथ भेजने का आग्रह करते हैं। कुलगुरु वशिष्ठ की सलाह और राजा दशरथ की आज्ञा से दोनों राजकुमार विश्वामित्र के साथ प्रस्थान करते हैं। मार्ग में श्रीराम और लक्ष्मण ताड़का, सुबाहु जैसे राक्षसों का वध कर ऋषि के यज्ञ की रक्षा करते हैं, जबकि मारीच को परास्त कर दूर भेज देते हैं।
इसके बाद जनकपुरी में आयोजित होने वाले स्वयंवर का आमंत्रण मिलने पर विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरी की ओर प्रस्थान करते हैं। मार्ग में श्रीराम अपने चरण स्पर्श से शापग्रस्त अहिल्या का उद्धार करते हैं।
मंचन में राम की भूमिका आयुष कलखुडिया, लक्ष्मण की पीयूष उप्रेती, राजा दशरथ की रविकांत पुनेड़ा, भरत की सुमित खर्कवाल और शत्रुघ्न की गोलू वर्मा ने निभाई। वहीं ताड़का के रूप में आशीष पुनेठा, सुबाहु व मारीच के रूप में विवेक और दिव्यांशु, विश्वामित्र के रूप में आयुष तथा वशिष्ठ के रूप में रवि ने अभिनय किया।