रौतनिया डंपिंग यार्ड पर विधायक का अल्टीमेटम, 31 जुलाई तक प्रगति नहीं हुई तो 1 अगस्त से कचड़ा गिराने पर रोक
स्वच्छता निदेशक ने किया निरीक्षण, एक सप्ताह में कार्य शुरू कराने और आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का दिया आश्वासन
रौतनिया स्थित कचड़ा डंपिंग यार्ड के निष्पादन कार्य में 31 जुलाई तक संतोषजनक प्रगति नहीं होने पर एक अगस्त से किसी भी परिस्थिति में यहां कचड़ा नहीं गिरने देने की चेतावनी स्थानीय विधायक ई. अजीत कुमार ने दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर प्रशासन के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। विधायक ने यह बात स्वच्छता निदेशक सह अपर सचिव विजय मीणा के समक्ष स्थानीय लोगों एवं समर्थकों की मौजूदगी में कही।
विधायक ने कहा कि पूरे मुजफ्फरपुर शहर का कचड़ा वर्षों से रौतनिया में डंप किया जा रहा है, जिससे आसपास के लोगों का जीवन दूभर हो गया है। दुर्गंध, मक्खियों और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के कारण लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषित वातावरण के कारण आसपास के दर्जनों गांवों में सामाजिक जीवन भी प्रभावित हुआ है और विवाह जैसे रिश्तों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई निजी विद्यालयों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में तत्कालीन डीएम सुब्रत कुमार सेन ने स्थल का निरीक्षण कर शीघ्र कचड़ा निष्पादन का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं हो सका। नगर निगम की समयसीमा भी विफल रही, जिसके बाद विधानसभा की प्राक्कलन समिति की बैठक में उन्होंने प्रधान सचिव के समक्ष इस समस्या का समाधान कराने की मांग उठाई थी।
विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा एवं प्रधान सचिव के निर्देश पर स्वच्छता निदेशक सह अपर सचिव विजय मीणा तथा नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया। विजय मीणा ने स्वीकार किया कि यहां लगभग एक लाख मीट्रिक टन कचड़ा जमा है और इससे स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि कचड़ा निष्पादन के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है तथा आवश्यक मशीनें भी पहुंच चुकी हैं। मौसम अनुकूल रहने पर एक सप्ताह के भीतर कार्य तेज गति से शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि यहां आधुनिक एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) प्लांट स्थापित किया जाएगा, जहां सूखे और गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण होगा। गीले कचरे से गैस तैयार कर तेल कंपनियों को उपलब्ध कराने की भी विभागीय योजना है। अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश शांत हुआ।
Musahri, Muzaffarpur | Jul 8, 2026