मार्शल आर्ट भारतीय संस्कृति के अनुरूप - मोहम्मद जाकिर हुसैन
बेटियों के लिए मार्शल आर्ट जरूरी - हरिओम शर्मा
निःशुल्क बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर संपन्न
धौलपुर। टाइगर मार्शल आर्ट संस्थान द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन निःशुल्क बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह धौलपुर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष हरिओम शर्मा एवं राजस्थान बैडमिंटन संघ के कोषाध्यक्ष मोहम्मद जाकिर हुसैन के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में बालिकाओं ने भाग लेकर आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं खिलाड़ियों के प्रदर्शन के अवलोकन के साथ किया गया। इस दौरान प्रशिक्षु बालिकाओं ने कराटे, सेल्फ डिफेंस तकनीकों, पंचिंग, किकिंग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा से संबंधित कौशल का प्रदर्शन कर उपस्थित जनों की सराहना प्राप्त की।
मुख्य अतिथि मोहम्मद जाकिर हुसैन ने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव आत्मरक्षा और संयम का संदेश देती है। मार्शल आर्ट केवल खेल नहीं बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मोबाइल और फास्ट फूड की आदतों से दूर रहकर खेल एवं व्यायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने स्वर्गीय माता प्रसाद शर्मा टाइगर के उस सपने को याद किया जिसमें उन्होंने बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का संकल्प लिया था।
धौलपुर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान अत्यंत आवश्यक हो गया है। मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है बल्कि मानसिक रूप से भी आत्मविश्वास प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि टाइगर मार्शल आर्ट संस्थान द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण देकर समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
संस्थान के वरिष्ठ संस्थापक हरिमोहन शर्मा ने बताया कि शिविर के दौरान खिलाड़ियों को आत्मरक्षा के साथ-साथ अनुशासन, फिटनेस, योग, खेल भावना और व्यक्तित्व विकास के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का नियमित अभ्यास करने तथा भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धौलपुर का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
समारोह में पूर्व प्रधानाचार्य मोती सिंह लोधा, कमल सिंह तथा संस्थान के कोषाध्यक्ष देवी सिंह लोधा ने भी विचार व्यक्त करते हुए खेलों को शिक्षा के साथ जोड़ने की आवश्यकता बताई। वक्ताओं ने कहा कि खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन तथा सकारात्मक सोच का विकास होता है।
समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान संस्था के सचिव विक्रांत मुदगल, शेरा मिर्जा, कोच कृष्णा शुक्ला, भावना कश्यप, श्रद्धा शर्मा, सुधीर जैन, आयान एवं शिवा द्वारा माल्यार्पण कर किया गया।
कार्यक्रम का संचालन संस्था के रंजीत दिवाकर द्वारा किया गया तथा अंत में सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, खेल प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।