गंगा-रामगंगा के बढ़ते जलस्तर से कटियारी में बाढ़ का खतरा, फसलें डूबीं, राम बहादुर सिंह ने किया निरीक्षण
हरपालपुर। कटियारी क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। नदी का पानी खेतों तक पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में फसलें जलमग्न हो गई हैं। इससे किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं कई गांवों में ग्रामीणों को आवागमन और पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पीएफ डायरेक्टर रामबहादुर सिंह ने खरगपुर, दिवसीपुर सहित आसपास के बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ के कारण उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने खेतों में भरे पानी और जलमग्न फसलों की स्थिति भी देखी।
*पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है*
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार पानी बढ़ने के कारण धान सहित दूसरी फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कई खेतों में पानी काफी समय से जमा है, जिससे फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है। हरे चारे के खेत पानी में डूबने के कारण मवेशियों के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो रहा है।रामबहादुर सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कराने के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद सामने आने वाली क्षति के आधार पर शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार किसानों को राहत और मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।उन्होंने ग्रामीणों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने, पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था कराने और जरूरत के अनुसार अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।दौरे के दौरान भोले सिंह, महेंद्र सिंह, प्रेमपाल सिंह, राजू सिंह, छोटू सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
Hardoi, Hardoi | Oct 4, 2026