30 सितंबर से विक्रमशिला पुल पर आवागमन बंद होने के बाद वैकल्पिक यातायात एवं फेरी सेवा की व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस*
भागलपुर, दिनांक 29 सितंबर 2026:- 30 सितंबर से विक्रमशिला पुल पर आवागमन बंद होने के मद्देनजर आम लोगों की सुविधा एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा वैकल्पिक यातायात एवं फेरी सेवा की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय द्वारा समीक्षा भवन, भागलपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जलमार्गों पर यात्री एवं कार्गो आवागमन तथा वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा पर्याप्त क्षमता वाले एवं सुरक्षित वाहनों के माध्यम से अधिक से अधिक यात्रियों का जलमार्ग से आवागमन सुनिश्चित किया जा सके, इसके लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि बरारी घाट से पूर्व में संचालित फेरी सेवा को वर्तमान परिस्थितियों में संचालित करने की अनुमति नहीं दी गई है। बरारी घाट पर स्थायी सुधार (Permanent Restoration) का कार्य किया जाना है। इस दौरान बड़ी मशीनरी, क्रेन एवं अन्य निर्माण उपकरणों की मौजूदगी रहेगी। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उक्त घाट से फेरी सेवा का संचालन नहीं किया जाएगा।
यात्रियों के आवागमन के लिए बियाडा घाट से फेरी सेवा का संचालन किया जाएगा। यात्री बियाडा घाट से जलमार्ग के माध्यम से आवागमन कर सकेंगे। वहीं, सबौर स्थित बाबूपुर घाट से कार्गो का मूवमेंट किया जाएगा।
विक्रमशिला पुल पर आवागमन बंद होने के कारण आम लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी की गई है। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्गों एवं परिवहन साधनों की व्यवस्था की जा रही है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि यातायात का सुचारु संचालन सुनिश्चित करते हुए यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वैकल्पिक मार्गों पर यातायात नियंत्रण, वाहनों की आवाजाही तथा भीड़ प्रबंधन की लगातार निगरानी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि फेरी सेवा एवं कार्गो के लिए अलग-अलग घाट निर्धारित करने का उद्देश्य जलमार्ग पर यातायात एवं संचालन व्यवस्था को व्यवस्थित रखना है। कार्गो एवं फेरी सेवा को एक ही स्थान से संचालित किए जाने पर भीड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए दोनों के लिए अलग-अलग घाट निर्धारित किए गए हैं, ताकि यात्री एवं कार्गो आवागमन सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित हो सके।
उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए सभी संबंधित स्थानों पर पूर्व की भाँति आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। इसके तहत मेडिकल कैंप, जीविका दीदी की रसोई, कंट्रोल रूम, प्रशासनिक प्रतिनिधि, आपदा मित्र एवं पुलिस बल सहित अन्य सुरक्षात्मक एवं सुविधा संबंधी व्यवस्थाएँ उपलब्ध रहेंगी।
वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव के निर्देशन में यात्रियों की सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक पुलिस व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। घाटों एवं वैकल्पिक यातायात मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण तथा यात्रियों के सुचारु आवागमन के लिए पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों की आवश्यक प्रतिनियुक्ति की जाएगी तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फेरी सेवा एवं वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि जलमार्ग एवं वैकल्पिक मार्गों से यात्रा करने वाले किसी भी यात्री को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा उन्हें सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो।
यात्रियों की सहायता एवं समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला इमरजेंसी कंट्रोल रूम को नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्यरत रखा जाएगा।
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री नंबर: 0641-2402871 है। यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या होने, आवश्यक जानकारी प्राप्त करने, प्रश्न पूछने अथवा सुझाव देने के लिए यात्री जिला इमरजेंसी कंट्रोल रूम के नंबर पर संपर्क कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा 30 सितंबर से विक्रमशिला पुल पर आवागमन बंद होने के बाद आम लोगों की सुविधा, जलमार्गों पर यात्री एवं कार्गो आवागमन तथा वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिला जन-सम्पर्क कार्यालय,
भागलपुर
45 views | Bhagalpur, Bihar | Sep 30, 2026