गया में 60 फीट का रावण, 55 फीट कुंभकरण और 50 फीट मेघनाथ का होगा दहन; 36 साल से पुतले बना रहे जफर आलम
गांधी मैदान में दशहरा की तैयारी अंतिम चरण में, आज पुतलों को दिया जा रहा अंतिम रूप; इलेक्ट्रॉनिक पटाखों से होगा रावण दहन, 60-65 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद
गया शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दशहरा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। रावण दहन कार्यक्रम को लेकर मैदान में 60 फीट ऊंचे रावण, 55 फीट के कुंभकरण और 50 फीट के मेघनाथ के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। सोमवार को कारीगर पुतलों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। इस बार रावण दहन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक पटाखों का इस्तेमाल किया जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटाखों को ऊंचाई पर लगाया जा रहा है, जिन्हें लाइन के जरिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जलाया जाएगा।
खास बात यह है कि गांधी मैदान में तैयार हो रहे इन पुतलों को गया के रहने वाले मोहम्मद जफर आलम बना रहे हैं। जफर आलम पिछले 36 वर्षों से लगातार गांधी मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार करते आ रहे हैं। उनके लिए दशहरा का यह काम सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी है।
36 साल से बना रहे रावण के पुतले
कारीगर मोहम्मद जफर आलम ने बताया कि पिछले 36 वर्षों से वह गांधी मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाते आ रहे हैं। हर साल दशहरा के करीब एक महीने पहले से पुतले बनाने का काम शुरू हो जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे लकड़ी, कागज समेत कई तरह की सामग्री का इस्तेमाल कर पुतलों को तैयार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस बार भी तीनों पुतलों को निर्धारित ऊंचाई के अनुसार तैयार किया जा रहा है। रावण का पुतला 60 फीट, कुंभकरण का 55 फीट और मेघनाथ का पुतला 50 फीट ऊंचा होगा। पुतलों को अंतिम रूप देने का काम अब अंतिम चरण में है।
जफर आलम ने कहा कि पिछले 36 वर्षों से वह दशहरा के मौके पर पुतले बनाते आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह काम गया में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की भी मिसाल है। अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर दशहरा जैसे पर्व की तैयारियों में योगदान देते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक पटाखों से होगा रावण दहन
इस बार रावण के पुतले में इलेक्ट्रॉनिक पटाखों की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को देखते हुए पटाखों को ऊंचाई पर लगाया जा रहा है। लाइन के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पटाखे जलाए जाएंगे। इससे रावण दहन के दौरान पटाखों को नियंत्रित तरीके से चलाने में मदद मिलेगी।
60 से 65 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद
गया के गांधी मैदान में रावण दहन का आयोजन श्री दशहरा चैरिटेबल ट्रस्ट कमेटी की ओर से किया जाता है। इस बार आयोजन में करीब 60 से 65 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ट्रस्ट कमेटी के मीडिया प्रभारी रंजीत ब्रह्मपुरिया ने बताया कि गांधी मैदान में ब्रैकेटिंग का काम पूरा कर लिया गया है। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में लाइटिंग की व्यवस्था को भी बेहतर किया गया है। सुरक्षा के लिए गांधी मैदान में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि असामाजिक तत्वों और हुड़दंग करने वालों पर नजर रखी जा सके।
भीड़ की निकासी के लिए सभी गेट खोले जाएंगे
रंजीत ब्रह्मपुरिया ने बताया कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की एक साथ निकासी होगी। इसे देखते हुए गांधी मैदान के सभी गेट खोल दिए गए हैं, ताकि लोगों को बाहर निकलने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो और भीड़ के दबाव की स्थिति न बने।
उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सोमवार शाम तक गांधी मैदान की व्यवस्था सिविल लाइंस थाना पुलिस को सौंप दी जाएगी। इसके बाद पुलिस सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालेगी।
गांधी मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले अब अंतिम रूप ले रहे हैं। ऐसे में दशहरा के दिन यहां होने वाला रावण दहन गया शहर के लोगों के लिए एक बार फिर आकर्षण का केंद्र रहने वाला है।
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Gaya Town CD Block, Gaya | Oct 19, 2026