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piyush upreti

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Pithoragarh news :- दो नन्हीं किशोरियों से फिर दुष्कर्म का मामला , अब आरोपी..| Soar samachar
⬇️पिथौरागढ़ :- मुख्यमंत्री के दौरे पर कांग्रेस का विरोध, सिल्थाम तिराहे पर दिखाए काले झंडे !⬇️

पिथौरागढ़ः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पिथौरागढ़ दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिल्थाम तिराहे पर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ काले झंडे दिखाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश पंत सहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने किया। कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पलायन जैसे मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाया।

कांग्रेस की ओर से कहा गया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदेश में आक्रोश है। वहीं, अग्निवीर योजना, भर्ती परीक्षाओं में नकल और कथित नकल माफिया के प्रभाव को लेकर भी सरकार को घेरा गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि पहाड़ के गांवों से लगातार हो रहा पलायन और खाली होते गांव भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने महिला हिंसा के मामलों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनसमस्याओं के समाधान के बजाय अपराधियों को संरक्षण दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध प्रदेश में बदलाव की मांग का प्रतीक है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई।
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Pithoragarh news :- रोडवेज स्टेशन में परेशानी की हालत में मिला बच्चा , मामला गम्भीर | Soar samachar
⬇️सदन में सियासी विरोध के बीच दिखा शिष्टाचार! 🤝⬇️

विपक्ष के धरने के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सदन में प्रवेश करते समय सभी का अभिवादन करते नजर आए। इसी दौरान पिथौरागढ़ विधायक मयूख महर ने विपक्ष में रहते हुए भी हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री धामी ने भी हाथ मिलाकर उनका सम्मान किया।
राजनीतिक मतभेदों के बीच शिष्टाचार और आपसी सम्मान की यह झलक अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

📹 देखिए वायरल वीडियो!

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⬇️पिथौरागढ़ :- बर्फबारी के अलर्ट से भारत-चीन पारंपरिक व्यापार पर लगा ब्रेक, 74.95 लाख रुपये का कारोबार!⬇️

पिथौरागढ़। तकलाकोट में भारी बर्फबारी की चेतावनी के चलते भारत-चीन पारंपरिक सीमा व्यापार सत्र समय से पहले समाप्त हो गया। 27 से 29 अक्टूबर तक अत्यधिक बर्फबारी की आशंका को देखते हुए तकलाकोट प्रशासन ने भारतीय व्यापारियों को 26 अक्टूबर तक स्वदेश लौटने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सभी भारतीय व्यापारी निर्धारित समय तक सुरक्षित भारत लौट आए और इस वर्ष की व्यापारिक गतिविधियां संपन्न हो गईं।

उपजिलाधिकारी धारचूला के अनुसार, इस वर्ष भारतीय व्यापारियों ने कुल 74,95,325 रुपये का कारोबार किया, जबकि चीन से 74,51,402 रुपये मूल्य के सामान का आयात किया गया।

मौसम के बिगड़ते मिजाज और प्रतिकूल परिस्थितियों की आशंका के कारण व्यापारियों को समय से पहले वापसी करनी पड़ी। सीमांत क्षेत्र में होने वाला यह पारंपरिक व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था और सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, बर्फबारी के अलर्ट के चलते व्यापार सत्र को आगे जारी रखना संभव नहीं हो सका। सभी व्यापारियों की सुरक्षित वापसी के साथ इस वर्ष का व्यापारिक सत्र संपन्न हो गया।
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⬇️उत्तराखंड :- करवाचौथ पर महिला कर्मचारियों को 29 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश, शासन ने जारी की अधिसूचना⬇️

उत्तराखंड शासन ने करवाचौथ पर्व के अवसर पर प्रदेश की महिला कर्मचारियों के लिए 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 28 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल ने शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कार्मिकों को यह अवकाश देने की स्वीकृति प्रदान की है।

शासन की ओर से संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिसूचना की प्रतिलिपि भेजी गई है। वहीं, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को समाचार पत्रों के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस निर्णय से प्रदेश के संबंधित सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को करवाचौथ का पर्व मनाने के लिए अवकाश मिलेगा।
⬇️पिथौरागढ़ : NEET में आकांक्षा राज और तेजस्वी त्रिपाठी ने पाई सफलता !⬇️

पिथौरागढ़ : न्यू बियरशिबा पब्लिक स्कूल, पुलिस लाइन की दो पूर्व छात्राओं आकांक्षा राज और तेजस्वी त्रिपाठी ने NEET परीक्षा में सफलता हासिल कर विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया है। दोनों छात्राएं अब मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।

आकांक्षा राज एमबीबीएस की पढ़ाई स्वर्गीय जगजीवन राम राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़ से करेंगी, जबकि तेजस्वी त्रिपाठी को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में प्रवेश मिला है। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि को उनकी मेहनत, लगन और समर्पण का परिणाम माना जा रहा है।

इस सफलता पर विद्यालय प्रबंधक एडवोकेट भुवन भाकुनी, प्रधानाचार्य ममता मेहता और समस्त विद्यालय परिवार ने खुशी जताते हुए दोनों छात्राओं को बधाई दी। विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे चलकर चिकित्सा के क्षेत्र में समाज और देश की सेवा करेंगी।
⬇️पिथौरागढ़ की महिला बुनकरों ने ऊनी कालीनों पर उकेरी पीएम मोदी और सीएम धामी की आकृतियां⬇️

पिथौरागढ़ :- जनपद के मुनस्यारी और धारचूला की महिला बुनकर अपनी पारंपरिक दनकालीन कला के जरिए नई पहचान बना रही हैं। एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत चयनित वूलन प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देते हुए महिला बुनकरों ने ऊनी कालीनों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ और ‘सत्यमेव जयते’ की आकृतियां बारीकी से तैयार की हैं।

स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक बुनकारी को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तलाश रही हैं। जिला उद्योग केंद्र के मार्गदर्शन में महिला समूहों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे स्थानीय हस्तशिल्प को नई पहचान मिलने के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ रही है। यह पहल पारंपरिक कला के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
⬇️राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक जीतने पर नव्या बिष्ट का जोरदार स्वागत⬇️

पिथौरागढ़ :- द एशियन एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा नव्या बिष्ट ने ऑल इंडिया सब जूनियर बैडमिंटन रैंकिंग चैंपियनशिप में पदक जीतकर विद्यालय और पिथौरागढ़ का नाम रोशन किया है। उपलब्धि के बाद विद्यालय पहुंचने पर नव्या का फूल-मालाओं और ट्रॉफी के साथ जोरदार स्वागत किया गया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती निर्मला कापड़ी और प्रबंधक स्वामी वीरेन्द्रानंद जी ने नव्या को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि नव्या की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखा सकें। नव्या की उपलब्धि से विद्यालय परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
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पिथौरागढ़ :- सदर की रामलीला में कुंभकर्ण-मेघनाद वध से गूंजा मैदान, रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत !

श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति सदर पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के दशम दिवस कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध, शिव तांडव, रावण वध और रावण पुतला दहन की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। रामायण के इन रोमांचक प्रसंगों ने दर्शकों में खासा उत्साह पैदा किया और पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

लीला में दिखाया गया कि युद्ध में रावण की सेना कमजोर पड़ने लगती है, जिसके बाद कुंभकर्ण को नींद से जगाकर युद्धभूमि में भेजा जाता है। कुंभकर्ण अपनी विशाल काया और पराक्रम से वानर सेना को चुनौती देता है, लेकिन अंततः श्रीराम के हाथों उसका वध हो जाता है। इसके बाद मेघनाद युद्धभूमि में उतरता है और भीषण संग्राम करता है। लंबे संघर्ष के बाद लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं।

इसके बाद रावण का शिव तांडव प्रसंग मंचित किया गया, जिसमें रावण की भक्ति, शक्ति और अहंकार का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिला। अंततः श्रीराम और रावण के बीच निर्णायक युद्ध होता है। श्रीराम के हाथों रावण का वध होते ही अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया। रावण के पुतला दहन के साथ रामलीला मैदान में उत्सव का माहौल बन गया। इस मंचन ने दर्शकों को मर्यादा, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
⬇️पिथौरागढ़ :- सदर की रामलीला में लक्ष्मण शक्ति से छाया संकट, संजीवनी बूटी लेकर पहुंचे हनुमान !⬇️

श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति सदर पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के नवम दिवस सेतु बंधन, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, सुषेण वैद्य, संजीवनी बूटी और भरत तपस्या की लीलाओं का प्रभावशाली मंचन किया गया। इन प्रसंगों में भक्ति, वीरता, त्याग और भ्रातृप्रेम के भाव देखने को मिले।

लीला की शुरुआत समुद्र पर सेतु निर्माण के प्रसंग से हुई, जहां वानर सेना नल-नील के नेतृत्व में समुद्र पर पुल बनाती है। इसके बाद श्रीराम की सेना लंका पहुंचती है। युद्ध से पहले अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजा जाता है। अंगद रावण को माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाकर युद्ध टालने की सलाह देते हैं, लेकिन रावण अपने अहंकार में उनकी बात अनसुनी कर देता है। अंगद-रावण संवाद के दौरान अंगद की निर्भीकता और रावण के अहंकार का प्रभावशाली चित्रण किया गया।

इसके बाद राम-रावण युद्ध के दौरान मेघनाद की शक्ति लगने से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। लक्ष्मण की स्थिति देखकर श्रीराम व्याकुल हो उठते हैं। सुषेण वैद्य उन्हें बचाने के लिए संजीवनी बूटी लाने की सलाह देते हैं। इसके बाद हनुमान जी संजीवनी बूटी की खोज में प्रस्थान करते हैं और औषधि की पहचान न कर पाने पर पूरा पर्वत ही उठा लाते हैं। इस प्रसंग में हनुमान जी की शक्ति, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का मंचन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा।

वहीं, भरत की तपस्या और श्रीराम के प्रति उनके अटूट प्रेम का प्रसंग भी प्रस्तुत किया गया। लक्ष्मण की मूर्छा से व्याकुल श्रीराम और उनके अनुज के प्रति प्रेम ने वातावरण को भावुक कर दिया। संजीवनी बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण की चेतना लौटने के प्रसंग के साथ रामलीला मैदान में उपस्थित दर्शकों ने इस मार्मिक लीला का आनंद लिया।
पिथौरागढ़ :- सदर की रामलीला में रामसेतु निर्माण से लंका दहन तक, जीवंत हुए रामायण के प्रसंग !

पिथौरागढ़ :- श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति सदर पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के अष्टम दिवस समुद्र सेतु बंधन, समुद्र लंघन, हनुमान-विभीषण संवाद, सीता-रावण संवाद, अक्षय कुमार वध और लंका दहन की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। रामलीला के इन रोमांचक प्रसंगों को देखने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह नजर आया।

लीला में दिखाया गया कि माता सीता की खोज में हनुमान जी समुद्र लांघकर लंका पहुंचते हैं। वहां उनकी भेंट भगवान श्रीराम के भक्त विभीषण से होती है। विभीषण से जानकारी मिलने के बाद हनुमान जी अशोक वाटिका पहुंचकर माता सीता को श्रीराम की मुद्रिका सौंपते हैं और प्रभु का संदेश देते हुए उन्हें शीघ्र मुक्त कराने का भरोसा दिलाते हैं। इसी दौरान रावण और माता सीता के बीच संवाद होता है। रावण उन्हें भयभीत कर अपने पक्ष में करने का प्रयास करता है, लेकिन माता सीता श्रीराम के प्रति अपनी निष्ठा पर अडिग रहती हैं। त्रिजटा और सीता के संवाद के साथ हनुमान जी का माता सीता को सांत्वना देने का प्रसंग भी मंचित किया गया।

इसके बाद हनुमान जी अशोक वाटिका में फल खाने के साथ वाटिका को उजाड़ देते हैं। रावण के पुत्र अक्षय कुमार को युद्ध में परास्त कर उसका वध करते हैं। रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई जाती है, जिसके बाद वे अपनी जलती पूंछ से लंका के विभिन्न हिस्सों में आग लगा देते हैं। लंका दहन के इस प्रसंग ने दर्शकों में रोमांच पैदा किया। इसके बाद रावण-विभीषण संवाद में विभीषण रावण को माता सीता को सम्मानपूर्वक श्रीराम को लौटाने और युद्ध टालने की सलाह देते हैं, लेकिन रावण उनकी बात नहीं मानता और विभीषण को अपमानित कर देता है।

आगे की लीला में श्रीराम की वानर सेना समुद्र पार कर लंका पहुंचने के लिए सेतु निर्माण करती है। नल-नील के नेतृत्व में वानर सेना द्वारा समुद्र पर पुल बनाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जो श्रीराम की सेना के लंका प्रस्थान और रावण के विरुद्ध निर्णायक युद्ध की तैयारी का प्रतीक है। इन सभी प्रसंगों के मंचन के साथ रामलीला की कथा युद्ध की ओर आगे बढ़ी।
⬇️जटायु निर्वाण से सुग्रीव मैत्री तक, बाली वध का हुआ प्रभावशाली मंचन !⬇️

पिथौरागढ़ :- श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति सदर पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के सप्तम दिवस जटायु निर्वाण, सीता की खोज, शबरी प्रकरण, सुग्रीव मैत्री, बाली वध और हनुमान जी के लंका प्रस्थान की लीलाओं का मंचन किया गया। रामलीला मैदान में दर्शकों ने उत्साह के साथ इन प्रसंगों का आनंद लिया।

लीला में माता सीता के हरण के बाद श्रीराम और लक्ष्मण उनकी खोज में निकलते हैं। इसी दौरान उन्हें घायल जटायु मिलते हैं, जो रावण से माता सीता को बचाने के लिए संघर्ष करते हैं। जटायु श्रीराम को सीता हरण की जानकारी देते हैं और इसके बाद अपने प्राण त्याग देते हैं। आगे चलकर श्रीराम की भेंट माता शबरी से होती है। शबरी की भक्ति और प्रेम से अभिभूत होकर श्रीराम उन्हें दर्शन देते हैं।

इसके बाद हनुमान जी की मध्यस्थता से श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता होती है। सुग्रीव अपने भाई बाली द्वारा किए गए अन्याय की कथा सुनाते हैं। श्रीराम सुग्रीव की सहायता का वचन देते हैं और बाली वध के प्रसंग का मंचन किया जाता है। इसके बाद सुग्रीव वानर सेना को माता सीता की खोज में जुटने का निर्देश देते हैं।

लीला के अंतिम प्रसंग में श्रीराम हनुमान जी को अपनी मुद्रिका देकर माता सीता की खोज में लंका जाने के लिए प्रस्थान कराते हैं। यह प्रसंग आगामी लीलाओं के प्रति दर्शकों में उत्सुकता जगाता है।
पिथौरागढ़ : सदर रामलीला में राम-लक्ष्मण ने किया ताड़का वध, अहिल्या का हुआ उद्धार

पिथौरागढ़:- श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के द्वितीय दिवस राम-लक्ष्मण द्वारा यज्ञ रक्षा, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की लीला का प्रभावशाली मंचन किया गया।

लीला में दर्शाया गया कि महामुनि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से श्रीराम और लक्ष्मण को साथ भेजने का आग्रह करते हैं। कुलगुरु वशिष्ठ की सलाह और राजा दशरथ की आज्ञा से दोनों राजकुमार विश्वामित्र के साथ प्रस्थान करते हैं। मार्ग में श्रीराम और लक्ष्मण ताड़का, सुबाहु जैसे राक्षसों का वध कर ऋषि के यज्ञ की रक्षा करते हैं, जबकि मारीच को परास्त कर दूर भेज देते हैं।

इसके बाद जनकपुरी में आयोजित होने वाले स्वयंवर का आमंत्रण मिलने पर विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरी की ओर प्रस्थान करते हैं। मार्ग में श्रीराम अपने चरण स्पर्श से शापग्रस्त अहिल्या का उद्धार करते हैं।

मंचन में राम की भूमिका आयुष कलखुडिया, लक्ष्मण की पीयूष उप्रेती, राजा दशरथ की रविकांत पुनेड़ा, भरत की सुमित खर्कवाल और शत्रुघ्न की गोलू वर्मा ने निभाई। वहीं ताड़का के रूप में आशीष पुनेठा, सुबाहु व मारीच के रूप में विवेक और दिव्यांशु, विश्वामित्र के रूप में आयुष तथा वशिष्ठ के रूप में रवि ने अभिनय किया।
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⬇️पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में MBBS की 44 सीटों पर प्रवेश, 6 सीटें खाली⬇️

पिथौरागढ़ :- मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ में एमबीबीएस की 50 सीटों में से अब तक 44 पर विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए.के. सिंह के अनुसार, तीसरे चरण की काउंसलिंग पूरी होने के बाद ऑल इंडिया कोटे की 7 सीटों में से 3 और स्टेट कोटे की 43 सीटों में से 41 पर प्रवेश हुआ है।

प्राचार्य ने बताया कि चौथे चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया 26 अक्टूबर 2026 तक पूरी होगी। उन्हें उम्मीद है कि इस चरण में शेष 6 सीटों पर भी प्रवेश हो जाएगा और कॉलेज की सभी 50 सीटें भर जाएंगी। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से सीमांत क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और भविष्य में प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता में भी मदद मिलेगी।
⬇️पिथौरागढ़ :- खचाखच भरा श्री रामलीला मैदान सदर, शूर्पणखा नासिका छेदन और सीता हरण का भव्य मंचन !⬇️

श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति सदर पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के षष्ठम दिवस रामलीला मैदान दर्शकों की भीड़ से खचाखच भरा नजर आया। शाम 7:30 बजे से ही दर्शकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। भरत मिलाप, शूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध और सीता हरण की लीलाओं ने दर्शकों को बांधे रखा।

भरत मिलाप के प्रसंग में श्रीराम और भरत के बीच भ्रातृप्रेम, त्याग और मर्यादा का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद पंचवटी में शूर्पणखा श्रीराम को विवाह का प्रस्ताव देती है। श्रीराम के इनकार के बाद वह लक्ष्मण के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखती है, लेकिन लक्ष्मण भी उसे स्वीकार नहीं करते। इसके बाद शूर्पणखा सीता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती है। माता सीता की रक्षा के लिए लक्ष्मण उसकी नासिका छेदन करते हैं। इस प्रसंग का मंचन दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

अपमानित शूर्पणखा अपने भाइयों खर और दूषण को इसकी जानकारी देती है। इसके बाद श्रीराम खर-दूषण का वध कर देते हैं। बहन के अपमान और भाइयों की मृत्यु से क्रोधित रावण मारीच की सहायता से सीता हरण की योजना बनाता है। स्वर्ण मृग के प्रसंग के बाद रावण साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण कर लेता है। इन प्रसंगों के साथ रामलीला की कथा निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई।
पिथौरागढ़ :- राम वनगमन से टूटा अयोध्या का धैर्य, भरत-कैकेयी संवाद ने किया भावुक !

पिथौरागढ़ :- श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के पांचवें दिवस राम वनगमन, सुमंत विलाप, राजा दशरथ के निधन और भरत-कैकेयी संवाद की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया।

लीला में दिखाया गया कि श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण वन की ओर प्रस्थान करते हैं। उनके वियोग में सुमंत विलाप करते हैं, वहीं पुत्र वियोग से व्याकुल राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं। वन में माता सीता को प्यास लगने पर लक्ष्मण पानी की तलाश में निकलते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से वनवास के दौरान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के संघर्षों को दर्शाया गया।

दूसरी ओर, अयोध्या लौटने पर भरत को घटनाक्रम की जानकारी मिलती है। वे माता कैकेयी से संवाद करते हुए उनके निर्णय पर दुख और नाराजगी व्यक्त करते हैं। वहीं शत्रुघ्न और मंथरा के बीच हुए संवाद ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से पारिवारिक रिश्तों, त्याग और श्रीराम के प्रति प्रेम को मंच पर जीवंत किया। रामलीला के इन प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रवेश प्रक्रिया जारी, अब तक 30 विद्यार्थियों की रिपोर्टिंग

पिथौरागढ़ :- मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए.के. सिंह के अनुसार, अब तक 30 विद्यार्थी रिपोर्टिंग कर चुके हैं। प्रवेश से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जा रही हैं।

मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होना सीमांत जनपद में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे और भविष्य में क्षेत्र में प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
पिथौरागढ़ रामलीला में कैकेयी के वरदान से बदली अयोध्या की तस्वीर, श्रीराम ने स्वीकारा वनवास

पिथौरागढ़ : श्री रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के चतुर्थ दिवस राम वनवास प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। लीला में मंथरा-कैकेयी संवाद, दशरथ-कैकेयी प्रसंग, कोप भवन और श्रीराम के वन प्रस्थान की आज्ञा तक की घटनाओं को दर्शाया गया।

मंचन में दिखाया गया कि मंथरा के बहकावे में आकर रानी कैकेयी राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांगती हैं। इनमें भरत के लिए राजगद्दी और श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास शामिल होता है। कैकेयी की मांग सुनकर राजा दशरथ व्याकुल हो उठते हैं, लेकिन वचनबद्ध होने के कारण असहाय नजर आते हैं।

जब श्रीराम को वनवास की जानकारी मिलती है, तो वे पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए सहर्ष वन जाने का निर्णय लेते हैं। इस दौरान माता कौशल्या, माता सीता और लक्ष्मण के साथ उनके भावपूर्ण संवादों का मंचन किया गया। लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला के साथ प्रसंग ने भी दर्शकों को भावुक किया। अंत में श्रीराम, सीता और लक्ष्मण को वन प्रस्थान की आज्ञा मिलने के साथ अयोध्या में शोक का वातावरण छा जाता है। कलाकारों ने अपने अभिनय से इस प्रसंग की मार्मिकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।