डोडगली अमावस्या के अवसर पर शनिवार को नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों ने पारंपरिक संस्कृति का निर्वहन करते हुए घर-घर जाकर पानी मांगा। इस दौरान बालक-बालिकाओं ने सिर पर पलाश के पत्ते रखकर निमाड़ी लोकगीत गाए और अच्छी बारिश की कामना की। सुबह से ही बच्चे समूह बनाकर गली-मोहल्लों में निकले। पलाश के पत्तों को बांधकर पारंपरिक स्वरूप में सजे बच्चों ने घर-घर पहुंच