Install App
Login
HOME
Delhi
Haryana
Uttar Pradesh
Bihar
Chhattisgarh
Madhya Pradesh
Rajasthan
Jharkhand
Himachal Pradesh
Uttarakhand
Punjab
Andhra Pradesh
Telangana
Tamil Nadu
Karnataka
Maharashtra
Assam
West Bengal
Tripura
Gujarat
Odisha
Kerala
Jansamasya
News
Maharashtra
Bjp
National
Bihar
बारिश
India
कांग्रेस
Gujarat
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
पेट्रोल
Up
मध्यप्रदेश
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Madhya_pradesh
Mp
Cm
Nsui
उत्तरप्रदेश
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
क्राइम
anubhav.viditshukla1
No video available
48
1
#shuklabrothers #loveindia
Hardoi, Hardoi
| Aug 21, 2021
#shuklabrothers
#loveindia
MORE NEWS
1
Hardoi, Hardoi | Sep 7, 2026
Hardoi, Hardoi | Sep 7, 2026
Hardoi, Hardoi | Sep 7, 2026
Hardoi, Hardoi | Sep 7, 2026
Hardoi, Hardoi | Sep 7, 2026
बम्हरौली चटकापुर में सड़क और नाली की बदहाली से ग्रामीण परेशान, डीपीआरओ से लगाई गुहार जलभराव से आवागमन बाधित, बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल; डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा, मकानों के गिरने की आशंका हरदोई। हरपालपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बम्हरौली चटकापुर में सड़क और जलनिकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को शिकायती पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में देवशंकर शुक्ल के मकान से दीपक बाजपेई के मकान तक जाने वाला मार्ग पूर्व से पश्चिम जाने का मुख्य रास्ता है, लेकिन नाली और सड़क की व्यवस्था न होने के कारण यहां जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दौरान रास्ते पर पानी भर जाने से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। जलभराव और खराब रास्ते के कारण बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि लंबे समय से जमा पानी के कारण डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम पंचायत में सुनवाई नहीं होने के कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। जलभराव के चलते आसपास के मकानों पर भी गिरने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क और नाली का निर्माण नहीं कराया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा जान-माल का नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत राज अधिकारी से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर सड़क एवं नाली निर्माण की समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है। शिकायत पत्र पर 7 सितंबर 2026 की तारीख अंकित है और इसे समस्त मोहल्लावासियों की ओर से प्रस्तुत किया गया है।
Hardoi, Hardoi | Sep 7, 2026
खांसी-बुखार को हल्के में न लें! मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई एच1एन1 की आरटी-पीसीआर जांच हरदोई। मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच हरदोई मेडिकल कॉलेज से राहत भरी खबर सामने आई है। यहां अब स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण की आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे उन मरीजों की जांच मेडिकल कॉलेज में ही हो सकेगी, जिनमें स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। अब तक जांच की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण संदिग्ध मरीजों को बीमारी की पुष्टि के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी।मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों बुखार, खांसी, जुकाम और सांस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें कुछ मरीजों में एच1एन1 संक्रमण से मिलते-जुलते लक्षण भी सामने आ रहे थे। हालांकि जांच उपलब्ध नहीं होने के कारण डॉक्टरों को कई मामलों में लक्षणों के आधार पर ही उपचार करना पड़ रहा था। *सोमवार से ही सैंपल की जांच शुरू कर दी गई है* मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. जेबी गोगोई और मीडिया प्रभारी डॉ. शिवम यादव ने सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे संयुक्त रूप से जांच सुविधा शुरू होने की जानकारी दी। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष अदिती गर्ग के अनुसार सोमवार से ही सैंपल की जांच शुरू कर दी गई है। अब संदिग्ध मरीजों के नमूने मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में लिए जाएंगे और वहीं उनकी जांच की जाएगी।जांच व्यवस्था के लिए चिकित्सकों और लैब कर्मचारियों की टीम भी तैयार की गई है। सीनियर रेजिडेंट डॉ. सुशील मिश्रा और डॉ. एकता सिंह जांच प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं लैब तकनीशियन अवनीश कुमार, कमलेश कुमार, अविनाश कुमार, सर्वेश कुमार और ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह को सैंपल लेने और जांच की जिम्मेदारी दी गई है। लैब सहायक अभय कुमार भी टीम का हिस्सा होंगे।प्रधानाचार्य डॉ. गोगोई ने बताया कि जांच सुविधा शुरू होने से संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान हो सकेगी। रिपोर्ट मिलने में होने वाली देरी कम होगी और जरूरत पड़ने पर मरीज का उपचार भी समय रहते शुरू किया जा सकेगा। इससे मरीजों को जांच के लिए दूसरी जगह जाने की परेशानी से भी राहत मिलेगी।
Hardoi, Hardoi | Sep 7, 2026
हरदोई: मल्लावां-राघोपुर रोड पर मौत का कहर, तेज रफ्तार कंटेनर ने 18 वर्षीय बीएससी छात्र को कुचला घर लौट रहा था छात्र, हादसे के बाद चालक फरार; सुजीत की मौत से मीरनगर में मचा कोहराम हरदोई। मल्लावां-राघोपुर मार्ग पर कल्यानपुर गांव के पास सोमवार को तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार 18 वर्षीय छात्र को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान सुजीत कुमार (18) पुत्र भैया लाल, निवासी मीरनगर के रूप में हुई है। बताया गया कि सुजीत बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। वह मल्लावां से बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान कल्यानपुर गांव के पास कन्नौज की ओर जा रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही सुजीत गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था सुजीत सुजीत चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है। हादसे के बाद कंटेनर चालक फरार घटना के बाद कंटेनर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। 18 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में हुई मौत ने एक बार फिर तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने हादसे के जिम्मेदार चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Hardoi, Hardoi | Sep 7, 2026
शराबबंदी के बीच बिहार में बढ़ा 'सूखे नशे' का प्रकोप, युवाओं का भविष्य संकट में पटना। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद नशे के कारोबार और इसके स्वरूप में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शराब पर कड़ी पाबंदियों के बीच राज्य में 'सूखा नशा' यानी स्मैक, ब्राउन शुगर, प्रतिबंधित कफ सिरप और सिंथेटिक ड्रग्स का जाल तेजी से फैल रहा है, जो युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाट रहा है। कभी बड़े शहरों तक सीमित रहने वाला यह खतरनाक जहर अब बिहार के गांव-गांव और गली-मोहल्लों तक पहुंच चुका है। शराब की दुर्गंध से बचने और पुलिस की कार्रवाई से छिपने के लिए युवा वर्ग इन जानलेवा केमिकल्स और ड्रग्स को विकल्प के रूप में अपना रहा है। पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि नशीले पदार्थों की तस्करी का दायरा कितना बढ़ चुका है। कागजी पाबंदियों के बीच नशे का यह बदलता ट्रेंड समाज, कानून व्यवस्था और पीड़ित परिवारों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है।
Hardoi, Hardoi | Sep 7, 2026