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#रक्षाबंधन पर #देशवासियो को दिया #महत्वपूर्ण #संदेश #हमेफ़ॉलोकरे #7015551486

10.4k views | Jagadhri, Yamuna Nagar | Aug 22, 2021

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पांसरा में तालाब की तरफ खुले छह भवनों के दरवाजे नगर निगम ने किए सील

नगर निगम ने हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की विभिन्न धाराओं के तहत की कार्रवाई 

दो नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद भी कोई जवाब न देने पर निगम ने की कार्रवाई

यमुनानगर। नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांसरा गांव में तालाब की ओर खुले छह भवनों के दरवाजों को सील कर दिया। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर नगर निगम की टीम द्वारा की गई। निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित भवनों में तालाब की ओर अनधिकृत रूप से प्रवेश द्वार बनाए गए थे, जो नगर निगम की भूमि पर अतिक्रमण एवं निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाए गए। नगर निगम द्वारा सभी छह भवन मालिकों को दो बार शो-कॉज नोटिस दिया। बाद में व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद नगर निगम ने हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 250, 261, 262 और 263 ए के तहत सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उप नगर योजनाकार मुनेश्वर भारद्वाज, मृणाल जैयसवाल, कनिष्ठ अभियंता मनीष कुमार की टीम द्वारा की गई। बता दें कि नगर निगम को वार्ड नंबर-12 के पांसरा क्षेत्र में तालाब की तरफ कुछ भवनों के प्रवेश द्वार को लेकर शिकायत मिली थी। जिसके बाद उप नगर योजनाकार व भवन निरीक्षकों द्वारा मौके का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट में सामने आया कि इन भवनों के दरवाजे तालाब की ओर खोले गए थे। मामले में संबंधित भवन मालिकों को पहले नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। जिसके बाद कार्रवाई की गई। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि नगर निगम की जमीन, तालाब अथवा अन्य सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण अथवा कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर में अवैध निर्माण और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निगम की संपत्ति और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने भवन मालिकों को भी चेतावनी दी कि बिना अनुमति किए गए निर्माण को स्वयं हटाएं और भविष्य में नगर निगम की भूमि या तालाब की सीमा में किसी प्रकार का निर्माण न करें।

फोटो - पांसरा में तालाब की तरफ खुले दरवाजे पर सील लगाते निगम कर्मी।

पांसरा में तालाब की तरफ खुले छह भवनों के दरवाजे नगर निगम ने किए सील नगर निगम ने हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की विभिन्न धाराओं के तहत की कार्रवाई दो नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद भी कोई जवाब न देने पर निगम ने की कार्रवाई यमुनानगर। नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांसरा गांव में तालाब की ओर खुले छह भवनों के दरवाजों को सील कर दिया। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर नगर निगम की टीम द्वारा की गई। निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित भवनों में तालाब की ओर अनधिकृत रूप से प्रवेश द्वार बनाए गए थे, जो नगर निगम की भूमि पर अतिक्रमण एवं निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाए गए। नगर निगम द्वारा सभी छह भवन मालिकों को दो बार शो-कॉज नोटिस दिया। बाद में व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद नगर निगम ने हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 250, 261, 262 और 263 ए के तहत सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उप नगर योजनाकार मुनेश्वर भारद्वाज, मृणाल जैयसवाल, कनिष्ठ अभियंता मनीष कुमार की टीम द्वारा की गई। बता दें कि नगर निगम को वार्ड नंबर-12 के पांसरा क्षेत्र में तालाब की तरफ कुछ भवनों के प्रवेश द्वार को लेकर शिकायत मिली थी। जिसके बाद उप नगर योजनाकार व भवन निरीक्षकों द्वारा मौके का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट में सामने आया कि इन भवनों के दरवाजे तालाब की ओर खोले गए थे। मामले में संबंधित भवन मालिकों को पहले नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। जिसके बाद कार्रवाई की गई। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि नगर निगम की जमीन, तालाब अथवा अन्य सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण अथवा कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर में अवैध निर्माण और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निगम की संपत्ति और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने भवन मालिकों को भी चेतावनी दी कि बिना अनुमति किए गए निर्माण को स्वयं हटाएं और भविष्य में नगर निगम की भूमि या तालाब की सीमा में किसी प्रकार का निर्माण न करें। फोटो - पांसरा में तालाब की तरफ खुले दरवाजे पर सील लगाते निगम कर्मी।

Jagadhri, Yamuna Nagar | Aug 11, 2026

न तो ये तालाब है और न ही इसमें मछलियां है ज़रा तस्वीर देखिये ज़िम्मेदार सिस्टम की #जगाधरी

न तो ये तालाब है और न ही इसमें मछलियां है ज़रा तस्वीर देखिये ज़िम्मेदार सिस्टम की #जगाधरी

Jagadhri, Yamuna Nagar | Aug 11, 2026

नगर निगम ने नेहरू पार्क में लगाई तिरंगा प्रदर्शनी, जाने ध्वज संहिता और तिरंगे का गौरवशाली इतिहास

प्रदर्शनी देख तिरंगे के 1906 से 1947 तक के ऐतिहासिक सफर से रूबरू हुए नागरिक

नेहरू पार्क में तिरंगा प्रदर्शनी का नगर निगम ने किया आयोजन, निगम आयुक्त ने किया उद्घाटन

यमुनानगर।
नगर निगम यमुनानगर द्वारा 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत शहर के नेहरू पार्क में एक भव्य तिरंगा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसका विधिवत उद्घाटन किया। मेयर सुमन बहमनी एवं निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर आयोजित प्रदर्शनी में नागरिकों को 17 अगस्त तक चलने वाले 'हर घर तिरंगा' अभियान के प्रति जागरूक किया गया।
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का ऐतिहासिक क्रमिक विकास रहा, जिसमें 1906 से लेकर 1947 तक तिरंगे के सफर को बेहद सुंदर और ज्ञानवर्धक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही, प्रदर्शनी में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों के विस्तृत अर्थ, बीच में स्थित अशोक चक्र के महत्व और ध्वज संहिता (झंडा फहराने के नियमों) की बारीकियों से आम जनता को अवगत कराया गया। इसके अलावा महत्वपूर्ण उपलब्धियों में फहराए गए तिरंगे की घटनाओं को भी प्रदर्शनी में दर्शाया गया है। वंदे मातरम समेत कई देश भक्ति से जुड़ी जानकारियां भी प्रदर्शनी में दिखाई गई है। प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों का संदेश दिया गया। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने शहर के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक संख्या में नेहरू पार्क पहुंचकर इस प्रदर्शनी का अवलोकन करें और 'हर घर तिरंगा' अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जिला वासियों को अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हमारे गर्व, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है। हर नागरिक को इसके इतिहास व सम्मान के नियमों की जानकारी होनी चाहिए। प्रदर्शनी को लेकर स्थानीय निवासियों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मौके पर मुख्य सफाई निरीक्षक गोविंद शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन के आईईसी विशेषज्ञ आकाश कुमार, दुर्गेश कुमार और पंकज सहित नगर निगम के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। 

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1906 से 1947 तक तिरंगे के विकास के मुख्य चरण - 

मुख्य सफाई निरीक्षक गोविंद शर्मा ने बताया कि 7 अगस्त 1906 को कोलकाता के पारसी बागान स्क्वायर में लाल, पीले और हरे रंग की पट्टियों वाला पहला झंडा फहराया गया था। 1907 में जर्मनी में भिकाजी कामा ने जो झंडा फहराया, उसके बीच में वंदे मातरम लिखा था। 1921 में पिंगली वेंकैया ने गांधीजी के सामने लाल और हरे रंग का झंडा रखा, जिसमें बाद में सफेद रंग और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में चरखा जोड़ा गया। 1931 में कांग्रेस ने केसरिया, सफेद और हरे रंग तथा बीच में चरखे वाले झंडे को अपने आधिकारिक ध्वज के रूप में अपनाया। 1947 में चरखे की जगह सम्राट अशोक के धर्म चक्र (अशोक चक्र) को स्थान देकर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा तय किया गया। 

फोटो - नेहरू पार्क में लगाई गई तिरंगा प्रदर्शनी का अवलोकन करते शहरवासी। 

प्रदर्शनी के दौरान तिरंगा लहराते निगम कर्मी व शहरवासी।

नगर निगम ने नेहरू पार्क में लगाई तिरंगा प्रदर्शनी, जाने ध्वज संहिता और तिरंगे का गौरवशाली इतिहास प्रदर्शनी देख तिरंगे के 1906 से 1947 तक के ऐतिहासिक सफर से रूबरू हुए नागरिक नेहरू पार्क में तिरंगा प्रदर्शनी का नगर निगम ने किया आयोजन, निगम आयुक्त ने किया उद्घाटन यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर द्वारा 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत शहर के नेहरू पार्क में एक भव्य तिरंगा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसका विधिवत उद्घाटन किया। मेयर सुमन बहमनी एवं निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर आयोजित प्रदर्शनी में नागरिकों को 17 अगस्त तक चलने वाले 'हर घर तिरंगा' अभियान के प्रति जागरूक किया गया। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का ऐतिहासिक क्रमिक विकास रहा, जिसमें 1906 से लेकर 1947 तक तिरंगे के सफर को बेहद सुंदर और ज्ञानवर्धक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही, प्रदर्शनी में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों के विस्तृत अर्थ, बीच में स्थित अशोक चक्र के महत्व और ध्वज संहिता (झंडा फहराने के नियमों) की बारीकियों से आम जनता को अवगत कराया गया। इसके अलावा महत्वपूर्ण उपलब्धियों में फहराए गए तिरंगे की घटनाओं को भी प्रदर्शनी में दर्शाया गया है। वंदे मातरम समेत कई देश भक्ति से जुड़ी जानकारियां भी प्रदर्शनी में दिखाई गई है। प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों का संदेश दिया गया। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने शहर के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक संख्या में नेहरू पार्क पहुंचकर इस प्रदर्शनी का अवलोकन करें और 'हर घर तिरंगा' अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जिला वासियों को अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हमारे गर्व, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है। हर नागरिक को इसके इतिहास व सम्मान के नियमों की जानकारी होनी चाहिए। प्रदर्शनी को लेकर स्थानीय निवासियों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मौके पर मुख्य सफाई निरीक्षक गोविंद शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन के आईईसी विशेषज्ञ आकाश कुमार, दुर्गेश कुमार और पंकज सहित नगर निगम के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ------------ 1906 से 1947 तक तिरंगे के विकास के मुख्य चरण - मुख्य सफाई निरीक्षक गोविंद शर्मा ने बताया कि 7 अगस्त 1906 को कोलकाता के पारसी बागान स्क्वायर में लाल, पीले और हरे रंग की पट्टियों वाला पहला झंडा फहराया गया था। 1907 में जर्मनी में भिकाजी कामा ने जो झंडा फहराया, उसके बीच में वंदे मातरम लिखा था। 1921 में पिंगली वेंकैया ने गांधीजी के सामने लाल और हरे रंग का झंडा रखा, जिसमें बाद में सफेद रंग और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में चरखा जोड़ा गया। 1931 में कांग्रेस ने केसरिया, सफेद और हरे रंग तथा बीच में चरखे वाले झंडे को अपने आधिकारिक ध्वज के रूप में अपनाया। 1947 में चरखे की जगह सम्राट अशोक के धर्म चक्र (अशोक चक्र) को स्थान देकर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा तय किया गया। फोटो - नेहरू पार्क में लगाई गई तिरंगा प्रदर्शनी का अवलोकन करते शहरवासी। प्रदर्शनी के दौरान तिरंगा लहराते निगम कर्मी व शहरवासी।

Jagadhri, Yamuna Nagar | Aug 11, 2026