कर्नाटक की फाइनल वोटर लिस्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं! Special Intensive Revision (SIR) के बाद राज्य की मतदाता सूची से करीब 99.76 लाख नाम हटाए गए। आखिर इतने बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम क्यों हटाए गए? क्या इसका कारण स्थायी रूप से स्थानांतरण, मृत्यु या डुप्लीकेट एंट्री है?
जानिए इस पूरी वोटर लिस्ट रिवीजन प्रक्रिया का पूरा मामला और इसके पीछे के अहम आंकड़े। आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताएं।
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Pune City, Pune | Oct 31, 2026