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News in Israna

पानीपत पुलिस
12 जुलाई 2026

*डिकाडला निवासी तीन दोस्तों की स्कॉर्पियों से कुचलकर हत्या करने मामले में चोथा आरोपी गिरफ्तार*

पानीपत, 12 जुलाई ( ) डिकाडला गांव में स्कॉर्पियों से कुचलकर तीन दोस्तों की हत्या करने के मामले में सीआईए वन पुलिस ने चौथे आरोपी डिकाडला निवासी राजबीर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को शनिवार शाम को हथवाला से समालखा रोड स्थित जौरासी मोड़ से काबू किया।  

सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके गांव निवासी अपने साथी आरोपी मनीष, तेजबीर उर्फ तेजा, संदीप और नामजद फरार अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर रंजिशन उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने रविवार को आरोपी संदीप को तीन दिन की रिमांड अवधी पूरी होने पर और आरोपी राजबीर को पूछताछ के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया जहा दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को भी जल्द ही काबू कर लिया जाएगा।

प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी तेजबीर उर्फ तेज व मनीष के पास से वारदात को अंजाम देने बाद भागने में प्रयोग की एक स्कॉर्पियों गाड़ी बरामद कर आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। 
आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था आरोपी मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ दिन पूर्व खनन विभाग ने मनीष का डंपर व ट्राली खनन विभाग ने जब्त की थी। उन्हें गांव के नरेंद्र, अनीप और विनोद पर खनन विभाग में शिकायत करने का शक था। इसकी रंजिश रखते हुए दोनों ने फरार साथी आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचकर उक्त वारदात को अंजाम दिया था। 

*यह है मामला;*
थाना समालखा में डिकाडला निवासी विरेंद्र पुत्र फतेह सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वे पांच भाई है। 10 जून को रात करीब 9 बजे वह अपने छोटे भाई जितेंद्र के साथ समालखा में अपने हॉस्पिटल में था। तभी उनके पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी की उसके भाई नरेंद्र व उसके दोस्त विनोद व अनीप पर जानलेवा हमला कर दिया है। तीनों को काफी चोटे आई है और उनकी हालत गंभीर है। वह भाई जितेंद्र व दोस्त परवीन के साथ तभी गांव के लिए निकल लिया। वे तीनों गाड़ी से जीटी रोड पर पहुचें तो गांव निवासी कुछ युवक गांड़ी से नरेंद्र को लेकर आए। उसको देखकर गाड़ी रोक ली औ वह उसी गाड़ी में बैठ गया। नरेंद्र को माथे पर चोट लगी थी। नरेंद्र, विनोद व अनीप को इलाज के लिए पहले ऑर्टियोस हॉस्पिटल लेकर गए। वहा से बाद में सिविल अस्पताल लेकर गए जहा डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।  विरेंद्र ने शिकायत में बताया कि रास्ते में उसके भाई नरेंद्र ने दर्द से कहराते हुए बताया था गांव निवासी मनीष, संदीप, रविंद्र, नवीन, तुषार, सचिन, नीरज, राजबीर व आटा निवासी सूरज ने मिलकर पुरानी रंजिश रखते हुए गाड़ी से कुचलकर टक्कर मारी। नरेंद्र ने उसको बताया था कि वह शाम को हरिद्वार से वापिस आने के बाद देर शाम करीब 8 बजे दोस्त विनोद व अनीप के साथ खेतों में सैर करने गया था। वे तीनों सैर कर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर लोट रहे थे। तभी आटा गांव की और से मनीष स्कार्पियों में अपने उक्त दोस्तों के साथ आया और पास से गुजर गए। कुछ देर बाद वही गाड़ी पीछे से आई और जान से मारने की नीयत से स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारकर आरोपी गाड़ी से नीचे उतरे और डंडे व लात घूस्सों से मारपीट की। आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ महीने पहले उसका ट्रैक्टर ट्राली माइनिंग में जब्त हुआ था। मनीष इसका शक नरेंद्र पर करता था। इसी की रंजिश रखते हुए मनीष ने अपने उक्त साथी आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की उक्त वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने विरेंद्र की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना समालखा में अभियोग दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।

पानीपत पुलिस 12 जुलाई 2026 *डिकाडला निवासी तीन दोस्तों की स्कॉर्पियों से कुचलकर हत्या करने मामले में चोथा आरोपी गिरफ्तार* पानीपत, 12 जुलाई ( ) डिकाडला गांव में स्कॉर्पियों से कुचलकर तीन दोस्तों की हत्या करने के मामले में सीआईए वन पुलिस ने चौथे आरोपी डिकाडला निवासी राजबीर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को शनिवार शाम को हथवाला से समालखा रोड स्थित जौरासी मोड़ से काबू किया। सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके गांव निवासी अपने साथी आरोपी मनीष, तेजबीर उर्फ तेजा, संदीप और नामजद फरार अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर रंजिशन उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने रविवार को आरोपी संदीप को तीन दिन की रिमांड अवधी पूरी होने पर और आरोपी राजबीर को पूछताछ के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया जहा दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को भी जल्द ही काबू कर लिया जाएगा। प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी तेजबीर उर्फ तेज व मनीष के पास से वारदात को अंजाम देने बाद भागने में प्रयोग की एक स्कॉर्पियों गाड़ी बरामद कर आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था आरोपी मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ दिन पूर्व खनन विभाग ने मनीष का डंपर व ट्राली खनन विभाग ने जब्त की थी। उन्हें गांव के नरेंद्र, अनीप और विनोद पर खनन विभाग में शिकायत करने का शक था। इसकी रंजिश रखते हुए दोनों ने फरार साथी आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचकर उक्त वारदात को अंजाम दिया था। *यह है मामला;* थाना समालखा में डिकाडला निवासी विरेंद्र पुत्र फतेह सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वे पांच भाई है। 10 जून को रात करीब 9 बजे वह अपने छोटे भाई जितेंद्र के साथ समालखा में अपने हॉस्पिटल में था। तभी उनके पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी की उसके भाई नरेंद्र व उसके दोस्त विनोद व अनीप पर जानलेवा हमला कर दिया है। तीनों को काफी चोटे आई है और उनकी हालत गंभीर है। वह भाई जितेंद्र व दोस्त परवीन के साथ तभी गांव के लिए निकल लिया। वे तीनों गाड़ी से जीटी रोड पर पहुचें तो गांव निवासी कुछ युवक गांड़ी से नरेंद्र को लेकर आए। उसको देखकर गाड़ी रोक ली औ वह उसी गाड़ी में बैठ गया। नरेंद्र को माथे पर चोट लगी थी। नरेंद्र, विनोद व अनीप को इलाज के लिए पहले ऑर्टियोस हॉस्पिटल लेकर गए। वहा से बाद में सिविल अस्पताल लेकर गए जहा डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। विरेंद्र ने शिकायत में बताया कि रास्ते में उसके भाई नरेंद्र ने दर्द से कहराते हुए बताया था गांव निवासी मनीष, संदीप, रविंद्र, नवीन, तुषार, सचिन, नीरज, राजबीर व आटा निवासी सूरज ने मिलकर पुरानी रंजिश रखते हुए गाड़ी से कुचलकर टक्कर मारी। नरेंद्र ने उसको बताया था कि वह शाम को हरिद्वार से वापिस आने के बाद देर शाम करीब 8 बजे दोस्त विनोद व अनीप के साथ खेतों में सैर करने गया था। वे तीनों सैर कर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर लोट रहे थे। तभी आटा गांव की और से मनीष स्कार्पियों में अपने उक्त दोस्तों के साथ आया और पास से गुजर गए। कुछ देर बाद वही गाड़ी पीछे से आई और जान से मारने की नीयत से स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारकर आरोपी गाड़ी से नीचे उतरे और डंडे व लात घूस्सों से मारपीट की। आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ महीने पहले उसका ट्रैक्टर ट्राली माइनिंग में जब्त हुआ था। मनीष इसका शक नरेंद्र पर करता था। इसी की रंजिश रखते हुए मनीष ने अपने उक्त साथी आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की उक्त वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने विरेंद्र की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना समालखा में अभियोग दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।

Israna, Panipat | Jul 13, 2026

मांडी निवासी अजमेर सिंह आत्मा हत्या मामले मे सुसाइड नोट हैडराइटिंग जांच के लिए जुटाए जाए रहे पुराने दस्तावेज

मांडी निवासी अजमेर सिंह आत्मा हत्या मामले मे सुसाइड नोट हैडराइटिंग जांच के लिए जुटाए जाए रहे पुराने दस्तावेज

Israna, Panipat | Jul 12, 2026

नौल्था गांव के ग्रामीणों न फ्लाईओवर का काम रुकवा, सरकार व प्रशासन को दी चेतावनी, जानिए क्या है कारण ?

नौल्था गांव के ग्रामीणों न फ्लाईओवर का काम रुकवा, सरकार व प्रशासन को दी चेतावनी, जानिए क्या है कारण ?

Israna, Panipat | Jul 11, 2026

पानीपत पुलिस
10 जुलाई 2026

*थिराना गांव से अपहृत 35 वर्षीय युवक को महज 20 घंटे में सकुशल छुड़ाया, 6 आरोपी गिरफ्तार*

*वारदात के दौरान एक आरोपी ने पहनी थी दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर की वर्दी, पुलिस ने वर्दी भी की बरामद*

पानीपत, 10 जुलाई ( ) पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस के निर्देशन में सीआईए टू पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना मतलौडा क्षेत्र के गांव थिराना से अपहृत 35 वर्षीय युवक को महज 20 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया । गिरफ्तार आरोपियों में चार सोनीपत और दो पानीपत जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की एक वर्दी भी बरामद की है, जिसे वारदात के दौरान एक आरोपी ने पहन रखा था।

एएसपी हर्षित गोयल आईपीएस ने जिला सचिवालय स्थित पुलिस सभागार में शुक्रवार को प्रेसवार्ता में इस प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि वीरवार देर रात पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि काले रंग की एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर आए पांच-छह अज्ञात युवकों ने गांव थिराना में अड्डे पर खड़े गांव निवासी दिलावर 35 का जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। सूचना मिलते ही पूरे जिले में नाकाबंदी कर पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं। वहीं अपहृत के पिता राजेंद्र की शिकायत पर थाना मतलौडा में बीएनएस की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज किया गया।  

एएसपी हर्षित गोयल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मतलौडा पुलिस के साथ ही सीआईए टू प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र की टीम को आरोपियों की धरपकड़ और अपहृत युवक की सुरक्षित बरामदगी की जिम्मेदारी सौंपी। पुलिस अधीक्षक स्वयं पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे और टीम से पल-पल की जानकारी लेते रहे।
सीआईए टू टीम ने अपने सभी सोर्स एक्टिव किए और मिली विशेष सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए शुक्रवार सुबह सोनीपत के श्याम नगर में दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत दिलावर को सकुशल छुड़ा लिया। मौके से दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की वर्दी भी बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनीपत के तिहाड़ खुर्द निवासी रोहित, श्याम नगर निवासी मनोज, गांव बरोटा निवासी नीरज, गांव मोई निवासी सूरज तथा पानीपत के इसराना निवासी अनुज उर्फ छोटू और गांव पलड़ी निवासी जतिन के रूप में हुई है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से खुलासा हुआ वारदात के समय आरोपी मनोज ने दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की वर्दी पहन रखी थी। उसका पिता दिल्ली पुलिस से सब इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त है और उसने वारदात के समय उसी की वर्दी पहन रखी थी। आरोपियों ने अपहृत दिलावर को पूरी रात सोनीपत के श्याम नगर स्थित आरोपी रोहित के कमरे में बंधक बनाकर रखा।

एएसपी हर्षित गोयल आईपीएस ने बताया कि शनिवार को सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि वारदात में और कौन-कौन आरोपी शामिल थे, अपहरण के पीछे क्या उद्देश्य था तथा इस साजिश की पूरी योजना किसने बनाई। इसके अलावा आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है।

अपहृत दिलावर लकड़ी की ठेकेदारी करता है।

पानीपत पुलिस 10 जुलाई 2026 *थिराना गांव से अपहृत 35 वर्षीय युवक को महज 20 घंटे में सकुशल छुड़ाया, 6 आरोपी गिरफ्तार* *वारदात के दौरान एक आरोपी ने पहनी थी दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर की वर्दी, पुलिस ने वर्दी भी की बरामद* पानीपत, 10 जुलाई ( ) पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस के निर्देशन में सीआईए टू पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना मतलौडा क्षेत्र के गांव थिराना से अपहृत 35 वर्षीय युवक को महज 20 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया । गिरफ्तार आरोपियों में चार सोनीपत और दो पानीपत जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की एक वर्दी भी बरामद की है, जिसे वारदात के दौरान एक आरोपी ने पहन रखा था। एएसपी हर्षित गोयल आईपीएस ने जिला सचिवालय स्थित पुलिस सभागार में शुक्रवार को प्रेसवार्ता में इस प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि वीरवार देर रात पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि काले रंग की एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर आए पांच-छह अज्ञात युवकों ने गांव थिराना में अड्डे पर खड़े गांव निवासी दिलावर 35 का जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। सूचना मिलते ही पूरे जिले में नाकाबंदी कर पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं। वहीं अपहृत के पिता राजेंद्र की शिकायत पर थाना मतलौडा में बीएनएस की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज किया गया। एएसपी हर्षित गोयल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मतलौडा पुलिस के साथ ही सीआईए टू प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र की टीम को आरोपियों की धरपकड़ और अपहृत युवक की सुरक्षित बरामदगी की जिम्मेदारी सौंपी। पुलिस अधीक्षक स्वयं पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे और टीम से पल-पल की जानकारी लेते रहे। सीआईए टू टीम ने अपने सभी सोर्स एक्टिव किए और मिली विशेष सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए शुक्रवार सुबह सोनीपत के श्याम नगर में दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत दिलावर को सकुशल छुड़ा लिया। मौके से दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की वर्दी भी बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनीपत के तिहाड़ खुर्द निवासी रोहित, श्याम नगर निवासी मनोज, गांव बरोटा निवासी नीरज, गांव मोई निवासी सूरज तथा पानीपत के इसराना निवासी अनुज उर्फ छोटू और गांव पलड़ी निवासी जतिन के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से खुलासा हुआ वारदात के समय आरोपी मनोज ने दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की वर्दी पहन रखी थी। उसका पिता दिल्ली पुलिस से सब इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त है और उसने वारदात के समय उसी की वर्दी पहन रखी थी। आरोपियों ने अपहृत दिलावर को पूरी रात सोनीपत के श्याम नगर स्थित आरोपी रोहित के कमरे में बंधक बनाकर रखा। एएसपी हर्षित गोयल आईपीएस ने बताया कि शनिवार को सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि वारदात में और कौन-कौन आरोपी शामिल थे, अपहरण के पीछे क्या उद्देश्य था तथा इस साजिश की पूरी योजना किसने बनाई। इसके अलावा आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है। अपहृत दिलावर लकड़ी की ठेकेदारी करता है।

Israna, Panipat | Jul 11, 2026

मांडी गांव के अजमेर आत्मा हत्या मे आया नया मोड, सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने CWC चेयरमैन सहित 12 नामदंजो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

मांडी गांव के अजमेर आत्मा हत्या मे आया नया मोड, सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने CWC चेयरमैन सहित 12 नामदंजो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Israna, Panipat | Jul 10, 2026

पानीपत पुलिस
09 जुलाई 2026

*विदेश भेजने के नाम पर युवती से 22.50 लाख रूपए की धोखाधड़ी करने आरोपी गिरफ्तार*

पानीपत, 09 जुलाई ( ) सीआईए थ्री पुलिस ने विदेश भेजने और नौकरी लगवाने के नाम पर कृष्णपुरा निवासी एक युवती से 22.50 लाख रूपए की धोखाधड़ी करने के आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान अयोध्या नगरी मंदिर वार्ड नंबर 9 पानीपत हाल सेक्टर 16 करनाल निवासी राकेश के रूप में हुई है।

सीआईए थ्री प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने युवती दिव्या से विदेश भेजने और नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर उक्त राशि हड़पने की वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने वीरवार को आरोपी राकेश को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से धोखाधड़़ी कर हड़पी नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी। 

*यह है मामला;*
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कृष्णपुरा निवासी दिव्या ने शिकायत देकर बताया था कि वर्ष 2024 में वह अपने एक परिचित के माध्यम से वार्ड नंबर-9 निवासी राकेश पुत्र तिलक राज के संपर्क में आई थी। राकेश ने उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने व नौकरी लगवाने की बात कही, इसके लिए 10 लाख रुपये की मांग की। जुलाई 2024 में राकेश उनके घर आकर 10 लाख रुपये नकद और उसका पासपोर्ट तथा अन्य मूल शैक्षणिक दस्तावेज ले गया। 15 जुलाई 2024 को राकेश ने उसे ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिया।
जब वह वीजा लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची तो जांच के दौरान पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। जांच के दौरान कर्मचारियों ने उससे उसके पति के बारे में पूछा। तब उसे पता चला कि उसे नौकरी के लिए नहीं, बल्कि अनजान अमन नामक व्यक्ति के साथ शादी करवाकर ऑस्ट्रेलिया भेज रहा है। दोनों की हवाई टिकट भी एक साथ बुक कराई गई है। कर्मचारियों ने धोखाधड़ी का पता लगने पर उसे वापस भेज दिया और उसका ऑस्ट्रेलिया का वीजा केंसिल हो गया।
इसके बाद उसके परिजनों ने राकेश से बात की तो उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए उसे कनाडा भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद वह उनके घर आया और 2 लाख रुपये ले गया। 29 जुलाई 2024 को राकेश ने उसे कनाडा का वीजा दिया। जब वह दिल्ली स्थित एंबेसी गई तो राकेश ने ऑनलाइन बायोमेट्रिक के नाम पर उससे 14 हजार रुपये और ले लिए। 28 अगस्त 2024 को उसकी बायोमेट्रिक हुई। 23 फरवरी 2025 को उसे ई-मेल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि उसका कनाडा का वीजा लग गया है।
राकेश 24 मार्च 2025 तक उससे कभी एक लाख तो कभी 50 हजार रुपये लेकर कुल लगभग 22 लाख 50 हजार रुपये वसूल चुका था। 10 मई 2025 को जब वह दिल्ली स्थित कनाडा एंबेसी पहुंची तो पता चला कि उसका कनाडा का वीजा भी रिजेक्ट हो चुका है। इसके बाद उसने राकेश से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन वह टालमटोल करने लगा।
16 मई 2025 को राकेश ने लिखित में दिया कि यदि वह 10 जून 2025 तक उसे विदेश नहीं भेज पाया तो 15 जुलाई 2025 तक उसके 22 लाख 50 हजार रुपये वापस कर देगा। इसके लिए उसने उक्त राशि का एक चेक भी दिया। जुलाई 2025 में बैंक में चेक बाउंस हो गया। अब राकेश न तो उसके पैसे वापस कर रहा है और न ही उसके मूल दस्तावेज लौटा रहा है। दिव्या की शिकायत पर थाना औद्योगिक सेक्टर-29 में आरोपी राकेश के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) तथा इमीग्रेशन एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच और आरोपी की धरपकड़ शुरू कर दी थी।

प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया पूछताछ में आरोपी को पहले भी आपराधिक रिकार्ड होना पाया गया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी थाना तहसील कैंप थाना में इसी प्रकार धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। आरोपी उक्त मामले में जेल से बेल पर बाहर आया हुआ है।

पानीपत पुलिस 09 जुलाई 2026 *विदेश भेजने के नाम पर युवती से 22.50 लाख रूपए की धोखाधड़ी करने आरोपी गिरफ्तार* पानीपत, 09 जुलाई ( ) सीआईए थ्री पुलिस ने विदेश भेजने और नौकरी लगवाने के नाम पर कृष्णपुरा निवासी एक युवती से 22.50 लाख रूपए की धोखाधड़ी करने के आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान अयोध्या नगरी मंदिर वार्ड नंबर 9 पानीपत हाल सेक्टर 16 करनाल निवासी राकेश के रूप में हुई है। सीआईए थ्री प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने युवती दिव्या से विदेश भेजने और नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर उक्त राशि हड़पने की वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने वीरवार को आरोपी राकेश को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से धोखाधड़़ी कर हड़पी नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी। *यह है मामला;* पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कृष्णपुरा निवासी दिव्या ने शिकायत देकर बताया था कि वर्ष 2024 में वह अपने एक परिचित के माध्यम से वार्ड नंबर-9 निवासी राकेश पुत्र तिलक राज के संपर्क में आई थी। राकेश ने उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने व नौकरी लगवाने की बात कही, इसके लिए 10 लाख रुपये की मांग की। जुलाई 2024 में राकेश उनके घर आकर 10 लाख रुपये नकद और उसका पासपोर्ट तथा अन्य मूल शैक्षणिक दस्तावेज ले गया। 15 जुलाई 2024 को राकेश ने उसे ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिया। जब वह वीजा लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची तो जांच के दौरान पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। जांच के दौरान कर्मचारियों ने उससे उसके पति के बारे में पूछा। तब उसे पता चला कि उसे नौकरी के लिए नहीं, बल्कि अनजान अमन नामक व्यक्ति के साथ शादी करवाकर ऑस्ट्रेलिया भेज रहा है। दोनों की हवाई टिकट भी एक साथ बुक कराई गई है। कर्मचारियों ने धोखाधड़ी का पता लगने पर उसे वापस भेज दिया और उसका ऑस्ट्रेलिया का वीजा केंसिल हो गया। इसके बाद उसके परिजनों ने राकेश से बात की तो उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए उसे कनाडा भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद वह उनके घर आया और 2 लाख रुपये ले गया। 29 जुलाई 2024 को राकेश ने उसे कनाडा का वीजा दिया। जब वह दिल्ली स्थित एंबेसी गई तो राकेश ने ऑनलाइन बायोमेट्रिक के नाम पर उससे 14 हजार रुपये और ले लिए। 28 अगस्त 2024 को उसकी बायोमेट्रिक हुई। 23 फरवरी 2025 को उसे ई-मेल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि उसका कनाडा का वीजा लग गया है। राकेश 24 मार्च 2025 तक उससे कभी एक लाख तो कभी 50 हजार रुपये लेकर कुल लगभग 22 लाख 50 हजार रुपये वसूल चुका था। 10 मई 2025 को जब वह दिल्ली स्थित कनाडा एंबेसी पहुंची तो पता चला कि उसका कनाडा का वीजा भी रिजेक्ट हो चुका है। इसके बाद उसने राकेश से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन वह टालमटोल करने लगा। 16 मई 2025 को राकेश ने लिखित में दिया कि यदि वह 10 जून 2025 तक उसे विदेश नहीं भेज पाया तो 15 जुलाई 2025 तक उसके 22 लाख 50 हजार रुपये वापस कर देगा। इसके लिए उसने उक्त राशि का एक चेक भी दिया। जुलाई 2025 में बैंक में चेक बाउंस हो गया। अब राकेश न तो उसके पैसे वापस कर रहा है और न ही उसके मूल दस्तावेज लौटा रहा है। दिव्या की शिकायत पर थाना औद्योगिक सेक्टर-29 में आरोपी राकेश के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) तथा इमीग्रेशन एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच और आरोपी की धरपकड़ शुरू कर दी थी। प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया पूछताछ में आरोपी को पहले भी आपराधिक रिकार्ड होना पाया गया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी थाना तहसील कैंप थाना में इसी प्रकार धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। आरोपी उक्त मामले में जेल से बेल पर बाहर आया हुआ है।

Israna, Panipat | Jul 10, 2026

इसराना मे बस स्टैंड व जोहडो पर मकानों के बारे मे क्या बोले पंचायत मंत्री, जानिए

इसराना मे बस स्टैंड व जोहडो पर मकानों के बारे मे क्या बोले पंचायत मंत्री, जानिए

Israna, Panipat | Jul 9, 2026

पानीपत पुलिस 
09 जुलाई 2026

*पानीपत पुलिस अवैध शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 444 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब सहित कार सवार तस्कर गिरफ्तार*

पानीपत 09 जुलाई ( ) पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस के निर्देशानुसार जिला पुलिस द्वारा अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईए टू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार देर शाम को सेक्टर 18 सड़क पर नाकाबंदी कर अवैध शराब से भरी एक बलेनो कार पकड़ी। पुलिस ने यूपी निवासी आरोपी शराब तस्कर को भी मौके से काबू किया। कार से 444 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। आरोपी चंडीगढ़ से अवैध शराब लेकर पानीपत में सप्लाई करने आया था। 

सीआईए टू प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि उनकी टीम को बुधवार देर शाम को गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि नीले रंग की यूपी नंबर बलेनो कार में एक युवक अवैध शराब लेकर करनाल की तरफ से पानीपत आ रहा है। युवक जीटी रोड से सैक्टर 18 में जाने वाली सड़क पर जाएगा। सूचना को पुख्ता मानकर पुलिस टीम ने सेक्टर 18 सड़क पर नाकाबंदी शुरू कर दी। साथ ही एक्साइज विभाग के इंस्पेक्टर को सूचना देकर मौके पर बुलाया। कुछ देर बाद जीटी रोड की और से एक नीले रंग की गाड़ी आते हुए दिखाई दी। पुलिस टीम ने गाड़ी को नाके पर रूकवाकर ड्राइवर सीट पर बैठे युवक से पूछताछ की। उसने अपनी पहचान अभिषेक तेवतिया पुत्र ओमबीर सिंह निवासी गांव नया बांस बुलंदशहर यूपी के रूप में बताई। एक्साइज इंस्पेक्टर की मौजूदगी में कार की तलाशी ली। पीछे की सीट और डिग्गी से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब की बोतले मिली। आरोपी को शराब का लाईसेंस व परमिट दिखाने के लिए कहा तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। बरामद अवैध शराब की गिनती करने पर 444 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब पाई गई।

*चंडीगढ़ से पानीपत में तस्करी करने आया;*
प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया उसके दो दोस्त अवैध शराब तस्करी का काम करते है। वह भी शार्टकट तरिके से पैसे कमाने के लिए दोनों दोस्तों के साथ अवैध शराब तस्करी के काम में शामिल हो गया। शराब की तस्करी करने के लिए उसने अपने एक अन्य दोस्त की आईडी पर दिल्ली से उक्त बलेनो कार  सेल्फ ड्राइव पर ली और बुधवार को चंडीगढ़ से अवैध शराब लोढ़ कर पानीपत में तस्करी करने के लिए आया था।     

प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र ने बताया कि बरामद अवैध शराब सहित कार को कब्जा पुलिस में लेकर आरोपी अभिषेक के खिलाफ थाना सेक्टर 13/17 में एक्साईज एक्ट व मोट व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओ के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने बुधवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी के अवैध शराब तस्करी में संलिप्त इसके साथी आरोपियों के ठीकानों का पता लगा काबू करने का प्रयास करेगी। 

*आरोपी का पहले भी आपराधिक रिकार्ड;*
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी का पहले भी आपराधिक रिकार्ड होना पाया गया है। आरोपी के खिलाफ यूपी और बिहार में जानलेवा हमला करने के दो मामले दर्ज है। बिहार में दर्ज मुकदमे में आरोपी जेल से जमानत पर बाहर आया हुआ है।

पानीपत पुलिस 09 जुलाई 2026 *पानीपत पुलिस अवैध शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 444 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब सहित कार सवार तस्कर गिरफ्तार* पानीपत 09 जुलाई ( ) पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस के निर्देशानुसार जिला पुलिस द्वारा अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईए टू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार देर शाम को सेक्टर 18 सड़क पर नाकाबंदी कर अवैध शराब से भरी एक बलेनो कार पकड़ी। पुलिस ने यूपी निवासी आरोपी शराब तस्कर को भी मौके से काबू किया। कार से 444 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। आरोपी चंडीगढ़ से अवैध शराब लेकर पानीपत में सप्लाई करने आया था। सीआईए टू प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि उनकी टीम को बुधवार देर शाम को गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि नीले रंग की यूपी नंबर बलेनो कार में एक युवक अवैध शराब लेकर करनाल की तरफ से पानीपत आ रहा है। युवक जीटी रोड से सैक्टर 18 में जाने वाली सड़क पर जाएगा। सूचना को पुख्ता मानकर पुलिस टीम ने सेक्टर 18 सड़क पर नाकाबंदी शुरू कर दी। साथ ही एक्साइज विभाग के इंस्पेक्टर को सूचना देकर मौके पर बुलाया। कुछ देर बाद जीटी रोड की और से एक नीले रंग की गाड़ी आते हुए दिखाई दी। पुलिस टीम ने गाड़ी को नाके पर रूकवाकर ड्राइवर सीट पर बैठे युवक से पूछताछ की। उसने अपनी पहचान अभिषेक तेवतिया पुत्र ओमबीर सिंह निवासी गांव नया बांस बुलंदशहर यूपी के रूप में बताई। एक्साइज इंस्पेक्टर की मौजूदगी में कार की तलाशी ली। पीछे की सीट और डिग्गी से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब की बोतले मिली। आरोपी को शराब का लाईसेंस व परमिट दिखाने के लिए कहा तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। बरामद अवैध शराब की गिनती करने पर 444 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब पाई गई। *चंडीगढ़ से पानीपत में तस्करी करने आया;* प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया उसके दो दोस्त अवैध शराब तस्करी का काम करते है। वह भी शार्टकट तरिके से पैसे कमाने के लिए दोनों दोस्तों के साथ अवैध शराब तस्करी के काम में शामिल हो गया। शराब की तस्करी करने के लिए उसने अपने एक अन्य दोस्त की आईडी पर दिल्ली से उक्त बलेनो कार सेल्फ ड्राइव पर ली और बुधवार को चंडीगढ़ से अवैध शराब लोढ़ कर पानीपत में तस्करी करने के लिए आया था। प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र ने बताया कि बरामद अवैध शराब सहित कार को कब्जा पुलिस में लेकर आरोपी अभिषेक के खिलाफ थाना सेक्टर 13/17 में एक्साईज एक्ट व मोट व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओ के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने बुधवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी के अवैध शराब तस्करी में संलिप्त इसके साथी आरोपियों के ठीकानों का पता लगा काबू करने का प्रयास करेगी। *आरोपी का पहले भी आपराधिक रिकार्ड;* प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी का पहले भी आपराधिक रिकार्ड होना पाया गया है। आरोपी के खिलाफ यूपी और बिहार में जानलेवा हमला करने के दो मामले दर्ज है। बिहार में दर्ज मुकदमे में आरोपी जेल से जमानत पर बाहर आया हुआ है।

Israna, Panipat | Jul 9, 2026

पानीपत पुलिस
09 जुलाई 2026

*डिकाडला निवासी तीन दोस्तों की स्कॉर्पियों से कुचलकर हत्या करने मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार*

पानीपत, 09 जुलाई ( ) डिकाडला गांव में स्कॉर्पियों से कुचलकर तीन दोस्तों की हत्या करने के मामले में सीआईए वन पुलिस ने तीसरे आरोपी डिकाडला निवासी संदीप को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को बुधवार शाम सिवाह के पास रोहतक बाइपास से काबू किया।  

सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके अपने छोटे भाई मनीष व गांव निवासी तेजबीर उर्फ तेजा और नामजद फरार अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर रंजिशन उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने वीरवार को आरोपी संदीप को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही फरार आरोपियों के ठीकानों का पता लगा काबू करने का प्रयास करेगी। 
प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि मामले पहले गिरफ्तार हो चुके दो आरोपी तेजबीर उर्फ तेज व मनीष के पास से वारदात को अंजाम देने बाद भागने में प्रयोग की एक स्कॉर्पियों गाड़ी बरामद कर आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। 
आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था आरोपी मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ दिन पूर्व खनन विभाग ने मनीष का डंपर व ट्राली खनन विभाग ने जब्त की थी। उन्हें गांव के नरेंद्र, अनीप और विनोद पर खनन विभाग में शिकायत करने का शक था। इसकी रंजिश रखते हुए दोनों ने फरार साथी आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचकर उक्त वारदात को अंजाम दिया था। 

*यह है मामला;*
थाना समालखा में डिकाडला निवासी विरेंद्र पुत्र फतेह सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वे पांच भाई है। 10 जून को रात करीब 9 बजे वह अपने छोटे भाई जितेंद्र के साथ समालखा में अपने हॉस्पिटल में था। तभी उनके पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी की उसके भाई नरेंद्र व उसके दोस्त विनोद व अनीप पर जानलेवा हमला कर दिया है। तीनों को काफी चोटे आई है और उनकी हालत गंभीर है। वह भाई जितेंद्र व दोस्त परवीन के साथ तभी गांव के लिए निकल लिया। वे तीनों गाड़ी से जीटी रोड पर पहुचें तो गांव निवासी कुछ युवक गांड़ी से नरेंद्र को लेकर आए। उसको देखकर गाड़ी रोक ली औ वह उसी गाड़ी में बैठ गया। नरेंद्र को माथे पर चोट लगी थी। नरेंद्र, विनोद व अनीप को इलाज के लिए पहले ऑर्टियोस हॉस्पिटल लेकर गए। वहा से बाद में सिविल अस्पताल लेकर गए जहा डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।  विरेंद्र ने शिकायत में बताया कि रास्ते में उसके भाई नरेंद्र ने दर्द से कहराते हुए बताया था गांव निवासी मनीष, संदीप, रविंद्र, नवीन, तुषार, सचिन, नीरज, राजबीर व आटा निवासी सूरज ने मिलकर पुरानी रंजिश रखते हुए गाड़ी से कुचलकर टक्कर मारी। नरेंद्र ने उसको बताया था कि वह शाम को हरिद्वार से वापिस आने के बाद देर शाम करीब 8 बजे दोस्त विनोद व अनीप के साथ खेतों में सैर करने गया था। वे तीनों सैर कर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर लोट रहे थे। तभी आटा गांव की और से मनीष स्कार्पियों में अपने उक्त दोस्तों के साथ आया और पास से गुजर गए। कुछ देर बाद वही गाड़ी पीछे से आई और जान से मारने की नीयत से स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारकर आरोपी गाड़ी से नीचे उतरे और डंडे व लात घूस्सों से मारपीट की। आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ महीने पहले उसका ट्रैक्टर ट्राली माइनिंग में जब्त हुआ था। मनीष इसका शक नरेंद्र पर करता था। इसी की रंजिश रखते हुए मनीष ने अपने उक्त साथी आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की उक्त वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने विरेंद्र की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना समालखा में अभियोग दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।

पानीपत पुलिस 09 जुलाई 2026 *डिकाडला निवासी तीन दोस्तों की स्कॉर्पियों से कुचलकर हत्या करने मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार* पानीपत, 09 जुलाई ( ) डिकाडला गांव में स्कॉर्पियों से कुचलकर तीन दोस्तों की हत्या करने के मामले में सीआईए वन पुलिस ने तीसरे आरोपी डिकाडला निवासी संदीप को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को बुधवार शाम सिवाह के पास रोहतक बाइपास से काबू किया। सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके अपने छोटे भाई मनीष व गांव निवासी तेजबीर उर्फ तेजा और नामजद फरार अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर रंजिशन उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने वीरवार को आरोपी संदीप को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही फरार आरोपियों के ठीकानों का पता लगा काबू करने का प्रयास करेगी। प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि मामले पहले गिरफ्तार हो चुके दो आरोपी तेजबीर उर्फ तेज व मनीष के पास से वारदात को अंजाम देने बाद भागने में प्रयोग की एक स्कॉर्पियों गाड़ी बरामद कर आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था आरोपी मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ दिन पूर्व खनन विभाग ने मनीष का डंपर व ट्राली खनन विभाग ने जब्त की थी। उन्हें गांव के नरेंद्र, अनीप और विनोद पर खनन विभाग में शिकायत करने का शक था। इसकी रंजिश रखते हुए दोनों ने फरार साथी आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचकर उक्त वारदात को अंजाम दिया था। *यह है मामला;* थाना समालखा में डिकाडला निवासी विरेंद्र पुत्र फतेह सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वे पांच भाई है। 10 जून को रात करीब 9 बजे वह अपने छोटे भाई जितेंद्र के साथ समालखा में अपने हॉस्पिटल में था। तभी उनके पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी की उसके भाई नरेंद्र व उसके दोस्त विनोद व अनीप पर जानलेवा हमला कर दिया है। तीनों को काफी चोटे आई है और उनकी हालत गंभीर है। वह भाई जितेंद्र व दोस्त परवीन के साथ तभी गांव के लिए निकल लिया। वे तीनों गाड़ी से जीटी रोड पर पहुचें तो गांव निवासी कुछ युवक गांड़ी से नरेंद्र को लेकर आए। उसको देखकर गाड़ी रोक ली औ वह उसी गाड़ी में बैठ गया। नरेंद्र को माथे पर चोट लगी थी। नरेंद्र, विनोद व अनीप को इलाज के लिए पहले ऑर्टियोस हॉस्पिटल लेकर गए। वहा से बाद में सिविल अस्पताल लेकर गए जहा डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। विरेंद्र ने शिकायत में बताया कि रास्ते में उसके भाई नरेंद्र ने दर्द से कहराते हुए बताया था गांव निवासी मनीष, संदीप, रविंद्र, नवीन, तुषार, सचिन, नीरज, राजबीर व आटा निवासी सूरज ने मिलकर पुरानी रंजिश रखते हुए गाड़ी से कुचलकर टक्कर मारी। नरेंद्र ने उसको बताया था कि वह शाम को हरिद्वार से वापिस आने के बाद देर शाम करीब 8 बजे दोस्त विनोद व अनीप के साथ खेतों में सैर करने गया था। वे तीनों सैर कर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर लोट रहे थे। तभी आटा गांव की और से मनीष स्कार्पियों में अपने उक्त दोस्तों के साथ आया और पास से गुजर गए। कुछ देर बाद वही गाड़ी पीछे से आई और जान से मारने की नीयत से स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारकर आरोपी गाड़ी से नीचे उतरे और डंडे व लात घूस्सों से मारपीट की। आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ महीने पहले उसका ट्रैक्टर ट्राली माइनिंग में जब्त हुआ था। मनीष इसका शक नरेंद्र पर करता था। इसी की रंजिश रखते हुए मनीष ने अपने उक्त साथी आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की उक्त वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने विरेंद्र की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना समालखा में अभियोग दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।

Israna, Panipat | Jul 9, 2026