डेराबस्सी हल्के के मोरठिकरी-सुंदरा पुल के निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और जीरकपुर को नगर निगम बनाने की मांग को लेकर स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ कड़ा रोष जताया गया है।
आपके द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर मुख्य मुद्दे और मांगें निम्नलिखित हैं:
स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली: इलाके में मानक स्वास्थ्य सुविधाएं न होने के कारण स्थानीय लोग इलाज के लिए पूरी तरह से सेक्टर-6 पंचकूला और चंडीगढ़ PGI पर निर्भर हैं, जिससे इमरजेंसी के समय भारी परेशानी होती है।
नगर निगम और दोबारा चुनाव की मांग: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मोरठिकरी और दफरपुर को जीरकपुर के साथ जोड़ा जाए, जीरकपुर को नगर निगम (Municipal Corporation) का दर्जा दिया जाए और यहां दोबारा चुनाव कराए जाएं।
सरकार की नाकामी: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के नेताओं के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा (जैसे कि पुल का निर्माण) मुहैया कराने में पूरी तरह से फेल साबित हुई है।
आम लोगों की बदहाली: पुल न बनने के कारण सबसे बड़ी मार फैक्ट्री कर्मचारियों, दिहाड़ी मजदूरों और ग्रामीणों पर पड़ रही है, जिन्हें रोजाना आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मौजूद नेता: इस रोश प्रदर्शन का नेतृत्व जसविंदर सिंह मोहाली (ASP), प्रमोद कुमार (भीम आर्मी), सुरेश कुमार कटारिया, राजेश कुमार पीर मुछल्ला और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किया गया।
(ब्यूरो चीफ राकेश गांधी की रिपोर्ट)