*उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की ऋण स्वीकृति-सह-भुगतान शिविर एवं मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित*
सहरसा, 19 अगस्त 2026
आज दिनांक 19 अगस्त 2026 को उप विकास आयुक्त, सहरसा श्री गौरव कुमार (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं यथा पीएमएफएमई, पीएमईजीपी एवं पीएम विश्वकर्मा के अंतर्गत ऋण स्वीकृति-सह-भुगतान शिविर एवं मासिक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, सहरसा श्री मुकेश कुमार द्वारा पीएमएफएमई योजना की प्रगति से संबंधित जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिले के कुल 156 के लक्ष्य के विरुद्ध 38 ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से मात्र 12 लाभुकों को ऋण का भुगतान किया गया है। योजना के अंतर्गत कुल 426 आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिनमें से 122 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं तथा 266 आवेदन वर्तमान में बैंकों के स्तर पर लंबित हैं। उप विकास आयुक्त महोदय द्वारा सभी बैंकों के प्रतिनिधियों को लंबित आवेदनों का यथाशीघ्र नियमानुसार निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, आवेदनों के अस्वीकृत होने की अधिक संख्या के कारणों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को दिया गया। उन्होंने सभी उद्योग विस्तार पदाधिकारियों एवं जिला संसाधन व्यक्तियों (DRP) को निर्देश दिया कि ऋण भुगतान में लाभुकों के दस्तावेजों अथवा अन्य प्रक्रियागत समस्याओं का हैंड होल्डिंग करते हुए बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान कराया जाए। बैंकों को सख्त निर्देश देते हुए उप विकास आयुक्त महोदय ने कहा कि अनावश्यक रूप से किसी भी आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाए। सभी आवेदनों पर निष्पक्षता एवं नियमानुसार समयबद्ध तरीके से गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए पात्र लाभुकों को ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि जिले में स्वरोजगार के अवसर बढ़ें, रोजगार के नए साधन सृजित हों तथा जिले के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को गति मिले। ऋण स्वीकृति-सह-भुगतान शिविर के दौरान कुल 06 लाभुकों को ₹30.14 लाख की ऋण स्वीकृति पत्र उप विकास आयुक्त महोदय द्वारा वितरित किए गए। स्वीकृत परियोजनाओं में मुख्य रूप से मसाला उद्योग, आटा मिल एवं पशु आहार (पशु फीड) से संबंधित परियोजनाएँ शामिल थीं। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त महोदय ने सभी लाभुकों को स्वीकृत ऋण राशि का सदुपयोग करते हुए निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उद्योग संचालित करने तथा समय पर ऋण की अदायगी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समय पर ऋण चुकाने से लाभुकों का क्रेडिट स्कोर बेहतर रहेगा, जिससे भविष्य में अपने व्यवसाय के विस्तार हेतु बैंकों से अधिक ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी।