स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद खुशबू दीदी के जीवन में आया बदलाव
आज के दौर में कैंटीन का कर रही है संचालन, 25 लोगों को भी दे रहीं रोजगार
शासन द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन की योजनाओं एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें अपनी पहचान बनाने के अवसर मिल रहे हैं। इन प्रयासों से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
शासन-प्रशासन की इन्हीं पहल से प्रेरित होकर ग्राम फतेहपुर की खुशबू तिवारी ने वर्ष 2018 में स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव की नई कहानी की शुरूआत की। कभी कम आय वाले कार्य तक सीमित रहीं खुशबू आज ‘‘शुभम आजीविका स्वाद संगम रेस्टोरेंट कैफे’’ का संचालन कर रही हैं और अपने व्यवसाय से समूह की अन्य महिलाओं एवं लोगों के सहयोग से कैंटीन चला रही है, इससे करीबन 25 लोगों को रोजगार मिला हैं।
पहले आय बहुत कम थी, समूह से जुड़ने के बाद मिला आगे बढ़ने का अवसर
खुशबू दीदी बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। आय कम होने के कारण परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए कठिन था। खुशबू दीदी कहती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद मुझे अपने कार्यों में गति मिली, इसके साथ ही मुझे पं. शिवनाथ शास्त्री शासकीय स्वशासी आयुर्वेद कॉलेज एवं चिकित्सालय में ‘‘शुभम आजीविका स्वाद संगम रेस्टोरेंट कैफे’’ संभालने का मौका मिला। समूह से जुड़ने के बाद मुझे अपने कार्य को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। मैंने स्वयं लगभग 2 लाख रुपये का निवेश किया, जबकि समूह से लगभग 3 लाख रुपये की सहायता मिली।
मेहनत से बढ़ी आय, आत्मविश्वास भी बढ़ा
खुशबू दीदी बताती हैं कि कैफे में प्रतिदिन महाविद्यालय के करीबन 300 छात्र-छात्राओं एवं स्टॉफ के लिए भोजन तैयार किया जाता है। यहां निर्धारित मेनू अनुसार भोजन बनाया जाता है। दीदी ने कहा कि व्यवसाय के बढ़ने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। पहले उनकी आय करीबन 8 से 10 हजार रुपये हुआ करती थी, जो कि अब बढ़कर 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई है।
खुशबू दीदी ने अपनी कहानी बताते हुए कहा कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले आर्थिक जरूरतों के लिए घर से पैसे लेने पड़ते थे, लेकिन अब वे स्वयं कमाकर परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग कर पा रही हैं। समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने अपने कार्य की
जिम्मेदारी स्वयं संभालना शुरू किया।
मैं ही नहीं, मेरे साथ औरों को भी मिला रोजगार
‘‘शुभम आजीविका स्वाद संगम रेस्टोरेंट कैफे’’ के संचालन के माध्यम से रोजगार के अवसर बड़े है। खुशबू दीदी कहती हैं कि वे योजना के साथ अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाने के लिये प्रयासरत् रहेंगी।
सही अवसर, समूह का सहयोग और स्वयं की मेहनत से महिलाएं अपने जीवन की परिस्थितियों को बदल सकती हैं। समूह से जुड़ने के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी खुशबू दीदी आज न केवल अपने परिवार का सहयोग कर रही हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बनी है।
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7 views | Burhanpur, Madhya Pradesh | Oct 16, 2026