#बाढ़ राहत से लेकर राजस्व मुकदमों और आईजीआरएस तक, डीएम ने कसे अधिकारियों के पेंच
#बलिया
#जिलाधिकारी #मंगला #प्रसाद #सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अलग-अलग बैठकों में बाढ़ राहत कार्यों, राजस्व न्यायालयों में लंबित मुकदमों और आईजीआरएस की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
#बाढ़ प्रभावित गांवों का रोज होगा सर्वे, एक सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
#जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित लोगों को वितरित राहत सामग्री, राहत किट, नावों और अन्य सहायता का पूरा विवरण पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में स्थिति सामान्य हो गई है, वहां बाढ़ चौकियां बंद कर उनकी सूची उपलब्ध कराने को कहा। बाढ़ प्रभावित गांवों में फसल क्षति का विस्तृत सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार भुगतान के लिए सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक तहसील में नायब तहसीलदार को पांच, सचिव और लेखपाल को तीन-तीन गांवों के सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रतिदिन सर्वे कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा एक सप्ताह में फसल क्षति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि सरकारी सहायता केवल पात्र लोगों को ही मिले और अपात्रों को किसी भी स्थिति में लाभ न दिया जाए।
#राजस्व न्यायालयों के लंबित मुकदमों पर सख्ती, ऑफलाइन फाइल चली तो एफआईआर की चेतावनी
राजस्व न्यायालयों की समीक्षा में धारा 34, 116, 67, 24, 144 और 35 के मुकदमों की स्थिति देखी गई। डीएम ने लंबित मामलों का अभियान चलाकर इसी माह निस्तारण करने के निर्देश दिए। सिकन्दरपुर तहसील में नायब तहसीलदार के पास लंबित पांच मुकदमों को तीन दिन में निस्तारित करने को कहा गया। वहीं एसडीएम न्यायालय में 121, उप जिला न्यायिक के पास 53 और तहसीलदार न्यायालय में 124 मुकदमे लंबित पाए गए। डीएम ने इन सभी के इसी माह निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने पांच वर्ष से अधिक पुराने मुकदमों को चिह्नित कर प्राथमिकता से निस्तारित करने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि न्यायालयों में फाइलें ऑनलाइन संचालित होंगी, ऑफलाइन फाइल चलती मिलने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।
#आईजीआरएस में लापरवाही पर एसडीएम को शोकॉज, भौतिक सत्यापन शत-प्रतिशत कराने के निर्देश
आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान फीडबैक और भौतिक सत्यापन की प्रगति कम मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। फीडबैक में सदर और बांसडीह 65-65 प्रतिशत, बैरिया 51, रसड़ा 66, सिकन्दरपुर 71 और बेल्थरारोड 74 प्रतिशत रहा। डीएम ने सभी तहसीलों में फीडबैक 80 प्रतिशत से कम नहीं रखने के निर्देश दिए। भौतिक सत्यापन में बैरिया 68, बांसडीह 79, रसड़ा 80 और सिकन्दरपुर 83 प्रतिशत रहा, जिस पर उन्होंने शत-प्रतिशत सत्यापन कराने को कहा।
#मुख्यमंत्री संदर्भ से जुड़ी शिकायतों में लापरवाही पर सभी एसडीएम को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री संदर्भ की शिकायतों का एक सप्ताह और जिलाधिकारी संदर्भ की शिकायतों का निर्धारित 15 दिन में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने चेताया कि समय सीमा में शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर डिफाल्टर प्रकरण की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
#बैठक में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सीआरओ गुलशन जी समेत सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
#बलिया #बलिया_न्यूज़ #डीएम_बलिया #मंगला_प्रसाद_सिंह #बाढ़_राहत #बाढ़_प्रभावित_गांव #बाढ़_सर्वे #फसल_क्षति #राहत_कार्य #राजस्व_न्यायालय #लंबित_मुकदमे #आईजीआरएस #शिकायत_निस्तारण #एसडीएम #तहसीलदार #सिकन्दरपुर #बैरिया #बांसडीह #रसड़ा #बेल्थरारोड #जिलाधिकारी_बलिया #प्रशासन #बलिया_24_न्यूज़