फतुहा के तीन सपूत || एक DSP और दो का सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर हुआ चयन
BPSC की 70th संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम परिणाम शनिवार की शाम घोषित हो गया। राज्य के स्तर पर होने वाले इस टॉप एग्जाम में फतुहा से दो और दनियावां से एक अभ्यर्थी ने अपना परचम लहराया है। इनमें से एक को DSP का पद मिला है, जबकि दो अभ्यर्थी सप्लाई इंस्पेक्टर का पद पाने में सफल हुए हैं।
सबसे पहले बात करते हैं बेहतर रैंक हासिल करने वाले सुमित कुमार की, जिनका परिवार फतुहा दरियापुर के नया टोला में रहता है। सुमित ने 3rd अटेम्प्ट में 581 रैंक हासिल किया है और इन्हें DSP का पद मिला है। वर्तमान में Central GST & Costom के कोलकाता स्थित कार्यालय में अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले भी सुमित कई प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपनी सफलता को दर्ज करवा चुके हैं। मसलन DRDO में दो बार प्रशासनिक सहायक और राष्ट्रपति कार्यालय में सहायक के पद पर इनका चयन हुआ। इसके अतिरिक्त अन्य कई सरकारी कार्यालयों से भी कॉल लेटर मिला। लेकिन सुमित ने इस तरफ कोई तवज्जो नहीं दिया। सुमित की ख्वाहिश DSP बनने की थी। आखिरकार सुमित ने अपने इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। इतना ही नहीं सुमित ने BPSC की 71वी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को भी फेस किया है और बेहतर परिणाम की संभावना है। कोलकाता में नौकरी करते हुए सुमित का ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहा और ड्यूटी के बाद बचे समय का सदुपयोग कर अपने लक्ष्य को हासिल किया, जो बकाई काबिल-ए-तारीफ है। कुल मिलाकर फतुहा का ये लाल शुरू से ही पढ़ाई-लिखाई में मेघावी रहा है।
सुमित के पिता उदय नारायण प्रसाद ITBP में ASI के पद पर कार्यरत थे और इसी साल कटिहार से सेवानिवृत्त हुए हैं। मां कमला देवी एक गृहिणी हैं। सुमित के बड़े भाई अमित कुमार आयकर विभाग पटना में कार्यालय अधीक्षक के पद पर आसीन हैं। सुमित का छोटा भाई अपनी तैयारी में जुटा है। इनके परिवार के सभी लोग मृदुभाषी और सरल स्वभाव के हैं।
अब बात करते हैं निशेष निशांत की, जो मूल रूप से जहानाबाद के रहने वाले हैं। इनके पिता का नाम सुरेंद्र प्रसाद है। बचपन से लेकर बोर्ड तक इनकी शिक्षा-दीक्षा दनियावां में हुई है। निशेष निशांत ने BPSC की इस परीक्षा में 1304 रैंक प्राप्त किया है। रैंक के अनुसार इन्हें सप्लाई इंस्पेक्टर का पद मिला है। निशेष ने दूसरे अटेम्प्ट में इस मुकाम को हासिल किया है। वर्ष 2009 में दनियावां हाई स्कूल से बोर्ड का इम्तेहान उत्तीर्ण कर निशेष निशांत ने बिहार में 8th पोजीशन को हासिल किया था। इस आधार पर निशेष को भी अध्ययन काल में होनहार विद्यार्थी कह सकते हैं। निशेष से मेरी बात मोबाइल के जरिए हुई। निशेष भी सरल और सहज स्वभाव के प्रतीत होते हैं।
फतुहा के एक और अभ्यर्थी ने इस एग्जाम को क्रैक किया है, नाम है उदय शंकर चौधरी। उदय से मोबाइल पर जब संपर्क किया और बतौर रिपोर्टर परिचय देने के बावजूद उदय ने कोई भी जानकारी साझा करने से मना कर दिया। उदय अकड़ू किस्म का युवा प्रतीत होता है। कुशल व्यवहार होना तो दूर इनके स्वभाव को सरल भी नहीं कह सकते। उदय ने अपने पिता का नाम तक बताने से इंकार कर दिया। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद इनका ये हाल है, वो भी सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर। अगर इनका चयन SDM या DSP के पद पर हुआ होता तो अपने सेवा काल में शायद जनता से सीधे मुंह बात भी नहीं करते, जैसा इनका व्यवहार है। बहरहाल एक रिपोर्टर का काम जानकारी देना होता है। इसीलिए आयोग द्वारा जारी सूची के आधार पर उदय के बारे में सिर्फ इतना बता सकता हूं कि इनका रैंक 4207 है और पद मिला है सप्लाई इंस्पेक्टर का। निजी तौर पर उदय के बारे में ये कहना चाहूंगा कि आयोग ने आपका चयन पब्लिक सर्वेंट (लोक सेवक) के रूप में किया है। उम्मीद करता हूं कि आगे आपका व्यवहार जनता के प्रति सरल सहज और कुशल होगा।
बिहार लोक सेवा आयोग के इस इम्तेहान को फतह करने वाले इन तीन युवाओं को क्षेत्र और अपने परिवार का नाम रौशन करने के लिए बहुत-बहुत बधाई। आशा करता हूं आप लोग जनता के प्रति उत्तरदायी होंगे। आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।
फिरोज़
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Fatwah, Patna | Jun 21, 2026