सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों पर स्वतः संज्ञान लेने की मांग वाली याचिका पर विचार किया। सीनियर एडवोकेट शोभा गुप्ता ने शीर्ष अदालत से ऐसा सिस्टम बनाने का आग्रह किया जिसके जरिए कथित पीड़ित सीधे हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी को अपनी शिकायतें सौंप सकें। इस मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि प्राथमिकता से इसकी जांच होगी।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस हिंसा के आरोपों की जांच के लिए बनाई गई हाई-पावर्ड जांच समिति को महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हुए यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि पिछले हफ्ते जारी आदेश के अनुसार, समिति को यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर जल्द से जल्द एक अंतरिम रिपोर्ट सौंपनी होग�
Korba, Korba | Aug 24, 2026