पौड़ी जिले के भरसार स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में एक छात्रा की मौत के बाद विश्वविद्यालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्राओं का आरोप है कि बुखार से पीड़ित छात्रा को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाया और पाबौ, पौड़ी व श्रीनगर में इलाज न मिलने के बाद उसे ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। छात्राओं का कहना है कि भविष्य में ऐसी किसी भी दुखद घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में स्थायी रूप से एक डॉक्टर की नियुक्ति की जानी चाहिए। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कॉलेज के फार्मासिस्ट ने भी कई महत्वपूर्ण बातें सामने रखी हैं।
Pauri, Garhwal | Sep 2, 2026