एनसी मेडिकल कॉलेज में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर हटाने का नोटिस, सुरक्षा व्यवस्था बदलने की तैयारी
एमबीबीएस छात्रों पर जानलेवा हमले के बाद जागा प्रबंधन समिता ने लिया निणर्य
इसराना:
रोहतक-नेशनल हाईवे स्थित एनसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एमबीबीएस छात्रों पर हुए जानलेवा हमले ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। घटना के बाद छात्रों में भारी आक्रोश है, वहीं अब कॉलेज प्रबंधन भी दबाव में नजर आ रहा है। प्रबंधन समिति ने चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर एवं पूर्व डीएसपी ओमप्रकाश शर्मा को हटाने तथा पूरे सुरक्षा तंत्र में बदलाव करने संबंधी नोटिस जारी किया है। इससे साफ है कि प्रबंधन ने भी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को नाकाफी माना है। बताया जा रहा है कि कॉलेज परिसर और हॉस्टल में बाहरी लोगों की आवाजाही रोकने तथा सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नए सिरे से लागू करने की तैयारी की जा रही है। छात्रों का आरोप है कि यदि पहले ही सुरक्षा व्यवस्था सख्त होती तो हॉस्टल के भीतर इतनी बड़ी वारदात नहीं होती और दो छात्रों की जान जोखिम में नहीं पड़ती।
हमले में गंभीर रूप से घायल एमबीबीएस छात्र अंकुर का दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उपचार चल रहा है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं घायल छात्र विवेक कुमार का इलाज एनसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है।
घटना के पांच दिन बाद भी किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने से छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। छात्रों का कहना है कि पुलिस और कॉलेज प्रशासन दोनों आरोपितों पर कार्रवाई करने में सुस्ती बरत रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। गौरतलब है कि पांच दिन पहले कॉलेज हॉस्टल में एमबीबीएस छात्र विवेक कुमार पर कॉलेज से पासआउट हो चुके कुछ युवकों और उनके साथियों द्वारा कथित रूप से हमला किया गया था। आरोप है कि हॉस्टल के वाशरूम के बाहर आधा दर्जन हमलावरों ने विवेक के सिर पर बोतल से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे एमबीबीएस छात्र अंकुर को भी वाहन से टक्कर मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है और इसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रबंधन समिति के चेयरमैन भुषण गुप्ता ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर चीप सिक्कोरिटी ओफिसर सहित संपूर्ण पुरानी सिक्कोरिटी बदलने के लिए ऐजेंसी को नोटिस भेज दिया गया है। काँलेज की तरफ से पुलिस को शिकायत इसलिए नही दी गई थी, क्योंकि घायलों के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी थी। 15 दिन के अंदर काँलेज परिसर मे दुसरी सिक्कोरिटी ऐंजीसी को सुरक्षा की जिम्मेदारी सभालेगी।