विषय: केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी द्वारा राजस्थान के प्रसिद्ध लोकगीत का उल्लेख - सरस्वती सभ्यता की सांस्कृतिक विरासत को नमन
राजस्थान की लोक संस्कृति और संत परंपरा को समर्पित एक भावपूर्ण प्रसंग में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी ने राजस्थान के प्रसिद्ध लोकगीत "गंगा यमुना बहे सरस्वती, रामदेव बाबो स्नान कर्यो" का उल्लेख किया।
यह लोकगीत केवल एक गीत नहीं, बल्कि राजस्थान की माटी से जुड़ी एक जीवंत लोकगाथा है। इस गीत में पवित्र सरस्वती नदी में स्नान के महत्व का वर्णन किया गया है। लोक मान्यता है कि जैसलमेर के निकट रामदेवरा में जिनकी समाधि स्थित है, ऐसे लोकदेवता संत बाबा रामदेव जी ने जन-कल्याण की भावना से इस गीत के माध्यम से सरस्वती स्नान की महिमा का बखान किया था।
केंद्रीय मंत्री जी ने कहा कि ऐसे महान संतों का सरस्वती नदी के किनारे तपस्या करना और लोकगीतों में इसका उल्लेख मिलना, यह सिद्ध करता है कि राजस्थान की धरती पर सरस्वती नदी की अविरल धारा का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रमाण हमारी लोक परंपराओं में सुरक्षित है। यह सरस्वती-सिंधु घाटी सभ्यता की महान विरासत का एक सशक्त प्रमाण है।
उल्लेखनीय है कि रामदेवरा, जैसलमेर स्थित बाबा रामदेव जी के पावन धाम में आज भी प्रतिवर्ष लाखों-करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। वहाँ आज भी संत की समाधि और उनके द्वारा ली गई जीवंत समाधि की कथा जन-जन में श्रद्धा के साथ कही-सुनी जाती है।
यह लोकगीत राजस्थान की लोक आस्था, जल संरक्षण और संत परंपरा के त्रिवेणी संगम का प्रतीक है।