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पुरानी रंजिश को लेकर दो बाइक सवारों के साथ मारपीट चिकित्सको का कहना सस्पेक्ट है गन शॉट,रिपोर्ट आने के बाद ही होगा खुलासा भदियाना निवासी है दोनों युवक कमला पुरा के पास की मारपीट #DholpurNews #highlightseveryone #highlights #highlight #follower

Dhaulpur, Dholpur | Jul 15, 2026

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जीरो टॉलरेंस नीति के साथ अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए— मुख्य सचिव
मुख्यमंत्री के निर्देशों की प्रभावी पालना, प्रोएक्टिव पुलिसिंग, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पर जोर
धौलपुर, 15 जुलाई। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, अपराध नियंत्रण को प्रभावी तथा आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। 
मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित गृह विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने के क्रम में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा गत बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को प्रत्येक माह नियमित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि जटिल मामलों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों के साथ किसी भी स्तर पर मिलीभगत अथवा अनुचित संरक्षण की शिकायत नहीं आनी चाहिए। ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अपराध की गंभीरता के अनुरूप अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा संगठित अपराध के हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां विशेष अभियान चलाए जाएं। साथ ही थाना स्तर पर सीएलजी की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं, जिनमें यथासंभव उच्चाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो।
उन्होंने प्रदेश में अवैध खनन की रोकथाम के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलेवार होने वाले अपराधों में होने वाली वृद्धि एवं कमी की रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत की जाए।
मुख्य सचिव ने पुलिस महानिरीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को नियमित रूप से फील्ड विजिट के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की फील्ड में सक्रिय उपस्थिति से कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिसिंग रिएक्टिव के स्थान पर प्रोएक्टिव होनी चाहिए, ताकि अपराधों की रोकथाम समय रहते सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है, वहां पुलिस अधीक्षक स्वयं नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों पर अनावश्यक दबाव बनाने वाले स्थानीय माफिया तत्वों को पनपने से रोका जाए तथा संबंधित इकाइयों की नियमित जांच एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों में मात्रात्मक एवं गुणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा इनके स्रोतों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, प्रत्येक जिले में प्रति सप्ताह महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने  निर्देश भी दिए। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित जन-जागरूकता अभियान चलाने, प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने तथा प्रभावी कार्रवाई तंत्र विकसित करने पर विशेष बल देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों की सतत निगरानी कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपराधियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों की पहचान कर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने तथा जिलेवार नाकाबंदी व्यवस्था की प्रभावशीलता की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में जातीय तनाव की संभावना रहती है, वहां पुलिस अधीक्षक विशेष सतर्कता बरतें। भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों की सूची तैयार की जाए तथा सामाजिक समरसता बनाए रखने वाले प्रबुद्ध एवं सम्मानित नागरिकों की भी सूची तैयार कर उनके साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए।
बैठक में जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी, जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, अतिरिक्त जिला कलक्टर हरिराम मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

जीरो टॉलरेंस नीति के साथ अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए— मुख्य सचिव मुख्यमंत्री के निर्देशों की प्रभावी पालना, प्रोएक्टिव पुलिसिंग, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पर जोर धौलपुर, 15 जुलाई। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, अपराध नियंत्रण को प्रभावी तथा आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित गृह विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने के क्रम में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा गत बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को प्रत्येक माह नियमित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि जटिल मामलों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों के साथ किसी भी स्तर पर मिलीभगत अथवा अनुचित संरक्षण की शिकायत नहीं आनी चाहिए। ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अपराध की गंभीरता के अनुरूप अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा संगठित अपराध के हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां विशेष अभियान चलाए जाएं। साथ ही थाना स्तर पर सीएलजी की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं, जिनमें यथासंभव उच्चाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो। उन्होंने प्रदेश में अवैध खनन की रोकथाम के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलेवार होने वाले अपराधों में होने वाली वृद्धि एवं कमी की रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने पुलिस महानिरीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को नियमित रूप से फील्ड विजिट के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की फील्ड में सक्रिय उपस्थिति से कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिसिंग रिएक्टिव के स्थान पर प्रोएक्टिव होनी चाहिए, ताकि अपराधों की रोकथाम समय रहते सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है, वहां पुलिस अधीक्षक स्वयं नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों पर अनावश्यक दबाव बनाने वाले स्थानीय माफिया तत्वों को पनपने से रोका जाए तथा संबंधित इकाइयों की नियमित जांच एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों में मात्रात्मक एवं गुणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा इनके स्रोतों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, प्रत्येक जिले में प्रति सप्ताह महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने निर्देश भी दिए। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित जन-जागरूकता अभियान चलाने, प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने तथा प्रभावी कार्रवाई तंत्र विकसित करने पर विशेष बल देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों की सतत निगरानी कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपराधियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों की पहचान कर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने तथा जिलेवार नाकाबंदी व्यवस्था की प्रभावशीलता की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में जातीय तनाव की संभावना रहती है, वहां पुलिस अधीक्षक विशेष सतर्कता बरतें। भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों की सूची तैयार की जाए तथा सामाजिक समरसता बनाए रखने वाले प्रबुद्ध एवं सम्मानित नागरिकों की भी सूची तैयार कर उनके साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए। बैठक में जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी, जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, अतिरिक्त जिला कलक्टर हरिराम मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

Dhaulpur, Dholpur | Jul 15, 2026

लोकतंत्र को सशक्त बनाने में मीडिया और मतदाता शिक्षा की भूमिका पर वैश्विक मंथन
लोकतंत्र को सशक्त बनाने में मीडिया की भूमिका अहम : नवीन महाजन
देश के हर स्कूल में होंगे इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब : आशीष गोयल
7 देशों के निर्वाचन प्रतिनिधियों, मीडिया विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने साझा किए अनुभव
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान की पहल पर जयपुर में आयोजित हुई अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस
धौलपुर, 15 जुलाई। लोकतंत्र को अधिक सशक्त, सहभागी और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM), नई दिल्ली तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर के सहयोग से बुधवार को "इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इलेक्शंस, मीडिया एंड वोटर एजुकेशन : स्ट्रेंथनिंग डेमोक्रेसी थ्रू इन्फॉर्म्ड पार्टिसिपेशन" का सफल आयोजन किया गया।
इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भारत सहित जॉर्जिया, क्रोएशिया, उज्बेकिस्तान, नेपाल, फिलीपींस और गुयाना के निर्वाचन प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधियों, मीडिया विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, निर्वाचन अधिकारियों एवं शोधकर्ताओं ने सहभागिता करते हुए लोकतंत्र में मीडिया की बदलती भूमिका, मतदाता शिक्षा, डिजिटल संचार, फेक न्यूज से मुकाबला और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनविश्वास को सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।
भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक (मीडिया) श्री आशीष गोयल ने मुख्य वक्तव्य में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जागरूक मतदाता और जिम्मेदार मीडिया दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग अब इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) को देशव्यापी जन-जागरूकता अभियान के रूप में विस्तार देगा। इसके तहत देश के प्रत्येक विद्यालय में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देशभर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 1,000 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जागरूक और सक्रिय मतदाताओं में निहित है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में मीडिया केवल सूचना प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने, नागरिकों में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ाने तथा भ्रामक सूचनाओं के प्रभाव को कम करने का एक प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने पारदर्शी, विश्वसनीय और सहभागी निर्वाचन व्यवस्था के लिए मीडिया और निर्वाचन संस्थाओं के बीच सतत समन्वय एवं संवाद को और मजबूत करने पर बल दिया।
पहला पैनल : मतदाता शिक्षा में मीडिया की बदलती भूमिका पर चर्चा
सम्मेलन के प्रथम पैनल डिस्कशन का विषय "Beyond Broadcasting: The Evolving Role of Media in Voter Education" रहा। इस सत्र में दैनिक भास्कर  के राष्ट्रीय संपादक श्री एल. पी. पंत, फर्स्ट इंडिया ग्रुप के सीईओ एवं मैनेजिंग एडिटर श्री पवन अरोड़ा तथा टाइम्स ऑफ इंडिया के ब्यूरो प्रमुख श्री भानु प्रताप सिंह ने अपने विचार साझा किए। सत्र का संचालन डॉ. प्रशांत भादू ने किया। 
वक्ताओं ने कहा कि आज मीडिया केवल सूचना प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने, मतदाताओं को जागरूक बनाने और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में मीडिया की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है तथा तथ्य आधारित और निष्पक्ष चुनावी रिपोर्टिंग लोकतंत्र की विश्वसनीयता को मजबूत करती है।
दूसरा पैनल : मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी की भूमिका पर मंथन
दूसरे पैनल डिस्कशन का विषय "Media Certification and Monitoring: Promoting Transparency, Equity and Public Trust" रहा। इस सत्र में श्रीमती टीना डाबी ( जिला निर्वाचन अधिकारी, टोंक), डॉ. मनीष जैन (पीआरओ, नागौर) तथा डॉ. आस्था सक्सेना, एसोसिएट प्रोफेसर, पूर्णिमा विश्वविद्यालय ने सहभागिता की। सत्र का संचालन मीडिया नोडल ऑफिसर डॉ. रेणु पूनिया ने किया। 
पैनलिस्टों ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी तंत्र चुनावी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनविश्वास बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पेड न्यूज़, दुष्प्रचार, फेक न्यूज़ तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित सामग्री की निगरानी की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और प्रभावी नियामकीय व्यवस्था के माध्यम से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकते हैं।
दुष्प्रचार से निपटने और समावेशी मतदाता शिक्षा पर दिया जोर
पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के बीच मतदाताओं को सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विशेष रूप से युवाओं, प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक प्रभावी मतदाता शिक्षा पहुंचाने के लिए मीडिया, निर्वाचन प्राधिकरणों, शिक्षण संस्थानों और नागरिक समाज के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
सम्मेलन में देश-विदेश के निर्वाचन प्रबंधन संस्थानों, मीडिया विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने लोकतंत्र को और अधिक सहभागी, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए।
कॉनफ्रेंस के तकनीकी सत्रों में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने मीडिया एवं निर्वाचन संचार, समावेशी मतदाता शिक्षा, डिजिटल मीडिया के प्रभाव, फेक न्यूज से निपटने की रणनीतियों तथा निर्वाचन प्रक्रिया में जनविश्वास बढ़ाने के अपने-अपने देशों के अनुभव साझा किए। वहीं भारत के विभिन्न राज्यों और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने नवाचार आधारित पहलों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं का प्रस्तुतीकरण किया।
विचार-विमर्श के दौरान इस बात पर व्यापक सहमति व्यक्त की गई कि प्रभावी मतदाता शिक्षा, जिम्मेदार मीडिया, डिजिटल साक्षरता और संस्थागत समन्वय ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला हैं। सम्मेलन में प्राप्त सुझावों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं का संकलन भविष्य में निर्वाचन जागरूकता कार्यक्रमों तथा मतदाता शिक्षा अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज के रूप में तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रौनक बैरागी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। मीडिया नोडल अधिकारी डॉ. पूनिया ने सम्मेलन की विषय-वस्तु का परिचय देते हुए मीडिया आधारित मतदाता शिक्षा की आवश्यकता और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. पूनिया ने सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मेलन का समापन लोकतांत्रिक सहभागिता को और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

लोकतंत्र को सशक्त बनाने में मीडिया और मतदाता शिक्षा की भूमिका पर वैश्विक मंथन लोकतंत्र को सशक्त बनाने में मीडिया की भूमिका अहम : नवीन महाजन देश के हर स्कूल में होंगे इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब : आशीष गोयल 7 देशों के निर्वाचन प्रतिनिधियों, मीडिया विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने साझा किए अनुभव मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान की पहल पर जयपुर में आयोजित हुई अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस धौलपुर, 15 जुलाई। लोकतंत्र को अधिक सशक्त, सहभागी और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM), नई दिल्ली तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर के सहयोग से बुधवार को "इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इलेक्शंस, मीडिया एंड वोटर एजुकेशन : स्ट्रेंथनिंग डेमोक्रेसी थ्रू इन्फॉर्म्ड पार्टिसिपेशन" का सफल आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भारत सहित जॉर्जिया, क्रोएशिया, उज्बेकिस्तान, नेपाल, फिलीपींस और गुयाना के निर्वाचन प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधियों, मीडिया विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, निर्वाचन अधिकारियों एवं शोधकर्ताओं ने सहभागिता करते हुए लोकतंत्र में मीडिया की बदलती भूमिका, मतदाता शिक्षा, डिजिटल संचार, फेक न्यूज से मुकाबला और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनविश्वास को सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक (मीडिया) श्री आशीष गोयल ने मुख्य वक्तव्य में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जागरूक मतदाता और जिम्मेदार मीडिया दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग अब इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) को देशव्यापी जन-जागरूकता अभियान के रूप में विस्तार देगा। इसके तहत देश के प्रत्येक विद्यालय में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देशभर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 1,000 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जागरूक और सक्रिय मतदाताओं में निहित है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में मीडिया केवल सूचना प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने, नागरिकों में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ाने तथा भ्रामक सूचनाओं के प्रभाव को कम करने का एक प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने पारदर्शी, विश्वसनीय और सहभागी निर्वाचन व्यवस्था के लिए मीडिया और निर्वाचन संस्थाओं के बीच सतत समन्वय एवं संवाद को और मजबूत करने पर बल दिया। पहला पैनल : मतदाता शिक्षा में मीडिया की बदलती भूमिका पर चर्चा सम्मेलन के प्रथम पैनल डिस्कशन का विषय "Beyond Broadcasting: The Evolving Role of Media in Voter Education" रहा। इस सत्र में दैनिक भास्कर के राष्ट्रीय संपादक श्री एल. पी. पंत, फर्स्ट इंडिया ग्रुप के सीईओ एवं मैनेजिंग एडिटर श्री पवन अरोड़ा तथा टाइम्स ऑफ इंडिया के ब्यूरो प्रमुख श्री भानु प्रताप सिंह ने अपने विचार साझा किए। सत्र का संचालन डॉ. प्रशांत भादू ने किया। वक्ताओं ने कहा कि आज मीडिया केवल सूचना प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने, मतदाताओं को जागरूक बनाने और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में मीडिया की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है तथा तथ्य आधारित और निष्पक्ष चुनावी रिपोर्टिंग लोकतंत्र की विश्वसनीयता को मजबूत करती है। दूसरा पैनल : मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी की भूमिका पर मंथन दूसरे पैनल डिस्कशन का विषय "Media Certification and Monitoring: Promoting Transparency, Equity and Public Trust" रहा। इस सत्र में श्रीमती टीना डाबी ( जिला निर्वाचन अधिकारी, टोंक), डॉ. मनीष जैन (पीआरओ, नागौर) तथा डॉ. आस्था सक्सेना, एसोसिएट प्रोफेसर, पूर्णिमा विश्वविद्यालय ने सहभागिता की। सत्र का संचालन मीडिया नोडल ऑफिसर डॉ. रेणु पूनिया ने किया। पैनलिस्टों ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी तंत्र चुनावी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनविश्वास बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पेड न्यूज़, दुष्प्रचार, फेक न्यूज़ तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित सामग्री की निगरानी की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और प्रभावी नियामकीय व्यवस्था के माध्यम से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकते हैं। दुष्प्रचार से निपटने और समावेशी मतदाता शिक्षा पर दिया जोर पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के बीच मतदाताओं को सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विशेष रूप से युवाओं, प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक प्रभावी मतदाता शिक्षा पहुंचाने के लिए मीडिया, निर्वाचन प्राधिकरणों, शिक्षण संस्थानों और नागरिक समाज के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। सम्मेलन में देश-विदेश के निर्वाचन प्रबंधन संस्थानों, मीडिया विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने लोकतंत्र को और अधिक सहभागी, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए। कॉनफ्रेंस के तकनीकी सत्रों में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने मीडिया एवं निर्वाचन संचार, समावेशी मतदाता शिक्षा, डिजिटल मीडिया के प्रभाव, फेक न्यूज से निपटने की रणनीतियों तथा निर्वाचन प्रक्रिया में जनविश्वास बढ़ाने के अपने-अपने देशों के अनुभव साझा किए। वहीं भारत के विभिन्न राज्यों और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने नवाचार आधारित पहलों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं का प्रस्तुतीकरण किया। विचार-विमर्श के दौरान इस बात पर व्यापक सहमति व्यक्त की गई कि प्रभावी मतदाता शिक्षा, जिम्मेदार मीडिया, डिजिटल साक्षरता और संस्थागत समन्वय ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला हैं। सम्मेलन में प्राप्त सुझावों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं का संकलन भविष्य में निर्वाचन जागरूकता कार्यक्रमों तथा मतदाता शिक्षा अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज के रूप में तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रौनक बैरागी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। मीडिया नोडल अधिकारी डॉ. पूनिया ने सम्मेलन की विषय-वस्तु का परिचय देते हुए मीडिया आधारित मतदाता शिक्षा की आवश्यकता और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में डॉ. पूनिया ने सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मेलन का समापन लोकतांत्रिक सहभागिता को और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

Dhaulpur, Dholpur | Jul 15, 2026

धौलपुर में दिनदहाड़े फायरिंग, बाइक सवार 2 युवकों के पैरों में मारी गोली, इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर। जानकारी के अनुसार घायल मुकेश पुत्र एदल सिंह और हिम्मत सिंह पुत्र रामभरोषी चपरौली गांव स्थित अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें रोककर हमला कर दिया। फायरिंग में दोनों के पैरों में गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
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Dholpur SP 
Rohit Bohra 
Igp Bharatpur 
Jawahar Singh Bedam 
Rahul Sharma

धौलपुर में दिनदहाड़े फायरिंग, बाइक सवार 2 युवकों के पैरों में मारी गोली, इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर। जानकारी के अनुसार घायल मुकेश पुत्र एदल सिंह और हिम्मत सिंह पुत्र रामभरोषी चपरौली गांव स्थित अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें रोककर हमला कर दिया। फायरिंग में दोनों के पैरों में गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। #DholpurNews #RajasthanNews #BreakingNews #dholpurrajasthan #dholpurpolice #Maniya #फायरिंग #मनियां #धौलपुर Dholpur SP Rohit Bohra Igp Bharatpur Jawahar Singh Bedam Rahul Sharma

Dhaulpur, Dholpur | Jul 15, 2026

पुरानी रंजिश को लेकर दो बाइक सवारों के साथ मारपीट चिकित्सको का कहना सस्पेक्ट है गन शॉट,रिपोर्ट आने के बाद ही होगा खुलासा भदियाना निवासी है दोनों युवक कमला पुरा के पास की मारपीट #DholpurNews #highlightseveryone #highlights #highlight #follower - Dhaulpur News