कोल्हान विश्वविद्यालय के सीनेट बैठक में निवर्तमान टाटा कॉलेज महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह द्वारा छात्र नेताओं के ऊपर गंभीर आरोप लगाना एवं “घूसखोरी” एवं “क्रिमिनल” जैसे शब्दों का प्रयोग अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक एवं मानहानिकारक है। यह कृत्य न केवल छात्र समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।