एबीवीपी का 78वां स्थापना दिवस मदनपुर में धूमधाम से मनाया गया, छात्रों को दिया गया राष्ट्र निर्माण का संदेश
औरंगाबाद:अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को मदनपुर इकाई द्वारा स्टूडेंट्स कोचिंग सेंटर में संदीप कुमार के नेतृत्व में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद एवं विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई।
इस मौके पर वक्ताओं ने एबीवीपी के इतिहास और संगठन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया गया कि 9 जुलाई 1949 को इस संगठन की नींव रखी गई थी। आज यह विश्व का सबसे बड़ा गैर-राजनीतिक छात्र संगठन बन चुका है। ज्ञान, शील और एकता के मूल मंत्र को अपनाकर एबीवीपी ने छात्र शक्ति को राष्ट्र शक्ति में बदलने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के सामने केवल राजनीतिक स्वतंत्रता बचाने की चुनौती नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक चेतना के पुनर्निर्माण का दायित्व भी था। ऐसे समय में विद्यार्थी परिषद ने यह विचार दिया कि विद्यार्थी केवल भविष्य के नागरिक नहीं, बल्कि आज के सक्रिय नागरिक भी हैं। शिक्षा में सुधार, परिसर में छात्रों के अधिकारों की लड़ाई हो या राष्ट्रीय एकता का प्रश्न, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है।
प्रकृति आपदा के समय राहत कार्य से लेकर रक्तदान जैसे सामाजिक सरोकारों तक परिषद के कार्यकर्ता समाज के साथ खड़े नजर आते हैं।
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के विचार उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए"को जीवन में उतारने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित
मदनपुर नगर सह मंत्री बंटी गुप्ता, पूर्व नगर अध्यक्ष अशोक सर, पूर्व नगर मंत्री सोनू सिंह, संतोष सर, रिया कुमारी, रितु गुप्ता,मुस्कान कुमारी,मानसी कुमारी,छोटी कुमारी,पूजा कुमारी,आकृति कुमारी,सौरभ कुमार,क्रिश कुमार,अमन कुमार,मंतोष कुमार एवं अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहीं।