फादर्स डे पर बेटे का भावुक पत्र: “पापा, अगर आपको मेरी याद आए तो राम-राम बोल देना, आप जल्दी ठीक हो जाओ…”
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राजसमंद। फादर्स डे पर जहां एक ओर लोग अपने पिता के साथ खुशियां मना रहे थे, वहीं राजसमंद के अनंता हॉस्पिटल में एक ऐसा भावुक दृश्य सामने आया जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
राजसमंद निवासी मन्नालाल गुर्जर को दो दिन पूर्व हार्ट अटैक की गंभीर समस्या के चलते भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक होने पर उन्हें अनंता हॉस्पिटल के आईसीयू में रखा गया है और उनका ऑपरेशन होना बाकी है।
उनके साथ अस्पताल में उनका पुत्र निखिल गुर्जर भी मौजूद है, जो सातवीं कक्षा का छात्र है। पिछले तीन दिनों से निखिल अस्पताल में अपने पिता के साथ अस्पताल परिसर में रह रहा है, लेकिन अस्पताल के सुरक्षा नियमों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आईसीयू में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसी वजह से वह अपने पिता से मिल नहीं पा रहा है।
पिता से मिलने की तड़प और फादर्स डे की भावनाओं को शब्दों में पिरोते हुए निखिल ने एक भावुक पत्र लिखा। उसने अस्पताल परिसर में डस्टबिन के पास से एक कागज उठाया, काफी तलाश के बाद एक पेन मिला और फिर अपनी मासूम भाषा, कच्ची-पक्की हिंदी और मेवाड़ी शब्दों के साथ अपने पिता के नाम एक पत्र लिख डाला।
पत्र में निखिल ने लिखा, “पापा, आप जल्दी ठीक हो जाओ। मुझे आपकी बहुत याद आ रही है। मैंने सोचा था कि इस बार फादर्स डे पर आपके लिए केक लाऊंगा और हम साथ में फादर्स डे मनाएंगे, लेकिन भगवान को शायद कुछ और ही मंजूर था। पापा, अगर आपको मेरी याद आए तो मुझे राम-राम बोल देना। पापा, आप जल्दी घर आ जाना। अगर आप नहीं रहोगे तो मुझे प्यार कौन करेगा, सुबह मेरा नाश्ता कौन कराएगा।”
निखिल ने अस्पताल प्रशासन से भी अनुरोध किया कि यदि वह स्वयं आईसीयू में जाकर अपने पिता से नहीं मिल सकता, तो उसका यह पत्र उसके पिताजी तक पहुंचा दिया जाए।
जब अस्पताल प्रशासन ने यह पत्र पढ़ा तो वहां मौजूद कई लोग भावुक हो गए। एक छोटे से बच्चे की अपने पिता के प्रति चिंता, प्रेम और इंतजार ने हर किसी को भावुक कर दिया। हालांकि अस्पताल के सुरक्षा नियमों की पालना करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए चाहकर भी निखिल को आईसीयू में प्रवेश नहीं दिया जा सकता।
फिलहाल निखिल अपने पिता के स्वस्थ होकर बाहर आने का इंतजार कर रहा है। एक तरफ अस्पताल के नियम हैं तो दूसरी तरफ एक बेटे का अपने पिता के प्रति अटूट प्रेम और इंतजार, जिसने फादर्स डे को एक अलग ही मायने दे दिए।
यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक ऐसे रिश्ते की कहानी है जिसमें एक बच्चे की पूरी दुनिया उसके पिता में बसती है। निखिल की एक ही दुआ है — “पापा, आप जल्दी ठीक होकर घर वापस आ जाओ।”
Nathdwara, Rajsamand | Jun 22, 2026